ताज महोत्सव: कॉमेडियन अमित टंडन के व्यंग सुन ठहाकों से गूंजा सदन, सिंगर मधुश्री ने बांधा समां
ताज महोत्सव में कॉमेडियन अमित टंडन के व्यंग सुन सदन ठहाकों से गूंज उठा। वहीं सिंगर मधुश्री ने अपनी आवाज से समां बांध दिया।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में ताज महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार की शाम सूरसदन प्रेक्षागृह में ठहाके गूंजे। स्टैंड अप कॉमेडियन अमित टंडन ने जब हास्य व्यंग की फुलझड़ियां चलाईं तो दर्शक हंसते-हंसते लोटपोट हो गए।
स्टैंड अप कॉमेडियन अमित टंडन ने परिवार के किस्से सुनाए। अपने जमाने में बच्चों के व्यवहार को नए जमाने के बच्चों के व्यवहार, घर में मेहमान आने पर बच्चों की प्रतिक्रिया और मासूमियत को व्यंग्य के माध्यम से श्रोताओं के बीच रखा। परिवार पर हास्य कथा भी सुनाई। शाम 7 से 8 बजे तक सूरसदन में युवा हंसी के ठहाके लगाते रहे।
इससे पहले मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने अमित टंडन को सम्मानित किया। इस दौरान एडीजी जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान हाल खचाखच भरा रहा।
ताज महोत्सव के दूसरे दिन भी जबरदस्त पहुंची भीड़
ताज महोत्सव में सिंगर मधुश्री भट्टाचार्य ने जैसे ही संगीत के तराने छेड़े तो लोगों के दिलों की तराने भी गूंजने लगे । फिल्म युवा के कभी नीम नीम, कभी शहद शहद.... गाने को सुनते ही लोगों के कानों में संगीत की मिठास घुलने लगी।
मधुश्री के गाने सुनते ही ताज महोत्सव में पहुंचे। देसी विदेशी सभी पर्यटक संगीत सुन झूम और गा रहे थे। जनता का प्यार देखकर सिंगर मधु ने लंबी जुदाई चार दिनों का प्यार ओ रब्बा, इन लम्हों के दामन में, ताल से ताल मिला..... आदि गानों की एक के बाद एक प्रस्तुति दी, जिनको सुनकर दर्शकों ने दिल खोलकर सुर में सुर मिला गानों को गुनगुनाया।।
मुक्ताकाशीय मंच पर कलाकारों ने दी प्रस्तुति
ताज महोत्सव के उद्घाटन के दूसरे दिन भी लोगों की जबरदस्त भीड़ रही। सोमवार को मुक्ताकाशीय मंच पर लखनऊ से आई निधि श्रीवास्तव ने फाल्गुन को देखते हुए अवध की होली खेली तो वही प्रयागराज से आए रिचा पांडे की ग्रुप ने शिव वंदना से कार्यक्रम में शुरुआत की। कार्यक्रम में कत्थक राम भजन और सूफी नृत्य से सभी का मन मोह लिया। देर रात तक शिल्पग्राम के मुक्ताकाशीय मंच पर देर रात तक कलाकारों की प्रस्तुति चलती रही।