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Agra News: पीने को पानी, न खाने को चारा...गोवंशों के लिए गोशाला जैसे कैदखाना; भूख-प्यास से दम तोड़ रहे गोवंश
Mon, 14 Aug 2023 12:29 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 14 Aug 2023 12:29 AM IST
सार
आगरा में गोशाला में पीने को पानी, न खाने को चारा है। यहां गोशाला गोवंशों के लिए कैदखाना जैसे है। गोवंश भूख-प्यास से दम तोड़ रहे हैं।
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Agra News: गोशाला में मृत पड़ा गोवंश
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में गोशाला की स्थिति बदहाल है। इनमें पीने को पानी, न खाने को चारा है। इसी कड़ी में अछनेरा स्थित गोबरा गांव में बनी गोशाला बदहाल है। गोवंशों के लिए यह कैदखाना बन गई है। भूख-प्यास से यहां गोवंश दम तोड़ रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर रविवार को जनप्रहरी पहुंचे, तो गोवंश संरक्षण की हकीकत सामने आई।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की कमान संभालते ही गोवंश संरक्षण का नारा दिया था। छह साल बाद भी गोवंश संरक्षित नहीं हो सका। ग्रामीण क्षेत्रों में गोशालाएं गोवंश के लिए कैदखाना बन गई हैं। गोबरा निवासी राकेश कुमार, जय सिंह, सतीश, ज्ञान सिंह, लाल चंद, फौरन सिंह आदि ने बताया कि एसडीएम, बीडीओ व अन्य अधिकारियों से लगातार शिकायत करने के बाद भी गोशाला में गोवंश की दुर्दशा नहीं रुकी।
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जनप्रहरी संस्था को निरीक्षण के लिए बुलाया। जनप्रहरी संयोजक नरोत्तम सिंह शर्मा ने बताया कि आठ से दस गोवंश गोशाला में मृत मिले। शवों का निस्तारण भी उचित नहीं था। भूख-प्यास से गोवंश मर रहे हैं। न खाने को चारा है, न पीने के लिए साफ पानी।
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जनप्रहरी के निरीक्षण के बाद किरावली तहसीलदार हरीश चौधरी गोशाला पहुंचे। उन्होंने बताया कि 3 गोवंश की मृत्यु हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान भूरी सिंह की पत्नी के नाम गोशाला संचालन का ठेका है। गोशाला में 491 गोवंश है। डीएम नवनीत सिंह चहल ने इस संबंध में गोशाला की जांच कराने और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की बात कही है।