'ड्रैगन' को झटका: चीन की कंपनी अयोग्य करार, बॉम्बार्डियर इंडिया बनाएगी आगरा मेट्रो
- गुजरात के प्लांट में बनेंगी आगरा और कानपुर की मेट्रो ट्रेनें
- ‘मेक इन इंडिया’ मुहिम को मजबूती देगा यह फैसला
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कानपुर और आगरा दोनों ही मेट्रो परियोजनाओं में 67 ट्रेनों की सप्लाई होगी, जिनमें से प्रत्येक ट्रेन में तीन कोच होंगे। 39 ट्रेनें कानपुर और 28 ट्रेनें आगरा के लिए होंगी। एक ट्रेन की यात्री क्षमता लगभग 980 होगी यानी प्रत्येक कोच में लगभग 315-350 लोग यात्रा कर सकेंगे।
बिड में चार कंपनियों ने लिया था हिस्सा
रोलिंग स्टॉक्स और सिग्नलिंग सिस्टम के लिए इंटरनेशनल बिडिंग की गई थी, जिसमें चार अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने हिस्सा लिया। बिड में शामिल चीनी कंपनी को अयोग्य घोषित कर दिया गया।
योगी सरकार ने आगरा में 2021 तक मेट्रो चलाने का वादा किया है। इसके यार्ड के लिए फतेहाबाद रोड पर जमीन चिन्हित की गई है। शहर में दो रूट पर मेट्रो चलेगी। दोनों तय किए जा चुके हैं।
डेढ़ साल में होगी मेट्रो ट्रेन सेट की सप्लाई
कानपुर और आगरा में पहले मेट्रो ट्रेन सेट की सप्लाई के लिए 65 हफ्तों की समय-सीमा तय की गई है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि कानपुर और आगरा के लिए प्रस्तावित मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम में मेट्रो की स्पीड 80 किमी./घंटा निर्धारित की गई है, जबकि मेट्रो ट्रेनों की अधिकतम क्षमता 90 किमी./घंटा होगी। ऑटोमैटिक ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (सीएटीएस) होगा।
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