फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Conspiracy to grab the land of IG's bungalow two agreements were made five years ago

UP: आईजी के बंगले की जमीन को हथियाने की साजिश,  पांच साल पहले भी हुए दो इकरारनामे; जांच में खुलासा

Sat, 21 Jun 2025 10:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 21 Jun 2025 10:18 AM IST
सार

आईजी के बंगले की जमीन को हथियाने की साजिश लंबे समय से की जा रही है। जांच में पता चला है कि पांच साल पहले भी दो इकरारनामे हुए। 
 

विज्ञापन
Conspiracy to grab the land of IG's bungalow two agreements were made five years ago
agra police - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के आईजी-डीआईजी के बंगले की जमीन पर भूमाफिया की लंबे समय से नजर है। पांच साल पहले भी इसी भूमि के दो इकरारनामे हुए थे। पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आई है।
विज्ञापन


नाई की मंडी के केस में आरोपी इकबाल खां, इरशाद खां, फिरोज खां, दिलशाद खां, फैसल खां ने यह इकरारनामे किए थे। इसके बाद तीसरा इकरारनामा इन्हीं लोगों ने सौरभ अग्रवाल और शाहिद रजा के नाम किया। मई 2025 में इसी मामले में अदालत के आदेश पर दो एफआईआर दर्ज हुईं, जिनकी विवेचना ही चल रही है।
विज्ञापन


प्रतीक्षा एन्क्लेव निवासी राकेश कुमार ने दो केस दर्ज कराए थे। आरोपियों ने 17 मार्च 2020 को दो इकरारनामे किए। इनमें एक 2,074 वर्ग मीटर जमीन तथा दूसरा 3,687 वर्ग मीटर जमीन का था। दोनों की एवज में पांच लाख नकद व आठ लाख के चेक दिए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  रफ्तार का कहर: बाइक की टंकी फटी, बिखर गए पुर्जे, जिस तरह हुई दो दोस्तों की मौत, देखकर कांप गए लोग


 
Trending Videos

इकरारनामे में राकेश कुमार के दोस्त राकेश शर्मा भी शामिल थे। 16 मई 2024 को राकेश शर्मा का देहांत हो गया। इसके बाद राकेश कुमार ने आरोपियों से इकरारनामे में बदलाव करने को कहा तो वह तैयार नहीं हुए। इसी बीच उन्होंने सौरभ बंसल से सौदा कर दिया। इसके बाद ही राकेश ने केस दर्ज कराए।

ये भी पढ़ें -   UP: दो बेटे और एक बेटी...तीनों ही IAS अधिकारी, ये हैं 80 वर्षीय सत्यवती, जो योग से लोगों को बना रहीं निरोग
 

तहसील में सक्रिय माफिया से गठजोड़
आरोपियों ने सदर तहसील में सक्रिय गिरोह से तार जुड़े थे। यही कारण है कि मार्च 2024 में इकबाल खां, इरशाद खां, फिरोज खां, दिलशाद खां, फैसल खां ने तहसील में नामांतरण कराया था। जो निरस्त हो चुका है, जबकि नाई की मंडी थाने में दर्ज दो केसों में वर्ष 2020 में जमीन के इकरारनामा कराने का आरोप है।

इससे साफ है कि नामांतरण से पहले ही आरोपियों ने दो इकरारनामे कर दिए थे। उन्हें पूरा भरोसा होगा कि नामांतरण तो वह करवा ही लेंगे। दूसरी ओर, नाई की मंडी के धोखाधड़ी के केस में फंसने के बाद कारोबारी सौैरभ बंसल ने खुद को बचाने के लिए रकाबगंज थाने में अपनी फर्म बिग डैडी के साझीदारों पर ही केस दर्ज करा दिया, ताकि खुद को बचा सके। केस में उसने कपिल अग्रवाल, सनी जैन और प्रशांत जैन को आरोपी बनाया। प्रशांत जैन इकरारनामे में गवाह बना था। पुलिस की जांच में सनी जैन का आपराधिक इतिहास मिला है। वह वर्तमान में जेल में है। वह बर्तन वाले कारोबारी का करीबी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed