खेत में कैसे बढ़े पैदावार, जब डीएपी में मिट्टी और पोटाश में हो रही मौरंग की मिलावट
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आगरा में मिलावटखोर मिलावट से बाज नहीं आ रहे। कृषि विभाग की जांच में डीएपी, पोटाश में मिलावट पकड़ी गई है। इससे फसल की पैदावार भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में कृषि विभाग किसानों को मिलावटी खाद से बचने और पहचान के लिए जागरूक कर रहा है।
जिले में 645 खाद-बीज की दुकान हैं। साल में करीब 80 हजार टन खाद की खपत है। बुवाई के वक्त मोटे मुनाफे के लिए मिलावट कर रहे हैं। कृषि विभाग ने पिछले साल शमसाबाद में मिलावटी खाद का गोदाम पकड़ा था। यहां मौरंग, नमक समेत अन्य वस्तुएं पकड़ी। जांच में मिलावट की पुष्टि हुई और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
ऐसे में अब आलू और गेहूं की बुवाई शुरू हो रही है। इसके चलते खाद की जबरदस्त डिमांड रहेगी। कृषि विभाग खाद में मिलावट की पहचान करने और पंजीकृत विक्रेता के यहां से खाद लेने के प्रेरित कर रहा है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश वर्मा बताते हैं कि मिलावटी खाद के दो मामले पकड़े थे, इन पर कार्रवाई भी की है। अगर कहीं मिलावट की शिकायत मिले तो विभाग में सूचना कर सकते हैं।
खाद में ये होती है मिलावट:
- पोटाश के 50 किलो के पैकेट की कीमत 900 रुपये के करीब है। इसमें मिलावटखोर मौरंग, ईंटों का चूरा, नमक मिलाकर बेचते हैं।
ऐसे करें पहचान:
डीएपी: डीएपी के दाने को हाथ में लेकर फूंक मारें, अगर इसमें नमी आ जाती है तो वह असली है। मिलावटी दाना खुश्क रहेगा।
पोटाश: पोटाश को पानी भरे गिलास में डालें। असली पोटाश लगभग पूरी तरह से घुल जाएगा। मौरंग, चूरा नीचे बैठ जाएगा।
- पूरी कीमत देने के बाद भी मिलावटी खाद मिले तो ये किसानों के साथ ठगाई है। कृषि विभाग को कार्यशाला लगाकर जागरूक करना चाहिए।
मुख्त्यार सिंह, खंदौली
- मिलावटी खाद फसलों में लगाने पर पैदावार कम होती है। किसानों को नुकसान होता है। विभाग ऐसे विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई करे।
ठाकुर दास, सैंमरा