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बिजली बिल निरस्त कराने का दावा खारिज
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मैनपुरी। एक बिजली उपभोक्ता द्वारा बकाया बिजली बिल निरस्त कराने के लिए दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया गया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद यह निर्णय सुनाया है।
बिछवां निवासी जनाब अली ने विद्युत विभाग से 2021 में घरेलू कनेक्शन मंजूर कराया। 2016 तक उसने बिजली का बिल जमा भी किया। नौ मई 2018 को 47629 रुपये का बिल विभाग ने भेजा। इसी बीच बिजली का मीटर खराब होने की शिकायत उसने विभाग में की। विभाग ने नया मीटर लगाने के बाद 331220 रुपये का बिल भेज दिया।
शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। जनाब अली ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत की। बिजली विभाग के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने विभाग का पक्ष रखते हुए बताया जो बिल दिए गए वह स्टोर रीडिंग के हैं। मीटर बदलने पर उसमें स्टोर रीडिंग मिली थी। इस लिए बिजली बिल निरस्त होने योग्य नहीं है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुभाषचंद्र कुलश्रेष्ठ, सदस्य देवेंद्र गुप्ता ने बकाया बिल निरस्त करने की याचिका को खारिज कर दिया है।
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बिछवां निवासी जनाब अली ने विद्युत विभाग से 2021 में घरेलू कनेक्शन मंजूर कराया। 2016 तक उसने बिजली का बिल जमा भी किया। नौ मई 2018 को 47629 रुपये का बिल विभाग ने भेजा। इसी बीच बिजली का मीटर खराब होने की शिकायत उसने विभाग में की। विभाग ने नया मीटर लगाने के बाद 331220 रुपये का बिल भेज दिया।
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शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। जनाब अली ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत की। बिजली विभाग के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने विभाग का पक्ष रखते हुए बताया जो बिल दिए गए वह स्टोर रीडिंग के हैं। मीटर बदलने पर उसमें स्टोर रीडिंग मिली थी। इस लिए बिजली बिल निरस्त होने योग्य नहीं है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुभाषचंद्र कुलश्रेष्ठ, सदस्य देवेंद्र गुप्ता ने बकाया बिल निरस्त करने की याचिका को खारिज कर दिया है।
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