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दर्दनाक: एक चिता पर पति, पत्नी और देवर का अंतिम संस्कार, मंजर देख छलक पड़े आंसू; गांव में नहीं जले चूल्हे
Fri, 21 Jun 2024 07:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 21 Jun 2024 07:01 AM IST
सार
मांट-पानीगांव मार्ग पर बुधवार को हादसे में पति, पत्नी और देवर की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव गांव पहुंचे तो चीत्कार मच गई। एक ही चिता पर जब तीनों का अंतिम संस्कार हुआ तो लोगों के आंसू छलक पड़े।
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चिता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मथुरा के नौहझील क्षेत्र के गांव चांदपुर कलां में निवासी पति-पत्नी पंकज-राधिका व देवर आकाश की बुधवार सुबह मांट-पानीगांव रोड पर हादसे में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद देर रात तीनों के शव गांव पहुंचे। यहां गमगीन माहौल में एक ही चिता पर तीनों का अंतिम संस्कार हुआ। चचेरे भाई हरिओम ने मुखाग्नि दी।
उधर, शोक के चलते गांव चांदपुर कला में बृहस्पतिवार को चूल्हे नहीं जले। परिवार में तीन मौतों के बाद सिर्फ मां ही बची है। बुधवार देर रात शव जैसे ही गांव पहुंचे वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो उठीं। इस दौरान हर कोई भगवान को कोसता नजर आया। तीनों शवों के एक साथ देखकर कई महिलाएं व पुरुष बेसुध हो गए। मां गुड्डी देवी का भी कुछ ऐसा ही हाल था। गुड्डी देवी के पति नरेंद्र सिंह की लगभग 5 वर्ष पूर्व बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। पिता की मौत के बाद दोनों बेटे परिवार की जिम्मेदारी मेहनत मजदूरी कर संभाल रहे थे। हादसे के बाद गुड्डी देवी के बुढ़ापे के सहारे छिन गए। अब दो शादीशुदा बेटियां बचीं हैं।
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उधर, शोक के चलते गांव चांदपुर कला में बृहस्पतिवार को चूल्हे नहीं जले। परिवार में तीन मौतों के बाद सिर्फ मां ही बची है। बुधवार देर रात शव जैसे ही गांव पहुंचे वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो उठीं। इस दौरान हर कोई भगवान को कोसता नजर आया। तीनों शवों के एक साथ देखकर कई महिलाएं व पुरुष बेसुध हो गए। मां गुड्डी देवी का भी कुछ ऐसा ही हाल था। गुड्डी देवी के पति नरेंद्र सिंह की लगभग 5 वर्ष पूर्व बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। पिता की मौत के बाद दोनों बेटे परिवार की जिम्मेदारी मेहनत मजदूरी कर संभाल रहे थे। हादसे के बाद गुड्डी देवी के बुढ़ापे के सहारे छिन गए। अब दो शादीशुदा बेटियां बचीं हैं।
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