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अंधेरगर्दी: भूमिगत नाले की सफाई में निकल रहीं पॉलिथीन की 5 से 6 फुट मोटी परतें

Tue, 25 May 2021 03:42 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 25 May 2021 03:42 PM IST
सार

नगर आयुक्त ने हरीपर्वत और राजा की मंडी में भूमिगत नालों की सफाई कराई तो इनमें ठोस पॉलिथीन निकलीं, जिनकी 5 से 6 फुट मोटी परत जम चुकी थी।

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Cleaning Of Underground Sewer Found 6 Feet Thick Layers Of Polythene
भूमिगत नाला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नगर निगम में नाला सफाई के लिए जिम्मेदार अपर नगर आयुक्त कागजों में इस साल 90 फीसदी और बीते साल पूरे 100 फीसदी नालों की तलीझाड़ सफाई का दावा कर रहे हैं, लेकिन नगर आयुक्त ने हरीपर्वत और राजा की मंडी में भूमिगत नालों की सफाई कराई तो इनमें ठोस पॉलिथीन निकलीं, जिनकी 5 से 6 फुट मोटी परत जम चुकी थी। ऐसे उत्पादों की पैकिंग यहां निकल रही हैं, जो 20 साल पहले ही बंद हो गए। भूमिगत नालों की सफाई के लिए सड़कों को पंक्चर करना पड़ रहा है। लोगों के अनुसार बीते 15 साल से भूमिगत नालों की सफाई तो दूर, छुआ तक नहीं गया है।

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कैलाशपुरी मोड़ से मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और मदिया कटरा होकर यह नाला हरीपर्वत पर पहुंचता है। मदिया कटरा से दिल्ली गेट होते हुए सोलिटेयर होटल तक कई प्रतिष्ठान इस नाले के ऊपर बने हुए हैं, जिस कारण लगभग 15 साल से इसकी सफाई ही नहीं हुई। मथुरा रोड पर कैलाशपुरी तक जलभराव इसी वजह से होता है। इस नाले में 6 फुट तक पॉलिथीन की परतें जमा हैं जो इन 15 वर्षों में ठोस हो चुकी हैं। सड़क पंक्चर करके मशीन चलाने पर भी कचरा इसमें से नहीं निकला। 
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पूर्व जेडएसओ चरन सिंह के मुताबिक एमजी रोड को क्रॉस करने वाले नालों की पुलिया के नीचे सफाई जब तक नहीं होगी, तब तक एमजी रोड के एक ओर के शहर में जलभराव बना रहेगा। लोहामंडी, गोकुलपुरा, अशोक नगर, कैलाशपुरी क्षेत्र का पानी एमजी रोड पार करके ही बड़े नालों में मिलता है। कचरा जमा होने के कारण पीछे के नालों में 6 फुट तक पानी भरा ही रहेगा। कौशलपुर, देवरी रोड, दीवानी, सूरसदन से पीर कल्याणी, संजय प्लेस से हरीपर्वत चौराहे तक के भूमिगत नालों की सफाई होने के बाद ही जलभराव दूर हो पाएगा।

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अतिक्रमण हटाने के लिए बनाएं सूची
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने मदिया कटरा से हरीपर्वत होकर निकल रहे सोलिटेयर नाले पर अतिक्रमणों की हालत देखी। इस पूरे नाले पर जितने अतिक्रमण हैं, उन सभी की सूची बनाकर अतिक्रमण ध्वस्त करने के निर्देश नगर आयुक्त ने दिए हैं। एक किमी की दूरी में यह नाला केवल दो जगह खुला है, जहां से फ्लोटिंग पॉलिथीन, थर्माकोल निकालकर रख देते हैं। बाकी 990 मीटर का अवैध निर्माण की वजह से नाला सिल्ट से भरा है। 

बिना अतिक्रमण हटाए नाला कैसे साफ होगा
मदिया कटरा से हरीपर्वत के बीच नाले के ऊपर कई अवैध निर्माण हैं, जिन्हें सफाई कराने के लिए हटाना जरूरी है। जब तक अवैध निर्माण ढहाए नहीं जाते, तब तक नाला साफ कैसे हो पाएगा। वहां मशीन जाने की जगह ही नहीं है। प्रतिष्ठानों के अंदर से निकल रहे नालों से सिल्ट कैसे निकलेगी। - संजय राय, पार्षद, कार्यकारिणी सदस्य, नगर निगम

सफाई के लिए मशीनों का इस्तेमाल
मैने हरीपर्वत और राजा की मंडी में भूमिगत नाले और चेंबर को देखा। लगता है कई सालों से इनकी सफाई नहीं हुई। एमजी रोड पर जहां जहां से नाले क्रॉस हुए हैं, उन सभी भूमिगत नालों और पुलिया के नीचे सफाई के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनकी सफाई से जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है। - निखिल टी फुंडे, नगर आयुक्त
 

न्यू आगरा में टूटी नाले के दीवार
सुल्तानगंज पुलिया नाले की दीवार दो जगह से ढहने के महज दो दिन के अंदर ही न्यू आगरा में नाला सफाई के दौरान नाले की दीवार टूट गई। नाला सफाई करने आई नगर निगम की जेसीबी मशीन का पहिया नाले की दीवार के पास था, लेकिन दीवार उसके दबाव को सह नहीं सकी। बेहद कमजोर और खोखली बनाई गई दीवार चंद मिनट में ही टूट गई। दीवार का 10 फुट से ज्यादा हिस्सा इसकी वजह से नाले में गिर गया। क्षेत्रीय लोगों ने नगर निगम के जेसीबी ड्राइवर के साथ इसे लेकर दुर्व्यवहार किया।

राजनगर में तीन जगह से टूटी है नाले की दीवार
अग्रसेन भवन लोहामंडी के पास राजनगर में नाले की दीवार तीन जगह से टूटी पड़ी है। क्षेत्रीय पार्षद बंटी माहौर ने नगर आयुक्त से मांग की है कि नाले की टूटी दीवार का निर्माण कराया जाए। मानसून में तेज प्रेशर में नाले के टूटे होने के कारण सड़क का कटान होने लगता है। चारों तरफ नाले का पानी भरा होने के कारण लोगों को कटान की जानकारी नहीं होती और उसमें गिरने का खतरा है। रेलवे लाइन से सटे नाले की दीवार टूटने के कारण दो साल से कई लोग इसमें गिर चुके हैं।

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