{"_id":"60ac87d8f667f06e01648741","slug":"doctor-s-advice-do-not-take-thyroid-medicine-with-milk","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चिकित्सक की सलाह: दूध के साथ न लें थायरॉइड की दवा, लापरवाही से खतरनाक हो सकती है यह बीमारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिकित्सक की सलाह: दूध के साथ न लें थायरॉइड की दवा, लापरवाही से खतरनाक हो सकती है यह बीमारी
Tue, 25 May 2021 10:45 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 25 May 2021 10:45 AM IST
सार
स्त्री रोग विभाग की डॉ. रुचिका गर्ग बताती हैं कि थायरॉयड की दवा सुबह खाली पेट लें। इसके एक घंटे पहले और बाद में कुछ नहीं खाएं। दूध के साथ इस बीमारी की दवा नहीं लेनी चाहिए
विज्ञापन
थायरॉइड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गलत खानपान और बिगड़ी दिनचर्या के कारण लोगों में थायरॉइड की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को थायरॉइड ज्यादा होने की संभावना रहती है।
एसएन मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभाग की डॉ. रुचिका गर्ग बताती हैं कि थायरॉयड की दवा सुबह खाली पेट लें। इसके एक घंटे पहले और बाद में कुछ नहीं खाएं। दूध के साथ इस बीमारी की दवा नहीं लेनी चाहिए, ऐसा करने से यह दवा असर नहीं करती है।
इस दवा को पानी के साथ खाना चाहिए। बीमारी की अनदेखी मरीज के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए इसका इलाज समय रहते हुए कराना बेहद जरूरी है। दवा शुरू करने के कम से कम दो महीने बाद ही टीएसएच जांच करानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभाग की डॉ. रुचिका गर्ग बताती हैं कि थायरॉयड की दवा सुबह खाली पेट लें। इसके एक घंटे पहले और बाद में कुछ नहीं खाएं। दूध के साथ इस बीमारी की दवा नहीं लेनी चाहिए, ऐसा करने से यह दवा असर नहीं करती है।
विज्ञापन
इस दवा को पानी के साथ खाना चाहिए। बीमारी की अनदेखी मरीज के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए इसका इलाज समय रहते हुए कराना बेहद जरूरी है। दवा शुरू करने के कम से कम दो महीने बाद ही टीएसएच जांच करानी चाहिए।
विज्ञापन
हृदय, मांसपेशियों पर होता है असर: डॉ. किशोर
फिजिशियन डॉ. अनिल किशोर बताते हैं कि थायरॉइड एक तरह की ग्रंथी होती है, जो गले के सामने श्वांस नाली के दोनों ओर होती है। जो भोजन हम खाते हैं, यह ग्रंथि उसे ऊर्जा में बदलने का काम करती है। इसके अलावा यह हृदय, मांसपेशियों, हड्डियों और कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करती है। थायरॉइड होने की ज्यादा संभावना आयोडीन की असंतुलित मात्रा से होती है।
थायरॉइड अधिक होने के लक्षण
. बहुत जल्दी थकान हो जाना।
. शरीर में कंपन होना।
. ज्यादा पसीना आना।
. आंखों में होने वाली समस्या।
. हृदय की धकड़ने बढ़ना।
कम होने के लक्षण
. शरीर में शिथिलता आना।
. शरीर में सूजन आना।
. त्वचा का शुष्क हो जाना।
. बालों का कम हो जाना।
फिजिशियन डॉ. अनिल किशोर बताते हैं कि थायरॉइड एक तरह की ग्रंथी होती है, जो गले के सामने श्वांस नाली के दोनों ओर होती है। जो भोजन हम खाते हैं, यह ग्रंथि उसे ऊर्जा में बदलने का काम करती है। इसके अलावा यह हृदय, मांसपेशियों, हड्डियों और कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करती है। थायरॉइड होने की ज्यादा संभावना आयोडीन की असंतुलित मात्रा से होती है।
थायरॉइड अधिक होने के लक्षण
. बहुत जल्दी थकान हो जाना।
. शरीर में कंपन होना।
. ज्यादा पसीना आना।
. आंखों में होने वाली समस्या।
. हृदय की धकड़ने बढ़ना।
कम होने के लक्षण
. शरीर में शिथिलता आना।
. शरीर में सूजन आना।
. त्वचा का शुष्क हो जाना।
. बालों का कम हो जाना।
इसका करें सेवन
. हरी सब्जी और फलों का सेवन ज्यादा करें।
. हर रोज कच्चा नारियल खाएं।
. रात में पानी में हरा और सूखे धनिए को डाल दें। सुबह उसे छानकर पीएं।
. सब्जी और दाल में जीरे का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें।
इनका नहीं करें सेवन
. तला हुआ भोजन कम से कम खाएं।
. चीनी और कॉफी से दूरी बनाकर रखें।
. गोभी का सेवन करने से बचें।
25 मई 2008 में मनाया गया पहले विश्व थायरॉइड दिवस
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. कैलाश चंद सारस्वत बताते हैं कि 25 मई को विश्व थायरॉइड दिवस मनाया जाता है। 7 सितंबर 2007 में मेंबर ऑफ थायरॉइड फेडरेशन इंटरनेशनल ने विश्व थायरॉइड दिवस मनाने का फैसला लिया था। पहला विश्व थायरॉइड दिवस 25 मई 2008 में मनाया गया था।
परामर्श: कोरोना काल में गर्भवती महिलाओं के लिए काम की खबर, चिकित्सक की सलाह संक्रमित है तो घबराएं नहीं...
. हरी सब्जी और फलों का सेवन ज्यादा करें।
. हर रोज कच्चा नारियल खाएं।
. रात में पानी में हरा और सूखे धनिए को डाल दें। सुबह उसे छानकर पीएं।
. सब्जी और दाल में जीरे का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें।
इनका नहीं करें सेवन
. तला हुआ भोजन कम से कम खाएं।
. चीनी और कॉफी से दूरी बनाकर रखें।
. गोभी का सेवन करने से बचें।
25 मई 2008 में मनाया गया पहले विश्व थायरॉइड दिवस
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. कैलाश चंद सारस्वत बताते हैं कि 25 मई को विश्व थायरॉइड दिवस मनाया जाता है। 7 सितंबर 2007 में मेंबर ऑफ थायरॉइड फेडरेशन इंटरनेशनल ने विश्व थायरॉइड दिवस मनाने का फैसला लिया था। पहला विश्व थायरॉइड दिवस 25 मई 2008 में मनाया गया था।
परामर्श: कोरोना काल में गर्भवती महिलाओं के लिए काम की खबर, चिकित्सक की सलाह संक्रमित है तो घबराएं नहीं...