सुसाइड नोट लिख क्लर्क ने खा लिया जहरः 'अधिकारी हर फाइल पर मांगते दो हजार रुपये, कर्मियों का करते हैं शोषण'
आगरा में नगर निगम में तैनात क्लर्क ने सुसाइड नोट लिखकर जहरीला पदार्थ खा लिया। लिखा कि अधिकारी हर फाइल पर दो हजार रुपये मांगते हैं। वह कर्मियों का शोषण कर रहे हैं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में नगर निगम के लोहामंडी जोन में टैक्स विभाग में कार्यरत लिपिक मनोज श्रीवास्तव ने बुधवार को आत्महत्या का प्रयास किया। लिपिक ने पहले नगर निगम की इमारत से कूदने का प्रयास किया। रोके जाने पर जहर का सेवन करने की चर्चाओं के बीच वह बेहोश हो गए। साथी कर्मचारियों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनका उपचार चल रहा है। उन्होंने आत्महत्या के प्रयास से पहले सुसाइड नोट लिखा है। इसमें नगर निगम के टैक्स विभाग के दो अधिकारियों पर भ्रष्टाचार (हर फाइल पर एक से दो रुपये मांगने) के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
नगर निगम के अधिकारियों के भ्रष्टाचार की कहानी
नगर निगम में मनोज कुमार श्रीवास्तव प्रथम श्रेणी लिपिक के पद पर तैनात हैं। लोहामंडी जोन में उनकी तैनाती है। बुधवार को उन्होंने दोपहर में नगर निगम की इमारत से कूदने का प्रयास किया। नगर निगम के कर्मचारियों ने उन्हें रोका तो उन्होंने जहर खाने की चेतावनी दी। कुछ समय बाद वह बेहोश हो गए तो उन्हें दिल्ली गेट स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। मनोज श्रीवास्तव ने सुसाइड नोट लिखा है। इसमें उन्होंने नगर निगम के कर निर्धारण अधिकारी सुभाषचंद्र भारतीय और कर अधीक्षक सोबरन सिंह के भ्रष्टाचार का जिक्र किया है।
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अधिकारी करते हैं कर्मचारियों का शोषण
लिपिक मनोज श्रीवास्तव ने सुसाइट नोट में लिखा कि हर पत्रावली पर हस्ताक्षर के लिए 1000 रुपये सोबरन सिंह और 2000 रुपये कर निर्धारण अधिकारी मांगते हैं। इस वजह से पत्रावलियों में देरी होती है। उन्होंने नगर आयुक्त को संबोधित पत्र में कहा है कि उनके पास टैक्स की 20 पत्रावलियां संजय गुप्ता के जरिए आई थीं। इनमें से चार अब भी उनके पास हैं। उन पर 5000 रुपये की रिश्वत मांगने के गलत आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने दोनों अधिकारियों पर कर्मचारियों का शोषण करने की लिखी है। कहा कि संभव है कि कोई अन्य कर्मचारी न बोले।यह आत्महत्या नहीं, मर्डर होगा
मनोज श्रीवास्तव ने पत्र को आत्महत्या (मर्डर) पत्र करार दिया है। उन्होंने लिखा है कि मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। यह आत्महत्या नहीं, बल्कि मर्डर होगा। इसके लिए व्यक्तिगत रूप से सुभाष चंद्र भारती और कर निर्धारण अधीक्षक सोबरन सिंह जिम्मेदार होंगे।यह भी पढ़ेंः- Agra News: दो हजार के नकली नोटों के साथ पकड़ा गया कारोबारी, बैंक में जमा करने पहुंचा था 2.85