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मैनपुरीः इस मामले में CM योगी ने DM से तलब की रिपोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Wed, 14 Mar 2018 12:51 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से ठेले पर महिला की मौत और एंबुलेंस न मिलने के मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। मामले में मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव ने डीएम से मामले में जानकारी मांगी है।
डीएम मामले की दो स्तर पर जांच कर रहे हैं। एक तरफ जहां विभाग जांच करा रहा है वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारियों से जांच कराई जा रही है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव हरिहरपुर निवासी सोनी पत्नी कन्हैया लाल की सोमवार को तबीयत बिगड़ गई थी। एंबुलेंस न आने पर पति ठेले पर लेकर महिला को जिला अस्पताल पहुंचा था।
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डीएम मामले की दो स्तर पर जांच कर रहे हैं। एक तरफ जहां विभाग जांच करा रहा है वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारियों से जांच कराई जा रही है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव हरिहरपुर निवासी सोनी पत्नी कन्हैया लाल की सोमवार को तबीयत बिगड़ गई थी। एंबुलेंस न आने पर पति ठेले पर लेकर महिला को जिला अस्पताल पहुंचा था।
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सीएम योगी
- फोटो : self
समय से इलाज न मिलने के कारण यहां महिला की मौत हो गई थी। कन्हैया व उसके परिजनों ने सोनी की मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
आरोप थे कि उसकी पत्नी को समय से उपचार नहीं दिया गया। यही नहीं बीमार सोनी के लिए एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हो सकी। हद तो तब हो गई जब शव पहुंचाने के लिए भी ठेले का ही सहारा लेना पड़ा।
यहां उसे शव वाहन भी नहीं दिया गया। यह मामला जब मीडिया में आया तो प्रदेश सरकार सख्त हो गई। मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी प्रदीप कुमार से रिपोर्ट मांगी है।
वहीं शासन के प्रमुख सचिव ने भी जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मामले की जानकारी मांगी है। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान में आने के बाद विभाग तथा जिला प्रशासन भी सख्त हो गया है।
आरोप थे कि उसकी पत्नी को समय से उपचार नहीं दिया गया। यही नहीं बीमार सोनी के लिए एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हो सकी। हद तो तब हो गई जब शव पहुंचाने के लिए भी ठेले का ही सहारा लेना पड़ा।
यहां उसे शव वाहन भी नहीं दिया गया। यह मामला जब मीडिया में आया तो प्रदेश सरकार सख्त हो गई। मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी प्रदीप कुमार से रिपोर्ट मांगी है।
वहीं शासन के प्रमुख सचिव ने भी जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मामले की जानकारी मांगी है। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान में आने के बाद विभाग तथा जिला प्रशासन भी सख्त हो गया है।