आगरा में कोरोना: नए स्ट्रेन की आशंका पर जांच की संख्या बढ़ाई, पांच नमूने लखनऊ भेजे गए
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर के खतरे को देखते हुए शासन जीनोम सीक्वेंसिंग करा रहा है। इसमें हर शहर से रेंडमली नमूने लिए जा रहे हैं। आगरा से पांच मरीजों के नमूने किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ जांच के लिए भेजे गए हैं। उधर, नए स्ट्रेन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने रोजाना हो रही कोरोना जांच की संख्या बढ़ा दी है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर जांच की जा रही है। गैर राज्यों से आने वाले लोगों की कोरोना जांच का दायरा बढ़ाया गया है। हालांकि प्रशासन ने किसी मरीज में अभी तक नए स्ट्रेन की पुष्टि नहीं की है।
एसएन मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती अग्रवाल ने बताया कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों से 12 से 59 साल के 5 मरीजों का नमूना लेकर भेजा गया है। इनमें शाहगंज के 12 साल के किशोर, ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी 30 साल के युवक, बोदला निवासी 55 साल के अधेड़, बाईपास सिकंदरा निवासी 59 साल के बुजुर्ग और सेंट्रल जेल के 35 साल के कैदी का नमूना शामिल है। केजीएमयू में जांच करने के बाद ही पता चलेगा कि वही पुराना स्ट्रेन वाला वायरस है या फिर कोई नया स्ट्रेन है।
आगरा में दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन मिल चुका
आगरा में दक्षिण अफ्रीका स्ट्रेन का एक मामला मिला है। मरीज 26 साल की कमला नगर निवासी महिला जनवरी में दक्षिण अफ्रीका की यात्रा करके लौटी थीं। बुखार आने पर दिल्ली गेट के निजी अस्पताल में इलाज कराया।
मरीजों के नमूने लखनऊ भेजे- प्राचार्य
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि कोरोना वायरस के स्ट्रेन का पता करने के लिए पांच मरीजों के नमूने लखनऊ भेज दिए हैं। यहां जांच के बाद वायरस की सही स्थिति पता चलेगी।
कोरोना जांच की संख्या बढ़ाई, अब रोजाना 2500 जांच
प्रभारी जिलाधिकारी जे रीभा ने बताया कि जांचों की संख्या बढ़ा दी गई है। 2000 से 2500 तक जांच रोज हो रही हैं। इन्हें 3000 तक किया जाएगा। कांटेक्ट सर्विलांस टीमों को फिर सक्रिय कर रहे हैं। गंभीर लक्षण वाले मरीजों के लिए एसएन में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।