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तहसील में लेखपाल और किसानों में मारपीट, हंगामा
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कासगंज के तहसील परिसर में किसानों व लेखपालों से हुए विवाद के बाद मौके पर पहुंचे एडीएम
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। तहसील परिसर में चल रहे किसान यूनियन के धरने के दौरान तहसील सभागार में तालाबंदी को लेकर किसानों और लेखपालों के बीच तीखी झड़प हो गई। इस झड़प ने कुछ ही देर में हंगामे के बाद जमकर मारपीट हुई। पुलिस व प्रशासनिक अफसर घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए।
किसान यूनियन का गुरुवार को धरना प्रदर्शन का छठवां दिन था। तहसील परिसर में ही किसान यूनियन के नेता और कार्यकर्ता लगातार अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी धरना प्रदर्शन के दौरान गुरुवार की सायं तहसील परिसर में हंगामे के हालात बन गए। लेखपालों ने बताया कि किसान यूनियन के लोग जबरदस्ती तहसील सभागार में ताला लगा रहे थे। जहां बैठकर लेखपाल किसान सम्मान निधि का कार्य निपटा रहे थे। लेखपालों ने जब तालाबंदी का विरोध किया तो किसानों ने हंगामा करते हुए मारपीट कर दी। जिसमें एक लेखपाल नाहर सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर अंकुर बिड़ला, कानूनगो उपेंद्र कुमार के चोटें आ गईं। आरोप है कि किसानों ने लाठियों से मारपीट की। जबकि किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष कुलदीप पांडे ने बताया कि लेखपालों ने एक किसान के थप्पड़ मार दिया था और किसान से सम्मान निधि की कार्रवाई पूरी करने के लिए 500 रुपये मांगे। किसानों ने रिश्वत देने का विरोध किया। जिसके चलते लेखपालों ने हंगामा कर दिया।
दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए और एक दूसरे को दोषी बताते रहे। मौके पर पुलिस के अलावा अपर जिलाधिकारी योगेंद्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी व अन्य अधिकारी भी पहुंच गए। अधिकारियों ने किसानों और लेखपालों से वार्ता की। किसान यूनियन को तहसील में धरना न देने के निर्देश दिए हैं। जबकि किसान यूनियन ने धरना जारी रखने बात की है। हंगामे के बाद किसान चले गए और लेखपाल रणनीति बनाने में जुटे रहे।
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किसान यूनियन का गुरुवार को धरना प्रदर्शन का छठवां दिन था। तहसील परिसर में ही किसान यूनियन के नेता और कार्यकर्ता लगातार अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी धरना प्रदर्शन के दौरान गुरुवार की सायं तहसील परिसर में हंगामे के हालात बन गए। लेखपालों ने बताया कि किसान यूनियन के लोग जबरदस्ती तहसील सभागार में ताला लगा रहे थे। जहां बैठकर लेखपाल किसान सम्मान निधि का कार्य निपटा रहे थे। लेखपालों ने जब तालाबंदी का विरोध किया तो किसानों ने हंगामा करते हुए मारपीट कर दी। जिसमें एक लेखपाल नाहर सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर अंकुर बिड़ला, कानूनगो उपेंद्र कुमार के चोटें आ गईं। आरोप है कि किसानों ने लाठियों से मारपीट की। जबकि किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष कुलदीप पांडे ने बताया कि लेखपालों ने एक किसान के थप्पड़ मार दिया था और किसान से सम्मान निधि की कार्रवाई पूरी करने के लिए 500 रुपये मांगे। किसानों ने रिश्वत देने का विरोध किया। जिसके चलते लेखपालों ने हंगामा कर दिया।
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दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए और एक दूसरे को दोषी बताते रहे। मौके पर पुलिस के अलावा अपर जिलाधिकारी योगेंद्र कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी व अन्य अधिकारी भी पहुंच गए। अधिकारियों ने किसानों और लेखपालों से वार्ता की। किसान यूनियन को तहसील में धरना न देने के निर्देश दिए हैं। जबकि किसान यूनियन ने धरना जारी रखने बात की है। हंगामे के बाद किसान चले गए और लेखपाल रणनीति बनाने में जुटे रहे।
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