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UP: बीमा कंपनी से 17 साल लड़ी लड़ाई...उपभोक्ता आयाेग से वादी के हक में फैसला, मिला 8.55 लाख रुपये का चेक
Sat, 01 Nov 2025 10:21 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 01 Nov 2025 10:21 PM IST
सार
फैक्टरी की ओर से रूस से माल मंगाया गया था। इस सामान का बीमा था। सामान क्षतिग्रस्त होने पर फैक्टरी संचालक ने क्लेम किया तो बीमा कंपनी ने इसे निरस्त कर दिया। इसके बाद मामला उपभोक्ता आयोग में पहुंचा।
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उपभोक्ता आयोग ने दिए निर्देश।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रूस से मंगाए गए सामान का बीमा होने के बाद भी कंपनी ने नुकसान की भरपाई नहीं की। मैसर्स मारसन्स इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक ने 14 मार्च 2008 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में वाद दायर किया था। फैसला उनके पक्ष में आने के बाद कंपनी ने राज्य उपभोक्ता आयाेग में अपील कर दी। वहां भी निराशा हाथ लगी है। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार ने दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से 8.55 लाख रुपये का चेक जमा कराकर वादी को सौंपा।
दिल्ली गेट निवासी और मैसर्स मारसन्स इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर वीके जैन ने आयोग में वाद दायर किया था। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी विद्युत ट्रांसफार्मर का कई देशों में निर्यात करती है। रूस से कार्गो इलेक्ट्रिकल स्टील शीट का आयात किया जाता था।
माल जलयान के माध्यम से मुंबई बंदरगाह पर उतारने के बाद सड़क मार्ग से फैक्टरी में आता था। 14 अप्रैल 2006 को आए सामान का उन्होंने दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया था। फैक्टरी में माल आने पर देखा तो क्षतिग्रस्त मिला। उन्होंने कंपनी से क्लेम किया। बिना कारण बताए कंपनी ने क्लेम निरस्त कर दिया था।
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दिल्ली गेट निवासी और मैसर्स मारसन्स इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर वीके जैन ने आयोग में वाद दायर किया था। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी विद्युत ट्रांसफार्मर का कई देशों में निर्यात करती है। रूस से कार्गो इलेक्ट्रिकल स्टील शीट का आयात किया जाता था।
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माल जलयान के माध्यम से मुंबई बंदरगाह पर उतारने के बाद सड़क मार्ग से फैक्टरी में आता था। 14 अप्रैल 2006 को आए सामान का उन्होंने दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया था। फैक्टरी में माल आने पर देखा तो क्षतिग्रस्त मिला। उन्होंने कंपनी से क्लेम किया। बिना कारण बताए कंपनी ने क्लेम निरस्त कर दिया था।
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