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सीईसी : अनुमति लेकर ही पेड़ काटे मेट्रो, सात दिन में रिपोर्ट दे एडीए
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आगरा। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पेड़ काटने की शिकायतों पर सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अफसरों को तलब किया। सीईसी चेयरमैन सिद्धांत दास ने मेट्रो और आगरा विकास प्राधिकरण से पेड़ काटने के मामले में जवाब मांगा और कहा कि अब मेट्रो बिना अनुमति के कोई पेड़ नहीं काटेगा। रहनकलां में पेड़ काटने के दोषियों के नाम बताने के लिए एडीए को सात दिन का समय दिया। वहीं नॉर्मल स्कूल कंपाउंड में नक्षत्रशाला के लिए पेड़ काटने पर साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग से सीईसी नोटिस देकर जवाब मांगेगा।
सीईसी ने यूपीएमआरसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार राय से कहा कि 1800 पेड़ काटने की ही कोर्ट ने अनुमति दी थी। इसके अलावा एमजी रोड पर अगर डिवाइडर पर लगे पेड़ काटे जाएंगे तो इसके लिए अनुमति लेनी होगी। याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने कहा कि 452 पेड़ काटे गए हैं, लेकिन बड़े पेड़ मान लें तो भी 142 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई। इस पर मेट्रो डायरेक्टर से कहा गया है कि अब एक भी पेड़ न काटा जाए।
लखनऊ कार्यालय से पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए आवेदन कराएं। डॉ. शरद गुप्ता ने नॉर्मल स्कूल कंपाउंड में पेड़ों को काटने के मामले में कहा कि जब नक्शा पास किया गया तो पेड़ों की संख्या क्यों नहीं देखी गई। सीईसी ने इस मामले में साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग को नोटिस देकर जवाब तलब करने के निर्देश दिए हैं।
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एडीए ने कहा- किसानों ने काटे पेड़
बैठक में शामिल याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि रहनकलां में एडीए ने पेड़ काट दिए। इस आरोप पर एडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि पेड़ किसानों ने काटे हैं। वह मुआवजा ले चुके हैं और पेड़ काटकर कब्जा लेने में बाधा डाल रहे हैं। उनके जवाब पर सीईसी सदस्य सीपी गोयल ने सवाल पूछा कि उनकी जमीन पर उनकी ही जेसीबी से किसानों ने पेड़ कैसे काट दिए। अगर काटे तो प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं कराई। इस पर वन विभाग के कंजरवेटर अनिल पटेल ने सीईसी के सामने किसानों के बयान पेश कर दिए और कहा कि वन विभाग ने जेसीबी ड्राइवर पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। सीईसी ने एडीए से सात दिन में दोषी का नाम बताने वाली रिपोर्ट मांगी है।
एडीए ने ग्रीन बेल्ट में बनाया फूड कोर्ट
शिकायतकर्ता पंकज दुबे ने सीईसी के सामने इनर रिंग रोड पर टोल प्लाजा के पास ग्रीन बेल्ट में फूड कोर्ट बनाने का मामला रखा। उन्होंने कहा कि टोल के एक किमी दूर ही व्यावसायिक गतिविधि के लिए फूड कोर्ट बनाया जा सकता है, लेकिन ग्रीन बेल्ट में नहीं। इस पर एडीए उपाध्यक्ष अरुन्मौली ने कहा कि शिकायतकर्ता जमीन एक्सचेंज चाहते थे, इसलिए शिकायत कर रहे हैं। सीईसी ने कहा कि इस मामले में अध्ययन के बाद रिपोर्ट तलब की जाएगी। वहीं आगरा काॅलेज में पेड़ काटने के आरोपों पर प्राचार्य ने अपनी ओर से पेड़ लगाने का भरोसा दिया।
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सीईसी ने यूपीएमआरसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार राय से कहा कि 1800 पेड़ काटने की ही कोर्ट ने अनुमति दी थी। इसके अलावा एमजी रोड पर अगर डिवाइडर पर लगे पेड़ काटे जाएंगे तो इसके लिए अनुमति लेनी होगी। याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने कहा कि 452 पेड़ काटे गए हैं, लेकिन बड़े पेड़ मान लें तो भी 142 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई। इस पर मेट्रो डायरेक्टर से कहा गया है कि अब एक भी पेड़ न काटा जाए।
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लखनऊ कार्यालय से पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए आवेदन कराएं। डॉ. शरद गुप्ता ने नॉर्मल स्कूल कंपाउंड में पेड़ों को काटने के मामले में कहा कि जब नक्शा पास किया गया तो पेड़ों की संख्या क्यों नहीं देखी गई। सीईसी ने इस मामले में साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग को नोटिस देकर जवाब तलब करने के निर्देश दिए हैं।
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एडीए ने कहा- किसानों ने काटे पेड़
बैठक में शामिल याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि रहनकलां में एडीए ने पेड़ काट दिए। इस आरोप पर एडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि पेड़ किसानों ने काटे हैं। वह मुआवजा ले चुके हैं और पेड़ काटकर कब्जा लेने में बाधा डाल रहे हैं। उनके जवाब पर सीईसी सदस्य सीपी गोयल ने सवाल पूछा कि उनकी जमीन पर उनकी ही जेसीबी से किसानों ने पेड़ कैसे काट दिए। अगर काटे तो प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं कराई। इस पर वन विभाग के कंजरवेटर अनिल पटेल ने सीईसी के सामने किसानों के बयान पेश कर दिए और कहा कि वन विभाग ने जेसीबी ड्राइवर पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। सीईसी ने एडीए से सात दिन में दोषी का नाम बताने वाली रिपोर्ट मांगी है।
एडीए ने ग्रीन बेल्ट में बनाया फूड कोर्ट
शिकायतकर्ता पंकज दुबे ने सीईसी के सामने इनर रिंग रोड पर टोल प्लाजा के पास ग्रीन बेल्ट में फूड कोर्ट बनाने का मामला रखा। उन्होंने कहा कि टोल के एक किमी दूर ही व्यावसायिक गतिविधि के लिए फूड कोर्ट बनाया जा सकता है, लेकिन ग्रीन बेल्ट में नहीं। इस पर एडीए उपाध्यक्ष अरुन्मौली ने कहा कि शिकायतकर्ता जमीन एक्सचेंज चाहते थे, इसलिए शिकायत कर रहे हैं। सीईसी ने कहा कि इस मामले में अध्ययन के बाद रिपोर्ट तलब की जाएगी। वहीं आगरा काॅलेज में पेड़ काटने के आरोपों पर प्राचार्य ने अपनी ओर से पेड़ लगाने का भरोसा दिया।