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मथुरा: दूल्हे को महंगा पड़ा लॉकडाउन का पालन करना, कम बराती आने पर दुल्हन पक्ष ने विवाह से किया इनकार
Wed, 21 Jul 2021 05:25 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 21 Jul 2021 05:25 PM IST
सार
बैंडबाजों के साथ धूमधाम से बरात चढ़ी। तभी रास्ते में ही मदन के भाई केहरी ने यह कहते हुए शादी से मना कर दिया कि बरात में कम लोग आए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए एक ओर जहां सरकार और प्रशासन ने शादी में सीमित संख्या के निर्देश दिए हैं। वहीं एक विवाह कार्यक्रम में सीमित संख्या में बराती ले जाने पर बरात वापस हो गई। मामला मथुरा के राया थाना क्षेत्र के गांव तेहरा का है।
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गांव तेहरा में उस समय विवाह कार्यक्रम में खुशियां मायूसी में बदल गईं, जब दुल्हन के चाचा ने बराती कम आने पर विवाह करने से इनकार कर दिया। बेटी का विवाह दूसरे लड़के साथ कर दिया। दूल्हा और बराती गांव में रात भर डेरा जमाए रहे। अगले दिन दूल्हे का विवाह दूसरे स्थान पर हंसी खुशी के साथ संपन्न हुआ। स्थानीय निवासी मदन ने पुत्री का विवाह थाना मांट के गांव नगला मनी निवासी सूरजपाल के पुत्र ओमहरी के साथ तय किया था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बरात हंसी-खुशी गाजे-बाजे से तेहरा पहुंची। बैंडबाजों के साथ धूमधाम से बरात चढ़ी। तभी रास्ते में ही मदन के भाई केहरी ने यह कहते हुए शादी से मना कर दिया कि बरात में कम लोग आए हैं।
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यह जानकारी होते ही वर पक्ष में मायूसी छा गई। रात को ही दुल्हन का विवाह दूसरे स्थान पर तय कर दिया। बताया गया कि लॉकडाउन के चलते सूरजपाल 25-30 बराती ही ले गया था। उन्हें दूसरे ग्रामीण ने अपने यहां पर भोजन कराया। ग्रामीणों ने वर पक्ष को समझा कर रात को रोक लिया और अगले दिन आनन-फानन सोगरवार प्रधान, कुंवरपाल और हरिश्चंद, दीनानाथ, करनवीर सिंह उर्फ पप्पू, मुनीश रावत आदि के सहयोग से दूसरे स्थान पर संबंध तय कर दिया और मुकेश की पुत्री से चट मंगनी पट ब्याह हो गया। बुधवार को सुबह से विवाह की तैयारियां शुरू हो गईं और हलवाई लगवा कर काम चालू करा दिया। दोपहर को ओमहरी का विवाह संपन्न हो गया।
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