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पहली भी रहा है कच्छा बनियान गिरोह का आतंक
Updated Sun, 15 Apr 2018 10:40 PM IST
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मैनपुरी/करहल। थाना क्षेत्र में शनिवार रात डकैती की वारदात पहली नहीं है। इससे पूर्व भी कई घटनाएं हुईं हैं। सदर कोतवाली क्षेत्र में 30 जून 2016 की रात देवी रोड न्यू बस्ती में छत पर सो रहे सीआरपीएफ जवान धीरेंद्र यादव की कच्छा बनियान गिरोह के सदस्यों ने सरिया व डंडों से पीटकर हत्या करने के बाद डकैती की वारदात को अंजाम दिया था।
2016 में ही भोगांव में डकैती की एक वारदात हुई जिसमें परिजनों को बंधक बनाने के साथ मारपीट की गई। वहीं घर से लाखों के नकदी जेवर लूट लिए गए थे। कोतवाली क्षेत्र के गीता पुरम कालोनी में एक शिक्षिका के घर में डकैती की वारदात अंजाम दी गई। वहीं थाना घिरोर क्षेत्र में एक सरिया व्यापारी को मारपीट कर बदमाशों ने बांधकर डाल दिया था।
वर्ष 2017 में कोतवाली सदर में बाईपास रोड पर एक व्यापारी के घर में बदमाशों ने धावा बोलकर डकैती की वारदात अंजाम दी थी। वहीं वर्ष 2018 में भोगांव क्षेत्र में एक आश्रम में साधु को बंधक बनाकर मारपीट करने के साथ ही डकैती की वारदात को अंजाम दिया, लेकिन घटना संदिग्ध मानते हुए मामला दर्ज नहीं किया गया।
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कच्छा बनियान गिरोह के सदस्य कम आबादी वाले क्षेत्र में बने घरों को अधिकतर निशाना बनाते हैं। शहर के देवी रोड पर सीआरपीएफ जवान और करहल में नदी किनारे बसे गांव में वारदात को अंजाम दिया गया। देश की आजादी के बाद मैनपुरी को दस्यु प्रभावित क्षेत्र का दर्जा मिला था। कई डाकुओं का इटावा, भिंड, मुरैना आदि में दहशत थी। वहीं डाकू छविराम के एनकाउंटर के बाद जनपद का माहौल कुछ शांत हुआ था।
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2016 में ही भोगांव में डकैती की एक वारदात हुई जिसमें परिजनों को बंधक बनाने के साथ मारपीट की गई। वहीं घर से लाखों के नकदी जेवर लूट लिए गए थे। कोतवाली क्षेत्र के गीता पुरम कालोनी में एक शिक्षिका के घर में डकैती की वारदात अंजाम दी गई। वहीं थाना घिरोर क्षेत्र में एक सरिया व्यापारी को मारपीट कर बदमाशों ने बांधकर डाल दिया था।
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वर्ष 2017 में कोतवाली सदर में बाईपास रोड पर एक व्यापारी के घर में बदमाशों ने धावा बोलकर डकैती की वारदात अंजाम दी थी। वहीं वर्ष 2018 में भोगांव क्षेत्र में एक आश्रम में साधु को बंधक बनाकर मारपीट करने के साथ ही डकैती की वारदात को अंजाम दिया, लेकिन घटना संदिग्ध मानते हुए मामला दर्ज नहीं किया गया।
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कच्छा बनियान गिरोह के सदस्य कम आबादी वाले क्षेत्र में बने घरों को अधिकतर निशाना बनाते हैं। शहर के देवी रोड पर सीआरपीएफ जवान और करहल में नदी किनारे बसे गांव में वारदात को अंजाम दिया गया। देश की आजादी के बाद मैनपुरी को दस्यु प्रभावित क्षेत्र का दर्जा मिला था। कई डाकुओं का इटावा, भिंड, मुरैना आदि में दहशत थी। वहीं डाकू छविराम के एनकाउंटर के बाद जनपद का माहौल कुछ शांत हुआ था।