{"_id":"173f9f2fa4618fd1af407ecaa44014f9","slug":"broadband-will-equip-every-gram-panchayat-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्रॉड बैंड से लैस होगी हर ग्राम पंचायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्रॉड बैंड से लैस होगी हर ग्राम पंचायत
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Wed, 06 Jan 2016 02:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार ने एनआरआई को आईटी सेक्टर में सहूलियतें देने का वादा किया है। साथ ही यह भी बताया कि सरकार इस सेक्टर में अपने स्तर पर कौन-कौन से काम करने जा रही है। यह भी वादा किया है कि आईटी में यूनिट लगाने वालों को जमीन भी सरकार मुहैया कराएगी।
इस सत्र में इलेक्ट्रानिक्स एंड आईटी से प्रमुख सचिव आरके तिवारी, बैंक ऑफ बड़ौदा, न्यूजीलैंड के अधिकारी डा. राजेंद्र प्रसाद, लावा कंपनी के डायरेक्टर हरिओम राय, एचसीएल टेक्नोलॉजी के सीनियर वाइज प्रेसिडेंट संजय गुप्ता और ऑप्टिएमस इन्फ्राकॉम के मैनेजिंग डायरेक्टर डा. रविंद्र जुत्सी ने भाग लिया।
आरके तिवारी ने कहा कि सरकार आईटी सेक्टर में सिंगल विंडो क्लीयरेंस देगी। लखनऊ में आईटी सिटी बनाया जा रहा है। गोरखपुर समेत प्रदेश के पांच जिलों में आईटी पार्क बनेंगे। डेढ़ साल में प्रत्येक ग्राम पंचायत को ब्रॉड बैंड कनेक्शन के जरिए इंटरनेट से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि आईटी में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। अभी प्रदेश सरकार जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी 26 सहूलियतें मोबाइल पर दे रही है। इन्हें बढ़ाकर 90 किया जाएगा। राजेंद्र कुमार ने कहा कि आईटी सेक्टर को वादे नहीं, क्लीयर रोडमैप चाहिए।
संजय गुप्ता ने कहा कि कनेक्टिविटी से सब कुछ संभव है। प्रोफेसर आशुतोष तिवारी ने पूछा कि वे हेल्थ केयर डिवाइस में काम करना चाहते हैं, उनकी मदद सरकार कैसे करेगी? आगरा के वाईके गुप्ता ने पूछा कि आईटी सिटी और आईटी पार्क आगरा और कानपुर में क्यों नहीं विकसित किए जा रहे?
तीन एकड़ में बनेगा आईटी पार्क
प्रवासी सम्मेलन के जरिए निवेशकों को रिझाने का प्रयास कर रही सूबे की सरकार ने आगरा में आईटी पार्क की जमीन भी कम कर दी। पांच एकड़ के उलट अब केवल तीन एकड़ जमीन में ही आईटी पार्क तैयार किया जाएगा। शास्त्रीपुरम योजना में तीन एकड़ जमीन पर साफ्टवेयर पार्क आफ इंडिया को सौंपी गई है, जो सीपीडब्ल्यूडी के जरिए दो महीने में निर्माण कार्य भी शुरू करने वाली है।
प्रवासी सम्मेलन में आए प्रमुख सचिव आईटी आरके तिवारी ने बताया कि सूबे में पांच आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। आगरा उनमें से एक है। लखनऊ की तरह आगरा में भी आईटी सिटी की बात हुई थी, लेकिन लखनऊ में एचसीएल आगे आया तो आईटी सिटी आगे बढ़ा। आगरा में अभी कोई निवेशक आईटी सिटी में इच्छुक नहीं है। पहले आईटी पार्क बनाया जाएगा, उसके बाद आईटी सिटी भी। 50 से 100 एकड़ जमीन इसके लिए दी जा सकती है।
चेंबर ने की मुख्य सचिव से मुलाकात
प्रवासी दिवस सम्मेलन में नेशनल चेंबर ने आईटी सिटी का मामला मुख्य सचिव आलोक रंजन और प्रमुख सचिव आईटी आरके तिवारी के सामने उठाया। प्रमुख सचिव आरके तिवारी ने बताया कि आईटी पार्क के बाद आईटी सिटी के लिए भी काम होगा। आईटी सिटी के लिए निवेशक लाने का प्रयास चेंबर भी करे। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल, राजेश गोयल, संजय गोयल, अमर मित्तल, मनीष अग्रवाल, अतुल गुप्ता, वाईके गुप्ता, श्रीकिशन गोयल, सुनील सिंघल, मुनीष गुप्ता, गोपाल खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।
सरकार का आश्वासन
- उत्तर प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है, सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, मेट्रो शुरू की जा रही, यहां निवेश कीजिए, सरकार आपके साथ है
- आलोक रंजन ( मुख्य सचिव )
- इस सम्मेलन में आए एनआरआई से सरकार लगातार संपर्क में रहेगी, जिन प्रवासी भारतीयों ने निवेश में दिलचस्पी दिखाई है, उन्हें हर सहूलियत मुहैया कराई जाएगी - बलवंत सिंह रामूवालिया (संयोजक एवं कैबिनेट मिनिस्टर)
-चाहें फिल्म निर्माण हो या आईटी सेक्टर, प्रदेश सरकार ने अपनी नीति बना ली है, इसे एनआरआई वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा - नवनीत सहगल ( प्रमुख सचिव, आईटी)
- एनआरआई के लिए एप बनाया गया है, इस पर सरकार की नीतियों से संबंधित हर जानकारी मिलेगी, पूरी सरकारी मशीनरी उनके साथ है - संजीव सरन ( प्रमुख सचिव, एनआरआई विभाग)
विज्ञापन
इस सत्र में इलेक्ट्रानिक्स एंड आईटी से प्रमुख सचिव आरके तिवारी, बैंक ऑफ बड़ौदा, न्यूजीलैंड के अधिकारी डा. राजेंद्र प्रसाद, लावा कंपनी के डायरेक्टर हरिओम राय, एचसीएल टेक्नोलॉजी के सीनियर वाइज प्रेसिडेंट संजय गुप्ता और ऑप्टिएमस इन्फ्राकॉम के मैनेजिंग डायरेक्टर डा. रविंद्र जुत्सी ने भाग लिया।
विज्ञापन
आरके तिवारी ने कहा कि सरकार आईटी सेक्टर में सिंगल विंडो क्लीयरेंस देगी। लखनऊ में आईटी सिटी बनाया जा रहा है। गोरखपुर समेत प्रदेश के पांच जिलों में आईटी पार्क बनेंगे। डेढ़ साल में प्रत्येक ग्राम पंचायत को ब्रॉड बैंड कनेक्शन के जरिए इंटरनेट से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि आईटी में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। अभी प्रदेश सरकार जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी 26 सहूलियतें मोबाइल पर दे रही है। इन्हें बढ़ाकर 90 किया जाएगा। राजेंद्र कुमार ने कहा कि आईटी सेक्टर को वादे नहीं, क्लीयर रोडमैप चाहिए।
संजय गुप्ता ने कहा कि कनेक्टिविटी से सब कुछ संभव है। प्रोफेसर आशुतोष तिवारी ने पूछा कि वे हेल्थ केयर डिवाइस में काम करना चाहते हैं, उनकी मदद सरकार कैसे करेगी? आगरा के वाईके गुप्ता ने पूछा कि आईटी सिटी और आईटी पार्क आगरा और कानपुर में क्यों नहीं विकसित किए जा रहे?
तीन एकड़ में बनेगा आईटी पार्क
प्रवासी सम्मेलन के जरिए निवेशकों को रिझाने का प्रयास कर रही सूबे की सरकार ने आगरा में आईटी पार्क की जमीन भी कम कर दी। पांच एकड़ के उलट अब केवल तीन एकड़ जमीन में ही आईटी पार्क तैयार किया जाएगा। शास्त्रीपुरम योजना में तीन एकड़ जमीन पर साफ्टवेयर पार्क आफ इंडिया को सौंपी गई है, जो सीपीडब्ल्यूडी के जरिए दो महीने में निर्माण कार्य भी शुरू करने वाली है।
प्रवासी सम्मेलन में आए प्रमुख सचिव आईटी आरके तिवारी ने बताया कि सूबे में पांच आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। आगरा उनमें से एक है। लखनऊ की तरह आगरा में भी आईटी सिटी की बात हुई थी, लेकिन लखनऊ में एचसीएल आगे आया तो आईटी सिटी आगे बढ़ा। आगरा में अभी कोई निवेशक आईटी सिटी में इच्छुक नहीं है। पहले आईटी पार्क बनाया जाएगा, उसके बाद आईटी सिटी भी। 50 से 100 एकड़ जमीन इसके लिए दी जा सकती है।
चेंबर ने की मुख्य सचिव से मुलाकात
प्रवासी दिवस सम्मेलन में नेशनल चेंबर ने आईटी सिटी का मामला मुख्य सचिव आलोक रंजन और प्रमुख सचिव आईटी आरके तिवारी के सामने उठाया। प्रमुख सचिव आरके तिवारी ने बताया कि आईटी पार्क के बाद आईटी सिटी के लिए भी काम होगा। आईटी सिटी के लिए निवेशक लाने का प्रयास चेंबर भी करे। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल, राजेश गोयल, संजय गोयल, अमर मित्तल, मनीष अग्रवाल, अतुल गुप्ता, वाईके गुप्ता, श्रीकिशन गोयल, सुनील सिंघल, मुनीष गुप्ता, गोपाल खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।
सरकार का आश्वासन
- उत्तर प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है, सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, मेट्रो शुरू की जा रही, यहां निवेश कीजिए, सरकार आपके साथ है
- आलोक रंजन ( मुख्य सचिव )
- इस सम्मेलन में आए एनआरआई से सरकार लगातार संपर्क में रहेगी, जिन प्रवासी भारतीयों ने निवेश में दिलचस्पी दिखाई है, उन्हें हर सहूलियत मुहैया कराई जाएगी - बलवंत सिंह रामूवालिया (संयोजक एवं कैबिनेट मिनिस्टर)
-चाहें फिल्म निर्माण हो या आईटी सेक्टर, प्रदेश सरकार ने अपनी नीति बना ली है, इसे एनआरआई वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा - नवनीत सहगल ( प्रमुख सचिव, आईटी)
- एनआरआई के लिए एप बनाया गया है, इस पर सरकार की नीतियों से संबंधित हर जानकारी मिलेगी, पूरी सरकारी मशीनरी उनके साथ है - संजीव सरन ( प्रमुख सचिव, एनआरआई विभाग)