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राजनीति की भेंट चढ़ा म्यूजियम: एसी हुए कबाड़...तीन साल से नहीं लगी झाड़ू; 2020 में सीएम योगी ने बदला था नाम

Tue, 30 May 2023 05:15 PM IST
भूपेन्द्र सिंह देश दीपक तिवारी, आगरा
देश दीपक तिवारी, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 30 May 2023 05:15 PM IST
सार

आगरा स्थित छत्रपति शिवाजी म्यूजियम राजनीति की भेंट चढ़ गया। यहां लगाने के लिए आए एसी कबाड़ हो गए हैं। यही नहीं तीन साल से यहां झाड़ू तक नहीं लगाई गई। 2020 में सीएम योगी ने इसका नाम बदला था।

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Chhatrapati Shivaji Museum situated in Agra become victim of politics it has not been cleaned for three years
Agra: राजनीति की भेंट चढ़ा म्यूजियम: एसी हुए कबाड़...तीन साल से नहीं लगी झाड़ू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजमहल के पूर्वी गेट स्थित शिल्पग्राम पार्किंग से चंद कदम की दूरी पर बना म्यूजियम राजनीति की भेंट चढ़ गया है। वर्ष 2020 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी म्यूजियम रखवा दिया। लगा कि जल्द इसकी दशा बदल जाएगी, पर तीन साल से म्यूजियम के ढांचे में एक नई ईंट तक नहीं लगी। तब से झाड़ू भी नहीं लगवाया गया। म्यूजियम के लिए आए एसी (एयर कंडीशनर) खुले में पड़े कबाड़ हो रहे हैं।

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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था शिलान्यास

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगरा में मुगल म्यूजियम बनाने का ख्वाब देखा था। बतौर मुख्यमंत्री 2016 में उन्होंने इसका शिलान्यास किया। 141.89 करोड़ रुपये से म्यूजियम का निर्माण टाटा कंपनी को करना था। वही टाटा कंपनी जिसने नए संसद भवन का निर्माण किया है। सूबे में 2017 में सत्ता परिवर्तन हुआ। 2020 तक म्यूजियम का ढांचा व अन्य निर्माण पर 90 करोड़ रुपये खर्च भी हो गए। हालांकि करीब 70 करोड़ रुपये का भुगतान होना बताया गया।

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Chhatrapati Shivaji Museum situated in Agra become victim of politics it has not been cleaned for three years
खुले आसमान के नीचे कबाड़ हो रहे एसी - फोटो : अमर उजाला

लाखों रुपये के एसी हो रहे कबाड़ 

सितंबर 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा चुनाव से पहले मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी म्यूजियम रख दिया। तब से यहां काम बंद पड़ा है। सोमवार को अमर उजाला टीम पड़ताल के लिए पहुंची तो म्यूजियम के नाम पर ढांचा खड़ा मिला। चौकीदार ने बताया कि 3 साल से यहां झाड़ू तक नहीं लगा। बिजली कट गई। करीब 10 बीघा क्षेत्र में बनने वाले इस म्यूजियम में झाड़-फूस उग आए हैं। एक कोने में रखे लाखों रुपये कीमत के एसी कबाड़ हो रहे हैं। टाटा कंपनी के ठेकेदार ने बताया कि करीब 20 करोड़ रुपये बकाया है, इसलिए सामान की रखवाली कर रहे हैं।

दूसरी बार संशोधित होगा एस्टीमेट

म्यूजियम का निर्माण राजकीय निर्माण निगम को कराना था। नाम बदलने के बाद 2021 में प्रोजेक्ट संशोधित हुआ। लागत 31 करोड़ रुपये बढ़कर 172 करोड़ हो गई। तीन साल से काम बंद पड़ा है। जिससे सामान की कीमतें बढ़ गईं हैं। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर बृज बिहारी ने बताया कि फिर प्रोजेक्ट संशोधित (रिवाइज) करना पड़ेगा।

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Chhatrapati Shivaji Museum situated in Agra become victim of politics it has not been cleaned for three years
तीन वर्षों में नहीं हुआ एक भी काम, जहां था वहीं खड़ा म्यूजियम - फोटो : अमर उजाला

तीसरी बार होगी जांच

म्यूजियम निर्माण को लेकर तीन साल से बैठकों का दौर चल रहा है। दूसरी तरफ निर्माण की गुणवत्ता को लेकर पहले आईआईटी रुड़की की टीम ने जांच की। कुछ कमियां निकलीं। अब फिर आईआईटी बनारस की टीम जांच कर सकती है। एक जांच मंडलायुक्त अमित गुप्ता के निर्देश पर टास्क फोर्स ने भी की है।

किले में मनाई थी शिव जयंती

मुगल बादशाह औरंगजेब ने शिवाजी को आगरा में कैद किया था। यहां से शिवाजी बच निकलने में सफल हुए। जिस किले के दीवान-ए-आम में औरंगजेब ने शिवाजी का अपमान किया था, 19 फरवरी 2023 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में किले के उसी दीवान-ए-आम में शिव जयंती महोत्सव कराया गया। लाइट एंड साउंड शो भी हुआ। हालांकि इससे यहां की छत में दरारें आ गईं थीं।

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मुंबई में 100 साल पुराना शिवाजी म्यूजियम

इतिहासवेत्ता के मुताबिक, छत्रपति शिवाजी का 100 साल पुराना म्यूजियम दक्षिण मुंबई के फोर्ट विलयम में एलफिस्टन कॉलेज के सामने है। इस वस्तु संग्रहालय का निर्माण वेल्स के राजकुमार की भारत यात्रा के समय मुंबई के उद्योगपतियों ने 1922 में कराया था।
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