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बिजली बिल निरस्त कराने का दावा खारिज
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मैनपुरी। बिजली बिल निरस्त कराने की उपभोक्ता द्वारा दायर की गई याचिका पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सुनवाई करने के बाद याचिका को निरस्त कर दिया है। आदेश के बाद बिजली विभाग बकाया बिल उपभोक्ता से वसूल कर सकता है।
शहर के राजीव गांधी नगर निवासी सुधीर कुमार गुप्ता ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। याचिका में कहा कि उसने आठ जनवरी 1999 को बिजली का घरेलू कनेक्शन कराया था। 2009 में उसने कनेक्शन कटवाने के लिए प्रार्थनापत्र विभाग में दिया। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 31 मई 2015 को बिजली विभाग ने 9541067 का बकाया बिल भेज दिया। याचिका में उसने बिजली बिल निरस्त किए जाने की मांग की।
बिजली विभाग के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने बिजली विभाग का उपभोक्ता आयोग में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि शिकायत करने वाले ने कनेक्शन होने के बाद भी बकाया बिल जमा नहीं किया है। मकान बंद होने के संबंध में कोई साक्ष्य जमा नहीं किया है। सुधीर गुप्ता बकाया बिल जमा नहीं करने के दोषी हैं।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुभाषचंद्र कुलश्रेष्ठ, सदस्य देवेंद्र गुप्ता ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुधीर कुमार गुप्ता की याचिका खारिज कर दी है। आदेश के बाद बिजली विभाग बकाया बिल वसूल कर सकता है।
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शहर के राजीव गांधी नगर निवासी सुधीर कुमार गुप्ता ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। याचिका में कहा कि उसने आठ जनवरी 1999 को बिजली का घरेलू कनेक्शन कराया था। 2009 में उसने कनेक्शन कटवाने के लिए प्रार्थनापत्र विभाग में दिया। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 31 मई 2015 को बिजली विभाग ने 9541067 का बकाया बिल भेज दिया। याचिका में उसने बिजली बिल निरस्त किए जाने की मांग की।
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बिजली विभाग के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने बिजली विभाग का उपभोक्ता आयोग में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि शिकायत करने वाले ने कनेक्शन होने के बाद भी बकाया बिल जमा नहीं किया है। मकान बंद होने के संबंध में कोई साक्ष्य जमा नहीं किया है। सुधीर गुप्ता बकाया बिल जमा नहीं करने के दोषी हैं।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुभाषचंद्र कुलश्रेष्ठ, सदस्य देवेंद्र गुप्ता ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुधीर कुमार गुप्ता की याचिका खारिज कर दी है। आदेश के बाद बिजली विभाग बकाया बिल वसूल कर सकता है।