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UP: नीति में होगा बदलाव...स्क्रैप सेंटर कटने पहुंचेंगे पुराने वाहन, प्रदूषण पर लगेगा अंकुश
Sat, 31 May 2025 08:40 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 31 May 2025 08:40 AM IST
सार
पुराने वाहनों पर कागजों में प्रतिबंध लग गया लेकिन सड़कों पर असर अधिक नजर नहीं आया। इसकी वजह पुराने वाहनों पर कोई ठोस कार्रवाई न होना रहा, क्योंकि स्क्रैप करने की सुविधा नहीं थी।
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आगरा आरटीओ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में 15 साल पुराने वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध है। स्क्रैप नीति की वजह से पुराने वाहन सीधे नहीं काटे जा रहे। अब प्रशासन और संभागीय परिवहन विभाग ने नीति में बदलाव के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। नीति में कई बदलाव करने के सुझाव दिए है खासतौर से नीलामी प्रक्रिया के संबंध में। जून माह के दूसरे सप्ताह तक नई नीति लागू होने से पुराने वाहनों को स्क्रैप सेंटर आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। पुराने वाहनों का संचालन पर प्रभावी अंकुश से प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण को लाभ पहुंचेगा।
प्रदूषण का ग्राफ कम करने और पर्यावरण सुरक्षा के लिए टीटीजेड में 15 साल पुराने वाहनों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। पुराने वाहनों पर कागजों में प्रतिबंध लग गया लेकिन सड़कों पर असर अधिक नजर नहीं आया। इसकी वजह पुराने वाहनों पर कोई ठोस कार्रवाई न होना रहा, क्योंकि स्क्रैप करने की सुविधा नहीं थी। डेढ़ साल पहले आगरा में पहला स्क्रैप सेंटर खोला गया। इसके बाद भी सड़कों पर पुराने वाहनों की संख्या कम नहीं हुई क्योंकि वाहन स्क्रैप करने की नीति में नीलामी की प्रक्रिया जटिल है। अब इसमें बदलाव के लिए टीटीजेड अथारिटी को प्रस्ताव भेजा गया है।
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प्रदूषण का ग्राफ कम करने और पर्यावरण सुरक्षा के लिए टीटीजेड में 15 साल पुराने वाहनों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। पुराने वाहनों पर कागजों में प्रतिबंध लग गया लेकिन सड़कों पर असर अधिक नजर नहीं आया। इसकी वजह पुराने वाहनों पर कोई ठोस कार्रवाई न होना रहा, क्योंकि स्क्रैप करने की सुविधा नहीं थी। डेढ़ साल पहले आगरा में पहला स्क्रैप सेंटर खोला गया। इसके बाद भी सड़कों पर पुराने वाहनों की संख्या कम नहीं हुई क्योंकि वाहन स्क्रैप करने की नीति में नीलामी की प्रक्रिया जटिल है। अब इसमें बदलाव के लिए टीटीजेड अथारिटी को प्रस्ताव भेजा गया है।
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आरटीओ (प्रशासन) अरुण कुमार ने बताया कि नए प्रस्ताव के तहत एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जो पुराने वाहनों के स्क्रैप का समाधान करेगी। नीलामी प्रक्रिया में बाहरी व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाएगा सिर्फ स्क्रैप सेंटर संचालकों को बोली लगाने का मौका दिया जाएगा। वाहन स्क्रैप करने से मिलने वाली धनराशि के लिए एक जॉइंट एकाउंट खोला जाएगा। वाहन स्वामी को धनराशि लेने के लिए सूचना दी जाएगी। कोई वाहन स्वामी धनराशि लेने नहीं आता है, तो सड़क सुरक्षा व अन्य योजनाओं पर रुपया खर्च किया जाएगा।
डेढ़ साल में मात्र 535 पुराने वाहन स्क्रैप
जिले में डेढ़ साल के अंदर मात्र 535 पुराने वाहन स्क्रैप सेंटर पर पहुंचे हैं, जिनको नष्ट किया गया है। जबकि हर वर्ष एक से दो लाख पुराने वाहन आरटीओ अपने रिकाॅर्ड से हटा रहा है। कागजों में खत्म होने के बाद भी पुराने वाहन सड़कों पर दौड़ रहे है। इस बात को आरटीओ के अधिकारी भी स्वीकार करते हैं।
जिले में डेढ़ साल के अंदर मात्र 535 पुराने वाहन स्क्रैप सेंटर पर पहुंचे हैं, जिनको नष्ट किया गया है। जबकि हर वर्ष एक से दो लाख पुराने वाहन आरटीओ अपने रिकाॅर्ड से हटा रहा है। कागजों में खत्म होने के बाद भी पुराने वाहन सड़कों पर दौड़ रहे है। इस बात को आरटीओ के अधिकारी भी स्वीकार करते हैं।
300 से अधिक वाहन थानों में कबाड़
पुलिस और आरटीओ के स्तर से पुराने वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। 2021 से अब तक करीब 300 वाहन सीज कर थानों में बंद कराए गए हैं। लेकिन समय पर नीलामी प्रक्रिया नहीं हुई। ये वाहन स्क्रैप नहीं हो सके। थानों में खड़े-खड़े कबाड़ हो गए। थानों में वाहनों के खड़ा करने की जगह नहीं होने की वजह से भी अभियान पर ब्रेक लग गया है।
पुलिस और आरटीओ के स्तर से पुराने वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। 2021 से अब तक करीब 300 वाहन सीज कर थानों में बंद कराए गए हैं। लेकिन समय पर नीलामी प्रक्रिया नहीं हुई। ये वाहन स्क्रैप नहीं हो सके। थानों में खड़े-खड़े कबाड़ हो गए। थानों में वाहनों के खड़ा करने की जगह नहीं होने की वजह से भी अभियान पर ब्रेक लग गया है।
सेंटर से स्क्रैप कराने के लाभ
1- नया वाहन खरीदते समय 6 फीसदी कीमत कम वाला सर्टिफिकेट मिलता है।
2- आरटीओ में नए वाहन की रजिस्ट्रेशन फीस में 15 फीसदी का लाभ मिलेगा।
3- करीब 25 रुपये किलो के हिसाब से पुराने वाहन की कीमत भी मिलेगी।
4- आरटीओ के रिकाॅर्ड में आसानी से पुराना वाहन नष्ट होना दर्ज हो जाएगा।
1- नया वाहन खरीदते समय 6 फीसदी कीमत कम वाला सर्टिफिकेट मिलता है।
2- आरटीओ में नए वाहन की रजिस्ट्रेशन फीस में 15 फीसदी का लाभ मिलेगा।
3- करीब 25 रुपये किलो के हिसाब से पुराने वाहन की कीमत भी मिलेगी।
4- आरटीओ के रिकाॅर्ड में आसानी से पुराना वाहन नष्ट होना दर्ज हो जाएगा।
एनओसी लेने वाले वाहनों पर होगी कार्रवाई
15 साल पुराना वाहन होने पर करीब 33 जिलों की एनओसी लेने का नियम आरटीओ में बना हुआ है। इसका फायदा कई चारपहिया वाहन चालक उठा रहे है। ये लोग इन जिलों की एनओसी प्राप्त कर लेते हैं लेकिन वाहन आगरा में संचालित किया जाता है। अब ऐसा नहीं चल सकेगा। एनओसी वाला पुराना वाहन आगरा में संचालित होता मिलने पर सीधे स्क्रैप सेंटर भेज दिया जाएगा। इसके अलावा कोई वाहन अन्य जिले से पंजीकृत है और यहां पर पकड़ा जाता है तो 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान होने जा रहा है।
15 साल पुराना वाहन होने पर करीब 33 जिलों की एनओसी लेने का नियम आरटीओ में बना हुआ है। इसका फायदा कई चारपहिया वाहन चालक उठा रहे है। ये लोग इन जिलों की एनओसी प्राप्त कर लेते हैं लेकिन वाहन आगरा में संचालित किया जाता है। अब ऐसा नहीं चल सकेगा। एनओसी वाला पुराना वाहन आगरा में संचालित होता मिलने पर सीधे स्क्रैप सेंटर भेज दिया जाएगा। इसके अलावा कोई वाहन अन्य जिले से पंजीकृत है और यहां पर पकड़ा जाता है तो 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान होने जा रहा है।