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UP: बैंक मैनेजर दामाद को उतारा था बेरहमी से माैत के घाट, बेटा-बेटी संग कलेक्ट्रेट बार के अध्यक्ष दोषी करार
Tue, 14 Oct 2025 09:42 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 14 Oct 2025 09:42 PM IST
सार
मामले में डॉक्टरों के पैनल से सचिन के शव का पोस्टमार्टम कराया था जिसकी वीडियाेग्राफी भी हुई थी। रिपोर्ट में गला घोंटने से दम घुटना की बात सामने आई थी। शरीर पर चोट के छह निशान मिले थे जो हल्के जले थे।
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दोषी करार दिए गए पिता-पुत्र।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के ताजगंज की रामरघु एग्जॉटिका काॅलोनी में 12 अक्तूबर 2023 को बैंक मैनेजर सचिन उपाध्याय की गला दबाकर हत्या के मामले में कोर्ट ने उनके ससुर कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र रावत, साले कृष्णा रावत और पत्नी प्रियंका उर्फ मोना को दोषी करार दिया। एडीजे-17 नितिन ठाकुर की कोर्ट में बुधवार को सजा पर सुनवाई होगी। तीनों दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। केस में सुनवाई के दाैरान अभियोजन पक्ष की तरफ से 18 गवाह पेश किए गए। पांच गवाह बचाव पक्ष ने पेश किए।
थाना मंसुखपुरा के टीकतपुरा निवासी सचिन उपाध्याय की शादी फरवरी 2015 में बालूगंज निवासी बिजेंद्र रावत की बेटी प्रियंका उर्फ मोना के साथ हुई थी। तब सचिन गुजरात में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में मैनेजर थे। मृतक के पिता केशव देव शर्मा ने 18 अक्तूबर 2023 को थाना ताजगंज में केस दर्ज कराया था। बताया था कि सचिन से प्रियंका झगड़ा करती थी। इसके कारण बेटा गुजरात से वापस आ गया।
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थाना मंसुखपुरा के टीकतपुरा निवासी सचिन उपाध्याय की शादी फरवरी 2015 में बालूगंज निवासी बिजेंद्र रावत की बेटी प्रियंका उर्फ मोना के साथ हुई थी। तब सचिन गुजरात में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में मैनेजर थे। मृतक के पिता केशव देव शर्मा ने 18 अक्तूबर 2023 को थाना ताजगंज में केस दर्ज कराया था। बताया था कि सचिन से प्रियंका झगड़ा करती थी। इसके कारण बेटा गुजरात से वापस आ गया।
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उसकी तैनाती शमसाबाद स्थित बैंक की शाखा में हो गई। वर्ष 2020 में दोनों शमसाबाद मार्ग स्थित रामरघु एग्जॉटिका में रहने लगे थे। सचिन ने सितंबर में भाई गौरव के नाम से पेट्रोल पंप के लिए आवेदन किया तो बहू ने सचिन से झगड़ा किया। 11 अक्तूबर को सचिन घर आया था। उसने सारी बातें बताई थीं। 10 बजे बेटे के साले कृष्णा रावत ने फोन करके सचिन और प्रियंका के बीच झगड़े की जानकारी दी।
उन्होंने फोन मिलाया तो स्विच ऑफ था। 12 अक्तूबर की शाम बेटे के ससुर बिजेंद्र रावत ने उन्हें फोन कर सचिन के मौत की जानकारी दी। वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि बेटे के शरीर पर चोट के निशान थे। उन्होंने सचिन की हत्या का आरोप बहू प्रियंका, उसके पिता बिजेंद्र रावत, भाई कृष्णा रावत और एक अज्ञात पर लगाया था। केस में दोषी मृतक का साला कृष्णा रावत जेल में था। पत्नी और ससुर जमानत पर चल रहे थे।
उन्होंने फोन मिलाया तो स्विच ऑफ था। 12 अक्तूबर की शाम बेटे के ससुर बिजेंद्र रावत ने उन्हें फोन कर सचिन के मौत की जानकारी दी। वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि बेटे के शरीर पर चोट के निशान थे। उन्होंने सचिन की हत्या का आरोप बहू प्रियंका, उसके पिता बिजेंद्र रावत, भाई कृष्णा रावत और एक अज्ञात पर लगाया था। केस में दोषी मृतक का साला कृष्णा रावत जेल में था। पत्नी और ससुर जमानत पर चल रहे थे।
डॉक्टरों के पैनल ने किया था पोस्टमार्टम
तत्कालीन डीसीपी सिटी ने डॉक्टरों के पैनल से सचिन के शव का पोस्टमार्टम कराया था जिसकी वीडियाेग्राफी भी हुई थी। रिपोर्ट में गला घोंटने से दम घुटना की बात सामने आई थी। शरीर पर चोट के छह निशान मिले थे जो हल्के जले थे। इस मामले में जनवरी 2024 में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। इसमें बिजेंद्र रावत को आपराधिक षड्यंत्र (धारा 201) का आरोपी बनाया था, जबकि बेटी प्रियंका और बेटे कृष्णा को हत्या और साक्ष्य मिटाने (302, 201) का आरोपी बनाया था। हत्या के पीछे पत्नी का झगड़ा दर्शाया गया था। 25 से अधिक गवाहों के साथ इलेक्ट्राॅनिक साक्ष्य भी जुटाए गए थे।
मामले में कार्रवाई
- 12 अक्तूबर, 2023 की शाम को सचिन उपाध्याय की मौत की खबर पुलिस को मिली थी। सचिन ने आत्महत्या कर ली है।
- 12 अक्तूबर, 2023 सचिन के घरवाले गांव से आए थे। उन्होंने पोस्टमार्टम की मांग की थी। रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी।
- 18 अक्तूबर 2023 को मृतक के परिजन की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। पत्नी प्रियंका रावत, साले कृष्णा रावत और कलेक्ट्रेट बार के अध्यक्ष बिजेंद्र रावत को नामजद किया।
- 20 अक्तूबर 2023 को कृष्णा रावत को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पत्नी और ससुर फरार हो गए थे। 29 अक्तूबर को बिजेंद्र रावत और प्रियंका प्रयागराज से पकड़े गए।
तत्कालीन डीसीपी सिटी ने डॉक्टरों के पैनल से सचिन के शव का पोस्टमार्टम कराया था जिसकी वीडियाेग्राफी भी हुई थी। रिपोर्ट में गला घोंटने से दम घुटना की बात सामने आई थी। शरीर पर चोट के छह निशान मिले थे जो हल्के जले थे। इस मामले में जनवरी 2024 में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। इसमें बिजेंद्र रावत को आपराधिक षड्यंत्र (धारा 201) का आरोपी बनाया था, जबकि बेटी प्रियंका और बेटे कृष्णा को हत्या और साक्ष्य मिटाने (302, 201) का आरोपी बनाया था। हत्या के पीछे पत्नी का झगड़ा दर्शाया गया था। 25 से अधिक गवाहों के साथ इलेक्ट्राॅनिक साक्ष्य भी जुटाए गए थे।
मामले में कार्रवाई
- 12 अक्तूबर, 2023 की शाम को सचिन उपाध्याय की मौत की खबर पुलिस को मिली थी। सचिन ने आत्महत्या कर ली है।
- 12 अक्तूबर, 2023 सचिन के घरवाले गांव से आए थे। उन्होंने पोस्टमार्टम की मांग की थी। रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी।
- 18 अक्तूबर 2023 को मृतक के परिजन की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। पत्नी प्रियंका रावत, साले कृष्णा रावत और कलेक्ट्रेट बार के अध्यक्ष बिजेंद्र रावत को नामजद किया।
- 20 अक्तूबर 2023 को कृष्णा रावत को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पत्नी और ससुर फरार हो गए थे। 29 अक्तूबर को बिजेंद्र रावत और प्रियंका प्रयागराज से पकड़े गए।
पुलिस को मिले थे डिजिटल साक्ष्य
मुकदमे की विवेचना निरीक्षक क्राइम राजकुमार ने की थी। मृतक का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से कराया गया था। इसमें मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हुई थी। जलाया भी गया था। पुलिस ने घर से प्रेस और कपड़े बरामद किए थे। कृष्णा रावत के बहन प्रियंका के घर पर पौन घंटे तक रुकने की पुष्टि हुई थी। डिजिटल साक्ष्य मिल गए थे। हत्या के बाद घटना को आत्महत्या दर्शाने का प्रयास किया गया था।
घर में कलह बनी वजह
सचिन के पिता केशव देव शर्मा सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। पुलिस विवेचना के मुताबिक, हत्या की वजह कलह बनी थी। पत्नी को पति का परिजन से मिलना पसंद नहीं था। विवेचना में पाया गया था कि घटना वाले दिन सचिन गांव गए थे। परिवार से मिलकर आए थे। सचिन ने भाई के नाम से पेट्रोल पंप के लिए आवेदन किया था। पत्नी इससे नाराज थी। पति के घर आने पर पत्नी ने झगड़ा किया। अपने भाई को बुला लिया था। इसके बाद ही हत्या की गई थी। पिता का कहना है कि बेटे की 11 अक्तूबर को हत्या कर दी गई थी। अगले दिन उन्हें सूचना दी गई। बिजेंद्र रावत ने डीएम से शिकायत कर रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराने का दबाव बनाया था। इस पर पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया था।
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मुकदमे की विवेचना निरीक्षक क्राइम राजकुमार ने की थी। मृतक का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से कराया गया था। इसमें मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हुई थी। जलाया भी गया था। पुलिस ने घर से प्रेस और कपड़े बरामद किए थे। कृष्णा रावत के बहन प्रियंका के घर पर पौन घंटे तक रुकने की पुष्टि हुई थी। डिजिटल साक्ष्य मिल गए थे। हत्या के बाद घटना को आत्महत्या दर्शाने का प्रयास किया गया था।
घर में कलह बनी वजह
सचिन के पिता केशव देव शर्मा सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। पुलिस विवेचना के मुताबिक, हत्या की वजह कलह बनी थी। पत्नी को पति का परिजन से मिलना पसंद नहीं था। विवेचना में पाया गया था कि घटना वाले दिन सचिन गांव गए थे। परिवार से मिलकर आए थे। सचिन ने भाई के नाम से पेट्रोल पंप के लिए आवेदन किया था। पत्नी इससे नाराज थी। पति के घर आने पर पत्नी ने झगड़ा किया। अपने भाई को बुला लिया था। इसके बाद ही हत्या की गई थी। पिता का कहना है कि बेटे की 11 अक्तूबर को हत्या कर दी गई थी। अगले दिन उन्हें सूचना दी गई। बिजेंद्र रावत ने डीएम से शिकायत कर रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराने का दबाव बनाया था। इस पर पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया था।
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