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65 साल से अधिक उम्र के बंदियों को अब मिलेगी राहत

Sat, 08 Feb 2020 10:39 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2020 10:39 PM IST
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captive will release soon
मैनपुरी। गंभीर प्रवृति के आपराधिक वारदातों में जेल में बंद 65 साल से अधिक उम्र के 47 बंदियों को राहत मिलेगी। उनके मामलों की जल्द से जल्द से सुनवाई करके लंबित मुकदमों का निस्तारण किया जाएगा। हाईकोर्ट के निर्देश पर इस तरह के बंदियों की पहचान की गई है।
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अदालतों में लंबित चल रहे मुकदमों को शीघ्र निस्तारित करने केे हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं। इसी के तहत वृद्ध बंदियों मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा गया है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद गंभीर प्रवृति के मामलों में जेल में बंद 65 साल से अधिक उम्र के बंदियों की पहचान कराई गई है। हत्या, दहेज हत्या, हत्या का प्रयास करने जैसे मामलों में जेल में बंद चल रहे बंदियों को शामिल किया गया है। जेल में इस तरह के अपराधों में बंद चल रहे 65 साल से अधिक उम्र के 47 बंदियों की पहचान की गई है।
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अदालतों में चल रहे इन बंदियों के मुकदमों को चिह्नित करके उनकेे शीघ्र निस्तारण की पहल शुरू होगी। गवाही के नाम पर इन मुकदमों को लंबित करने से रोका जाएगा। ज्यादा समय तक गवाही नहीं होने पर अदालतों द्वारा संबंधित पक्ष का गवाही का अवसर समाप्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। माना जा रहा है जेल से तारीखों पर अदालत आने वाले वृद्ध बंदियों को इससे लाभ मिलने के साथ ही अदालतों पर काम का बोझ भी कम हो जाएगा।
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केस-एक
थाना बेवर क्षेत्र के 67 साल के रामप्रकाश हत्या के एक मामले में जेल में निरुद्ध हैं। उन पर गांव के ही एक युवक की हत्या में शामिल होने का आरोप है। उनका मामला अदालत में चिह्नित किया गया है। उनको हाईकोर्ट की नई व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
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केस-दो
थाना औंछा क्षेत्र की 65 साल की सरस्वती दहेज हत्या कने एक मामले में जेल में बंद हैं। पुत्रवधू की दहेज की खातिर हत्या करने में शामिल रहने का उन पर आरोप है। उनका मामला अदालत में लंबित है। इस मुकदमे को भी चिह्नित किया गया है।

वर्जन-
पुराने मामलों को जल्द निस्तारित करने से पहले ही हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं। अब वृद्ध बंदियों की पहचान करके उनको भी शीघ्र न्याय दिलाने की पहल की गई है। इससे वृद्ध बंदियों के लंबित मुकदमों का शीघ्र निस्तारण होगा।
शरवीर सिंह, पूर्व शासकीय अधिवक्ता
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