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जानलेवा हमले के दोषी को सात साल की सजा
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मैनपुरी। थाना किशनी क्षेत्र में 20 साल पहले एक युवक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के दोषी को एफटीसी द्वितीय जज अवनीश गौतम ने सात साल की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद उसको हिरासत में लेकर अदालत से जेल भेजा गया है।
थाना किशनी क्षेत्र के रामनगर निवासी अमित कुमार 27 दिसंबर 1999 को सुबह आठ बजे गांव के बाहर अपने बाग की रखवाली कर रहा था। तभी गांव के कमलेश सक्सेना, प्रकाश, छेदालाल वहां पहुंच गए। कमलेश ने बाग से पेड़ काटना शुरू कर दिया। जब अमित ने विरोध किया तो कमलेश ने प्रकाश और छेदालाल की मदद से उस पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करके घायल कर दिया। अमित के पिता बैंचेलाल ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने कमलेश के खिलाफ चार्जशीट भेज दी। प्रकाश और छेदालाल का नाम निकाल दिया।
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी द्वितीय के जज अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, घायल सहित गवाहों ने घटना के समर्थन में गवाही दी। गवाही के आधार पर कमलेश को जानलेवा हमला करने का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेमचंद्र निगम ने कमलेश को कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने उसको सात साल की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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दो आरोपी कोर्ट ने तलब किए
जानलेवा हमला करने के आरोपी प्रकाश और छेदालाल को पुलिस ने निर्दोष बताकर उनकेे नाम निकाल दिए। सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेमचंद्र निगम ने उनको तलब कराने के लिए कोर्ट में आवेदन किया। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने दोनों को तलब करने केे बाद उनकी फाइल सुनवाई के लिए अलग कर दी है। दोनों के खिलाफ वारंट जारी करकेे थाना किशनी भेजे गए हैं।
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थाना किशनी क्षेत्र के रामनगर निवासी अमित कुमार 27 दिसंबर 1999 को सुबह आठ बजे गांव के बाहर अपने बाग की रखवाली कर रहा था। तभी गांव के कमलेश सक्सेना, प्रकाश, छेदालाल वहां पहुंच गए। कमलेश ने बाग से पेड़ काटना शुरू कर दिया। जब अमित ने विरोध किया तो कमलेश ने प्रकाश और छेदालाल की मदद से उस पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करके घायल कर दिया। अमित के पिता बैंचेलाल ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने कमलेश के खिलाफ चार्जशीट भेज दी। प्रकाश और छेदालाल का नाम निकाल दिया।
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मुकदमे की सुनवाई एफटीसी द्वितीय के जज अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, घायल सहित गवाहों ने घटना के समर्थन में गवाही दी। गवाही के आधार पर कमलेश को जानलेवा हमला करने का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेमचंद्र निगम ने कमलेश को कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने उसको सात साल की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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दो आरोपी कोर्ट ने तलब किए
जानलेवा हमला करने के आरोपी प्रकाश और छेदालाल को पुलिस ने निर्दोष बताकर उनकेे नाम निकाल दिए। सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेमचंद्र निगम ने उनको तलब कराने के लिए कोर्ट में आवेदन किया। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने दोनों को तलब करने केे बाद उनकी फाइल सुनवाई के लिए अलग कर दी है। दोनों के खिलाफ वारंट जारी करकेे थाना किशनी भेजे गए हैं।