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छात्र संघ : बिना अनुमति रैली निकालने वाले 500 छात्रों पर एफआईआर

Sun, 27 Sep 2026 12:48 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Sun, 27 Sep 2026 12:48 AM IST
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Student Union: FIR against 500 students for holding a rally without permission.
हल्द्वानी।
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छात्रसंघ चुनाव में नामांकन के बाद 25 सितंबर को नैनीताल रोड पर बिना अनुमति शक्ति प्रदर्शन करने व रैली निकालने वाले करीब 500 छात्र-छात्राओं पर पुलिस ने दंगा-बलवा समेत चार धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की रोक और पहले से जारी निर्देशों के बावजूद प्रत्याशियों व समर्थकों ने रोड शो किए। वाहनों पर चढ़कर प्रचार, सड़क पर भीड़ और पुलिस से नोकझोंक के बीच यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 191(2), 223 और 281 के तहत कार्रवाई करते हुए लोगों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है।

एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के नामांकन को लेकर 25 सितंबर को नैनीताल रोड पर कई प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने रैली निकाली। पुलिस-प्रशासन की ओर से पहले ही स्पष्ट किया गया था कि नामांकन के दौरान सड़क पर रैली की अनुमति नहीं होगी और नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद एबीवीपी, एनएसयूआई और निर्दलीय प्रत्याशियों के समर्थकों की रैलियां सड़क पर पहुंचीं। कई प्रचार वाहनों पर प्रत्याशी और समर्थक छतों पर खड़े दिखाई दिए। मामला तब और बिगड़ गया जब एक रैली को रोकने पर पुलिस और समर्थकों के बीच नोकझोंक हुई। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजते हुए समर्थकों को सड़क से खदेड़ा। इस बीच आम जनता को लंबे जाम का सामना करना पड़ा।
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यह हैं धाराएं और उनके प्रावधान
धारा 126(2)-
किसी व्यक्ति को उसकी इच्छित दिशा में जाने पर गलत तरीके से रोकना। इसमें एक माह तक साधारण कारावास, 5,000 तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

धारा 191(2)-
यह धारा दंगे में घातक हथियार या ऐसी चीज लेकर शामिल होने से संबंधित है, जिससे मौत होने की संभावना हो। इसमें पांच साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
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धारा 223-
लोक सेवक की हिरासत से आरोपी या व्यक्ति के भाग निकलने की स्थिति।
धारा 281- सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही से वाहन चलाना और मानव जीवन को खतरे में डालना। इसमें छह माह तक की सजा, 1,000 तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

सभी दलों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि लिंगदोह समिति के अनुसार ही चुनाव प्रक्रिया करें। इसके बावजूद अराजकता हुई, ऐसी स्थिति में किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। वीडियो और फुटेज के आधार पर चिह्नित किया जा रहा है। डॉ. मंजुनाथ टीसी, एसएसपी, नैनीताल
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