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Agra News: गलत इलाज से छत्तीसगढ़ प़ुलिस के जवान की मौत का आरोप
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आगरा। हाथरस के अस्पताल के चिकित्सकों के गलत इलाज से छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान की मौत का आरोप लगाया गया है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर थाना सिकंदरा में प्राथमिकी लिखी गई है। सोमवार को भगवान टॉकीज चौराहा स्थित एक रेस्तरां में मृतक के भाई महीपाल सिंह ने प्रेसवार्ता कर यह जानकारी दी।
कृष्णापुरम केके नगर निवासी महीपाल सिंह ने बताया कि सादाबाद निवासी उनके भाई महाराज सिंह (40) छत्तीसगढ़ पुलिस में जवान थे। बीते साल नवंबर में छुट्टी पर आने के बाद बीमार हो गए। उन्हें सादाबाद स्थित भगवती प्रसाद उपाध्याय चिकित्सालय के विनय उपाध्याय और कमल उपाध्याय को दिखाया। उन्होंने अस्पताल में संचालित पैथोलाॅजी में ही जांच कराई। मगर इलाज से भाई की हालत खराब होने लगी। आगरा इलाज के लिए लाते वक्त 21 नवंबर को रास्ते में मौत हो गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में पता चला कि दोनों ही डॉक्टर नहीं हैं। उन्होंने थाना सिकंदरा में शिकायत की। मगर कार्रवाई नहीं हुई। इस पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। तब प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी समझौता करने के लिए धमका रहे हैं। मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री के यहां भी शिकायत की है। प्रेसवार्ता में गीतम सिंह, पूनम चौधरी मौजूद रहे।
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इस संबंध में कमल उपाध्याय का कहना है कि गलत इलाज का आरोप निराधार है। जांच भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने किसी तरह की लापरवाही नहीं पाई। मरीज को देखा गया था। इसके बाद चला गया था। सादाबाद के अस्पताल में भर्ती रहा। घटना के समय मरीज के परिजन ने हंगामा किया था। इस पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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कृष्णापुरम केके नगर निवासी महीपाल सिंह ने बताया कि सादाबाद निवासी उनके भाई महाराज सिंह (40) छत्तीसगढ़ पुलिस में जवान थे। बीते साल नवंबर में छुट्टी पर आने के बाद बीमार हो गए। उन्हें सादाबाद स्थित भगवती प्रसाद उपाध्याय चिकित्सालय के विनय उपाध्याय और कमल उपाध्याय को दिखाया। उन्होंने अस्पताल में संचालित पैथोलाॅजी में ही जांच कराई। मगर इलाज से भाई की हालत खराब होने लगी। आगरा इलाज के लिए लाते वक्त 21 नवंबर को रास्ते में मौत हो गई।
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उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में पता चला कि दोनों ही डॉक्टर नहीं हैं। उन्होंने थाना सिकंदरा में शिकायत की। मगर कार्रवाई नहीं हुई। इस पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। तब प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी समझौता करने के लिए धमका रहे हैं। मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री के यहां भी शिकायत की है। प्रेसवार्ता में गीतम सिंह, पूनम चौधरी मौजूद रहे।
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इस संबंध में कमल उपाध्याय का कहना है कि गलत इलाज का आरोप निराधार है। जांच भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने किसी तरह की लापरवाही नहीं पाई। मरीज को देखा गया था। इसके बाद चला गया था। सादाबाद के अस्पताल में भर्ती रहा। घटना के समय मरीज के परिजन ने हंगामा किया था। इस पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी।