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झाड़फूंक के बहाने तांत्रिक ने किया महिला से दुष्कर्म
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:27 PM IST
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वृंदावन (मथुरा)। माधव विलास कालोनी स्थित निम्बार्क बाग आश्रम में साधुवेशधारी तांत्रिक ने उपचार की आड़ में हाथरस निवासी महिला से दुराचार किया।
तांत्रिक ने पति को पूजा के बहाने घटना स्थल से 500 मीटर दूर भेज दिया था। आरोपी निम्बार्क संप्रदाय से जुड़े महंत का पुत्र है। पुलिस ने उसके खिलाफ दुराचार और एससी एसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कर हिरासत में ले लिया है।
पति के साथ थाना हाईवे क्षेत्र में रह रही पीड़िता के शरीर में लंबे समय से दर्द था। उसकी ननद और नंदोई ने उसको सलाह दी कि वह वृंदावन के माधव विलास कालोनी स्थित निम्बार्क बाग आश्रम जाकर द्वारिकादास शिष्य कमलदास से अपना उपचार कराए। वह पति के साथ 17 जुलाई को निम्बार्क बाग आश्रम पहुंची।
साधुवेशधारी तांत्रिक से मुलाकात न होने पर दोनों 19 जुलाई को दोबारा वृंदावन पहुंचे। तांत्रिक द्वारिकादास ने झाड़ फूंक के जरिए बीमारी ठीक करने का दावा करते हुए दंपति को उपचार के बहाने रोक लिया। तांत्रिक ने बड़ी ही चालाकी से पति और उसकी 4 वर्ष की बेटी को पहली मंजिल पर ठहराकर पत्नी से अलग कर दिया।
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19-20 जुलाई को रात 2 बजे महिला और उसके पति बुलाकर तांत्रिक क्रियाएं शुरू कीं। पीड़िता का कहना है कि द्वारिकादास ने पति को एक दीपक देकर नीचे के कमरे में यह कहकर भेज दिया कि दीपक को यहां से 500 मीटर दूर कहीं रख दो। जब तक यह बुझे नहीं वहीं रहना।
इसी बीच तांत्रिक क्रिया के नाम पर महिला से दुष्कर्म किया। बेटी और पति की मौत का भय दिखाकर उसको चुप रहने को मजबूर करते हुए 20 जुलाई की दोपहर में भी दुष्कर्म किया। पीड़िता ने पति को पूरी घटना बताई।
पति उसको लेकर कोतवाली थाने पहुंचा। महिला की तहरीर पर पुलिस ने द्वारिकादास के खिलाफ दुष्कर्म के साथ साथ एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली। तांत्रिक को हिरासत में ले लिया है। द्वारिकादास ने अपने को निर्दोष बताया है।
कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार पायल ने कहा कि महिला का मेडिकल कराया है। पीड़िता का पति मथुरा में एक फैक्ट्री में काम करता है।
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तांत्रिक ने पति को पूजा के बहाने घटना स्थल से 500 मीटर दूर भेज दिया था। आरोपी निम्बार्क संप्रदाय से जुड़े महंत का पुत्र है। पुलिस ने उसके खिलाफ दुराचार और एससी एसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कर हिरासत में ले लिया है।
पति के साथ थाना हाईवे क्षेत्र में रह रही पीड़िता के शरीर में लंबे समय से दर्द था। उसकी ननद और नंदोई ने उसको सलाह दी कि वह वृंदावन के माधव विलास कालोनी स्थित निम्बार्क बाग आश्रम जाकर द्वारिकादास शिष्य कमलदास से अपना उपचार कराए। वह पति के साथ 17 जुलाई को निम्बार्क बाग आश्रम पहुंची।
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साधुवेशधारी तांत्रिक से मुलाकात न होने पर दोनों 19 जुलाई को दोबारा वृंदावन पहुंचे। तांत्रिक द्वारिकादास ने झाड़ फूंक के जरिए बीमारी ठीक करने का दावा करते हुए दंपति को उपचार के बहाने रोक लिया। तांत्रिक ने बड़ी ही चालाकी से पति और उसकी 4 वर्ष की बेटी को पहली मंजिल पर ठहराकर पत्नी से अलग कर दिया।
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19-20 जुलाई को रात 2 बजे महिला और उसके पति बुलाकर तांत्रिक क्रियाएं शुरू कीं। पीड़िता का कहना है कि द्वारिकादास ने पति को एक दीपक देकर नीचे के कमरे में यह कहकर भेज दिया कि दीपक को यहां से 500 मीटर दूर कहीं रख दो। जब तक यह बुझे नहीं वहीं रहना।
इसी बीच तांत्रिक क्रिया के नाम पर महिला से दुष्कर्म किया। बेटी और पति की मौत का भय दिखाकर उसको चुप रहने को मजबूर करते हुए 20 जुलाई की दोपहर में भी दुष्कर्म किया। पीड़िता ने पति को पूरी घटना बताई।
पति उसको लेकर कोतवाली थाने पहुंचा। महिला की तहरीर पर पुलिस ने द्वारिकादास के खिलाफ दुष्कर्म के साथ साथ एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली। तांत्रिक को हिरासत में ले लिया है। द्वारिकादास ने अपने को निर्दोष बताया है।
कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार पायल ने कहा कि महिला का मेडिकल कराया है। पीड़िता का पति मथुरा में एक फैक्ट्री में काम करता है।