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'मीट एट आगरा' में चीन की कंपनियों के प्रवेश पर रोक, 'ड्रैगन' को लगेगा 400 करोड़ का झटका
Sat, 04 Jul 2020 11:37 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 04 Jul 2020 11:37 AM IST
सार
- एफमैक ने चीन की कंपनियों को नहीं बुलाने का लिया निर्णय, अक्तूबर में होगा कार्यक्रम
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मीट एट आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के जूता निर्यातकों द्वारा चीन को झटका देने की तैयारी कर ली गई है। आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चर्स एंड एक्सपोर्ट चैंबर (एफमैक) ने मीट एट आगरा में चीन की कंपनियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस कदम से चीन को औसतन 400 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
कार्यक्रम का इस वर्ष 14 वां संस्करण होगा, यह तीन दिवसीय कार्यक्रम अक्तूबर के अंत में होगा। मशीन और कंपोनेंट्स की देश दुनिया से लगभग 225 कंपनियां शामिल होती हैं। जिसमें ताईवान, इटली, जर्मनी के अलावा चीन से करीब 20 कंपनियां भाग लेती हैं। मौजूदा हालातों को देखते हुए इस बार एफमैक ने चीन को न बुलाने का निर्णय लिया है।
संस्था ने न बुलाने का लिया निर्णय
एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि इन हालातों में संस्था ने चीन को न बुलाने के फैसला लिया है। इससे चीन का औसतन 400 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होगा। उपाध्यक्ष राजेश सहगल मे कहा कि जो हालात बीते कुछ दिनों में बने हैं, उससे ये निर्णय लेना जरूरी था। बाकी आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
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कार्यक्रम का इस वर्ष 14 वां संस्करण होगा, यह तीन दिवसीय कार्यक्रम अक्तूबर के अंत में होगा। मशीन और कंपोनेंट्स की देश दुनिया से लगभग 225 कंपनियां शामिल होती हैं। जिसमें ताईवान, इटली, जर्मनी के अलावा चीन से करीब 20 कंपनियां भाग लेती हैं। मौजूदा हालातों को देखते हुए इस बार एफमैक ने चीन को न बुलाने का निर्णय लिया है।
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संस्था ने न बुलाने का लिया निर्णय
एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि इन हालातों में संस्था ने चीन को न बुलाने के फैसला लिया है। इससे चीन का औसतन 400 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होगा। उपाध्यक्ष राजेश सहगल मे कहा कि जो हालात बीते कुछ दिनों में बने हैं, उससे ये निर्णय लेना जरूरी था। बाकी आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
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इसमें सरकार का समर्थन जरूरी
संस्था के उपाध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा कि इस समय रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर ध्यान होना चाहिए। इसमें सरकार का समर्थन आवश्यक है। तभी हम मौके का फायदा ले पाएंगे।
- 150 जूता निर्यात इकाइयां हैं शहर में
- 3375 करोड़ रुपये का निर्यात
- 80 फीसदी यूरोपियन देशों में आपूर्ति
उधर, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने चीन को झटका दिया है। कानपुर और आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए चीन की कंपनी को अयोग्य माना है। मेट्रो ट्रेन बनाने का ठेका बॉम्बार्डियर इंडिया कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी के गुजरात स्थित प्लांट से आगरा और कानपुर मेट्रो ट्रेनों की सप्लाई की जाएगी, जो ‘मेक इन इंडिया’ मुहिम को मजबूती देगी।
संबंधित खबर- 'ड्रैगन' को झटका: चीन की कंपनी अयोग्य करार, बॉम्बार्डियर इंडिया बनाएगी आगरा मेट्रो
- 150 जूता निर्यात इकाइयां हैं शहर में
- 3375 करोड़ रुपये का निर्यात
- 80 फीसदी यूरोपियन देशों में आपूर्ति
उधर, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने चीन को झटका दिया है। कानपुर और आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए चीन की कंपनी को अयोग्य माना है। मेट्रो ट्रेन बनाने का ठेका बॉम्बार्डियर इंडिया कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी के गुजरात स्थित प्लांट से आगरा और कानपुर मेट्रो ट्रेनों की सप्लाई की जाएगी, जो ‘मेक इन इंडिया’ मुहिम को मजबूती देगी।
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