नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप: भुजाओं के बल पर दंपती ने बिखेरी स्वर्ण आभा, अपने-अपने वर्ग में बने चैंपियन
नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में आगरा के पति-पत्नी ने भुजाओं के बल पर स्वर्ण आभा बिखेरी। दोनों लोगों ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में पति-पत्नी के विजयी स्वर्ण की आभा जब एक-दूसरे के चेहरे पर आई तो भारोत्तोलक दंपती की बरसों की साधना पूरी हो गई। कुछ कर गुजरने की तमन्ना लिए हैदराबाद पहुंचे शहर के अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर दंपती हरदीप सिंह हीरा और सत्येंद्रेश्वरी ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। हैदराबाद में खेली गई मास्टर राष्ट्रीय भारोत्तोलन चैंपियनशिप में पति और पत्नी दोनों ने अपने-अपने वर्गों में स्वर्ण पदक जीता।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
चैंपियनशिप के 67 किलो भार वर्ग में हरदीप सिंह हीरा ने स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। चार दिन पहले पत्नी सत्येंद्रेश्वरी ने भी 106 किलो भार उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। इसके साथ ही हीरा व सत्येंद्र्रेश्वरी देश के पहले ऐसे मास्टर भारोत्तोलक दंपती हो गए। इन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। हरदीप और सत्येंद्रेश्वरी ने बताया कि हमारा सपना था कि एक साथ स्वर्ण जीतें। इसके लिए खूब मेहनत की। यह साधना पूरी हो गई।
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मेरा स्वर्ण सकारात्मक सोच का परिणाम: हीरा
एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में अंशकालिक कोच हरदीप सिंह हीरा कहते हैं कि भार उठाने से पहले मैं मानसिक रूप से खुद को पूरी तरह तैयार कर लेता हूं। खुद को युवा समझता हूं। मेरा स्वर्ण मेरी सकारात्मक सोच का नतीजा है।पति नहीं गिरने देते मनोबल: सत्येंद्रेश्वरी
शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात सत्येंद्रेश्वरी का कहना है कि हौसले उम्र के मोहताज नहीं होते। मेरे पति कभी मेरा मनोबल नहीं गिरने देते। यह स्वर्ण पदक पति के बढ़ाए गए हौसलों की देन है।यह भी पढ़ेंः- जीजा पर आया महिला का दिल: अवैध संबंधों में बाधक बना पति तो मिलकर मार डाला, बेटे का शव देख
पॉवरलिफ्टर हरदीप सिंह हीरा की उपलब्धियां
- सन 1995 में भिलाई में खेली गई नेशनल पॉवरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में रजत पदक विजेता बने।
- सन 1996 में फिनलैंड में हुई वर्ल्ड पॉवरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 2 स्वर्ण पदक और 1 रजत पदक जीतकर विश्व विजेता बने।
- सन 1997 में चेक रिपब्लिक में सीनियर ओपन वर्ल्ड भारोत्तोलन चैंपियनशिप में 8वें स्थान पर रहे।
- सन 2002 में ताइवान में खेली गई सब जूनियर और जूनियर वर्ल्ड पॉवरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारतीय टीम के कोच रहे। चैंपियनशिप में भारत ने 10 स्वर्ण, 5 रजत और 5 कांस्य पदक जीते।
सत्येंद्रेश्वरी की उपलब्धियां:
- सन 2002 में ताइवान में खेली गई जूनियर विश्व भारोत्तोलक चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।
- सन 2004 में फ्रांस में हुई सीनियर वर्ल्ड भारोत्तोलन चैंपियनशिप में 8वें स्थान पर रहीं।
- सन 2006 में काशीपुर में खेली गई नेशनल पॉवरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।
- सन 2007 में चेन्नई में खेली गई सीनियर राष्ट्रीय पॉवरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।