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बुलेट ट्रेन: दिल्ली से वाराणसी की तैयारी, ताजनगरी में होगा ठहराव, पर्यटन को मिलेगी 'रफ्तार'
Fri, 31 Jan 2020 09:28 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 31 Jan 2020 09:28 AM IST
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बुलेट ट्रेन
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देश की पहली बुलेट ट्रेन दौड़ाने के लिए मुंबई और अहमदाबाद के बीच बन रहे हाई स्पीड कॉरिडोर की तर्ज पर रेलवे ने ऐसे छह और कॉरिडोर बनाने की तैयारी कर ली है। इनमें दिल्ली से वाराणसी तक का एक नया मार्ग भी शामिल है, जो नोएडा, आगरा और लखनऊ होते हुए काशी विश्वनाथ की नगरी तक पहुंचेगा।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने बुधवार को बताया कि इन छह कॉरिडोर के लिए मार्गों को चिह्नित कर लिया गया है और इनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) इसी साल तैयार कर ली जाएगी। आगरा में अब तक सबसे तेज गति की ट्रेन गतिमान है। बुलेट चली तो पर्यटन को पंख लग जाएंगे।
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बता दें कि हाई स्पीड कॉरिडोर पर ट्रेन को अधिकतम 300 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़ाया जा सकता है, जबकि सेमी हाई स्पीड कॉरिडोर पर अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा होती है।
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रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने बुधवार को बताया कि इन छह कॉरिडोर के लिए मार्गों को चिह्नित कर लिया गया है और इनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) इसी साल तैयार कर ली जाएगी। आगरा में अब तक सबसे तेज गति की ट्रेन गतिमान है। बुलेट चली तो पर्यटन को पंख लग जाएंगे।
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बता दें कि हाई स्पीड कॉरिडोर पर ट्रेन को अधिकतम 300 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़ाया जा सकता है, जबकि सेमी हाई स्पीड कॉरिडोर पर अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा होती है।
आगामी केंद्रीय बजट से पहले उसमें मौजूद प्रस्तावों की तरफ इशारा करते हुए चेयरमैन यादव ने कहा कि इन छह चिह्नित मार्गों पर हाई स्पीड ट्रेन दौड़ेगी या सेमी-हाई स्पीड ट्रैक बनाया जाएगा, इसका निर्णय डीपीआर तैयार होने के बाद ही होगा। डीपीआर में इन मार्गों की व्यावहारिकता आंकी जाएगी, जिसमें जमीन की उपलब्धता, ट्रैक अलाइनमेंट और यातायात की क्षमता का अध्ययन शामिल है।
ये होंगे छह नए कॉरिडोर
865 किमी लंबा दिल्ली-नोएडा-आगरा-लखनऊ-वाराणसी सेक्शन
886 किमी लंबा दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद सेक्शन
753 किमी लंबा मुंबई-नासिक-नागपुर सेक्शन
711 किमी लंबा मुंबई-पुणे-हैदराबाद सेक्शन
435 किमी लंबा चेन्नई-बंगलूरू-मैसूर सेक्शन
459 किमी लंबा दिल्ली-चंडीगढ़-लुधियाना-जालंधर-अमृतसर सेक्शन
तो दिल्ली से आगरा सिर्फ 45 मिनट में
गतिमान दिल्ली से आगरा 90 मिनट में आती है। इतना ही समय वापसी में लेती है। इसकी रफ्तार 160 किमी. प्रति घंटा है। स्टॉपेज ज्यादा हैं। रेलवे अफसरों का कहना है कि अगर 300 की रफ्तार से ट्रेन चलेगी तो दिल्ली से आगरा की दूरी 45 मिनट में पूरी हो जाएगी।
ये होंगे छह नए कॉरिडोर
865 किमी लंबा दिल्ली-नोएडा-आगरा-लखनऊ-वाराणसी सेक्शन
886 किमी लंबा दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद सेक्शन
753 किमी लंबा मुंबई-नासिक-नागपुर सेक्शन
711 किमी लंबा मुंबई-पुणे-हैदराबाद सेक्शन
435 किमी लंबा चेन्नई-बंगलूरू-मैसूर सेक्शन
459 किमी लंबा दिल्ली-चंडीगढ़-लुधियाना-जालंधर-अमृतसर सेक्शन
तो दिल्ली से आगरा सिर्फ 45 मिनट में
गतिमान दिल्ली से आगरा 90 मिनट में आती है। इतना ही समय वापसी में लेती है। इसकी रफ्तार 160 किमी. प्रति घंटा है। स्टॉपेज ज्यादा हैं। रेलवे अफसरों का कहना है कि अगर 300 की रफ्तार से ट्रेन चलेगी तो दिल्ली से आगरा की दूरी 45 मिनट में पूरी हो जाएगी।