राजनीति की भेंट चढ़ा म्यूजियम: एसी हुए कबाड़...तीन साल से नहीं लगी झाड़ू; 2020 में सीएम योगी ने बदला था नाम
आगरा स्थित छत्रपति शिवाजी म्यूजियम राजनीति की भेंट चढ़ गया। यहां लगाने के लिए आए एसी कबाड़ हो गए हैं। यही नहीं तीन साल से यहां झाड़ू तक नहीं लगाई गई। 2020 में सीएम योगी ने इसका नाम बदला था।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजमहल के पूर्वी गेट स्थित शिल्पग्राम पार्किंग से चंद कदम की दूरी पर बना म्यूजियम राजनीति की भेंट चढ़ गया है। वर्ष 2020 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी म्यूजियम रखवा दिया। लगा कि जल्द इसकी दशा बदल जाएगी, पर तीन साल से म्यूजियम के ढांचे में एक नई ईंट तक नहीं लगी। तब से झाड़ू भी नहीं लगवाया गया। म्यूजियम के लिए आए एसी (एयर कंडीशनर) खुले में पड़े कबाड़ हो रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था शिलान्यास
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगरा में मुगल म्यूजियम बनाने का ख्वाब देखा था। बतौर मुख्यमंत्री 2016 में उन्होंने इसका शिलान्यास किया। 141.89 करोड़ रुपये से म्यूजियम का निर्माण टाटा कंपनी को करना था। वही टाटा कंपनी जिसने नए संसद भवन का निर्माण किया है। सूबे में 2017 में सत्ता परिवर्तन हुआ। 2020 तक म्यूजियम का ढांचा व अन्य निर्माण पर 90 करोड़ रुपये खर्च भी हो गए। हालांकि करीब 70 करोड़ रुपये का भुगतान होना बताया गया।
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लाखों रुपये के एसी हो रहे कबाड़
सितंबर 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा चुनाव से पहले मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी म्यूजियम रख दिया। तब से यहां काम बंद पड़ा है। सोमवार को अमर उजाला टीम पड़ताल के लिए पहुंची तो म्यूजियम के नाम पर ढांचा खड़ा मिला। चौकीदार ने बताया कि 3 साल से यहां झाड़ू तक नहीं लगा। बिजली कट गई। करीब 10 बीघा क्षेत्र में बनने वाले इस म्यूजियम में झाड़-फूस उग आए हैं। एक कोने में रखे लाखों रुपये कीमत के एसी कबाड़ हो रहे हैं। टाटा कंपनी के ठेकेदार ने बताया कि करीब 20 करोड़ रुपये बकाया है, इसलिए सामान की रखवाली कर रहे हैं।दूसरी बार संशोधित होगा एस्टीमेट
म्यूजियम का निर्माण राजकीय निर्माण निगम को कराना था। नाम बदलने के बाद 2021 में प्रोजेक्ट संशोधित हुआ। लागत 31 करोड़ रुपये बढ़कर 172 करोड़ हो गई। तीन साल से काम बंद पड़ा है। जिससे सामान की कीमतें बढ़ गईं हैं। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर बृज बिहारी ने बताया कि फिर प्रोजेक्ट संशोधित (रिवाइज) करना पड़ेगा।यह भी पढ़ें-- ढोलक-मजीरा की दोस्ती का ऐसा अंत: दोस्त की मौत से दुखी युवक जलती चिता में कूदा और लेट गया,
तीसरी बार होगी जांच
म्यूजियम निर्माण को लेकर तीन साल से बैठकों का दौर चल रहा है। दूसरी तरफ निर्माण की गुणवत्ता को लेकर पहले आईआईटी रुड़की की टीम ने जांच की। कुछ कमियां निकलीं। अब फिर आईआईटी बनारस की टीम जांच कर सकती है। एक जांच मंडलायुक्त अमित गुप्ता के निर्देश पर टास्क फोर्स ने भी की है।किले में मनाई थी शिव जयंती
मुगल बादशाह औरंगजेब ने शिवाजी को आगरा में कैद किया था। यहां से शिवाजी बच निकलने में सफल हुए। जिस किले के दीवान-ए-आम में औरंगजेब ने शिवाजी का अपमान किया था, 19 फरवरी 2023 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में किले के उसी दीवान-ए-आम में शिव जयंती महोत्सव कराया गया। लाइट एंड साउंड शो भी हुआ। हालांकि इससे यहां की छत में दरारें आ गईं थीं।यह भी पढ़ें-- पिता के खिलाफ बेटी पहुंची अदालत: बोली- मुझे शादी करने के लिए दें 15 लाख, भरण-पोषण