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बंदरों के हमले में छत से गिरकर वृद्ध की मौत, एक साल पहले पत्नी भी बनी थी निशाना
Mon, 02 Mar 2020 12:12 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 02 Mar 2020 12:12 AM IST
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बंदर
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज जनपद के कस्बा नदरई में बंदर के हमले में एक वृद्ध की छत से नीचे गिरकर मौत हो गई। परिवार में कोहराम मच गया। बंदरों ने एक सप्ताह में करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों को घायल किया है।
हरीशंकर (60) पुत्र रामचरन निवासी ग्राम नदरई रविवार सुबह घर की छत पर गए थे। जब वे छत पर चहलकदमी कर रहे थे तभी अचानक छत पर बंदर आ गए। बंदरों ने उन पर हमला बोल। जिससे वह छत से नीचे आ गिरे और उनके गंभीर चोट आ गईं।
उनकी आवाज सुनकर परिजन बाहर आए तो उनको लहुलुहान देखा तो उनके होश उड़ गए। परिजन जब उनको अस्पताल लेकर जा रहे थे तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत होते ही चीत्कार मच गया। परिजन उनके शव को घर वापस ले आए। जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी बंदरों का काफी आतंक है।
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शहर की गली बोहरान में एक दिन पहले ही व्यापारी संजीव वार्ष्णेय पर बंदरों ने गली में निकलते समय हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
पत्नी की भी बंदर के हमले में हो चुकी है मौत
बंदर के हमले में मौत के आगोश में समाए हरीशंकर की पत्नी सोनवती की मौत भी बंदर के हमले में हो चुकी है। उनकी मौत एक साल पहले हुई थी। बताते हैं कि इस क्षेत्र में बंदरों का काफी आतंक है। एक सप्ताह में सात लोगों को बंदर अपना निशाना बना चुके हैं।
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हरीशंकर (60) पुत्र रामचरन निवासी ग्राम नदरई रविवार सुबह घर की छत पर गए थे। जब वे छत पर चहलकदमी कर रहे थे तभी अचानक छत पर बंदर आ गए। बंदरों ने उन पर हमला बोल। जिससे वह छत से नीचे आ गिरे और उनके गंभीर चोट आ गईं।
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उनकी आवाज सुनकर परिजन बाहर आए तो उनको लहुलुहान देखा तो उनके होश उड़ गए। परिजन जब उनको अस्पताल लेकर जा रहे थे तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत होते ही चीत्कार मच गया। परिजन उनके शव को घर वापस ले आए। जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी बंदरों का काफी आतंक है।
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शहर की गली बोहरान में एक दिन पहले ही व्यापारी संजीव वार्ष्णेय पर बंदरों ने गली में निकलते समय हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
पत्नी की भी बंदर के हमले में हो चुकी है मौत
बंदर के हमले में मौत के आगोश में समाए हरीशंकर की पत्नी सोनवती की मौत भी बंदर के हमले में हो चुकी है। उनकी मौत एक साल पहले हुई थी। बताते हैं कि इस क्षेत्र में बंदरों का काफी आतंक है। एक सप्ताह में सात लोगों को बंदर अपना निशाना बना चुके हैं।