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बड़ी राहत: घर खरीदने वालों को मिलेगी सीए, आर्किटेक्ट और इंजीनियर की गारंटी, बिल्डरों पर कसेगा शिकंजा
Fri, 04 Sep 2026 09:59 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 04 Sep 2026 09:59 AM IST
सार
30 सितंबर से यूपी रेरा की नई व्यवस्था में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट पर सीए, आर्किटेक्ट और इंजीनियर के सीधे प्रमाणपत्र जरूरी होंगे। विशेषज्ञों को रेरा पोर्टल पर खुद प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा, जिससे आंकड़ों में हेराफेरी और बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगने की उम्मीद है।
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आवास( सांकेतिक)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अब अपने सपनों का घर खरीदते समय आपको बिल्डरों के झूठे वादों और हेराफेरी का शिकार नहीं होना पड़ेगा। उनके हवा-हवाई दावों पर रोक लगाने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए), आर्किटेक्ट और इंजीनियर की लिखित गारंटी लगेगी। हर तीन महीने में उन्हें कार्य का प्रमाणपत्र दाखिल करना होगा। इसके बाद ही बिल्डर्स अपनी तिमाही प्रगति रिपोर्ट जमा कर पाएंगे।
उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) की रियल एस्टेट सेक्टर को पारदर्शी बनाने के लिए यह नई और सख्त व्यवस्था 30 सितंबर से लागू हो जाएगी। 30 सितंबर को खत्म हो रही तिमाही से बिल्डरों को हर तीन महीने में अपने प्रोजेक्ट की सटीक प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। अब केवल स्कैन कॉपी से काम नहीं चलेगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट, इंजीनियर और आर्किटेक्ट को खुद रेरा पोर्टल पर सीधे अपने प्रमाणपत्र अपलोड करने होंगे। इन प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद ही बिल्डर की रिपोर्ट मान्य होगी।
डाटा से छेड़छाड़ रोकेगा नया पोर्टल
यूपी रेरा जल्द ही एक उन्नत पोर्टल 2.0 ला रहा है। इसमें पेशेवर विशेषज्ञ जैसे सीए, इंजीनियर सीधे अपना डाटा दर्ज करेंगे, जिससे प्रोजेक्ट रिपोर्ट खुद तैयार हो जाएगी। इससे आंकड़ों में हेरफेर की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। साथ ही नई तकनीक को अपनाने में बिल्डरों और पेशेवरों की सहायता के लिए लखनऊ और नोएडा में विशेष हेल्प डेस्क भी बनाई जा रही है।
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कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के पूर्व अध्यक्ष भगत सिंह के अनुसार, इस नए कदम से प्रॉपर्टी बाजार में फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। अब डेवलपर्स की मनमानी नहीं चलेगी और घर खरीदारों का भरोसा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगा।
एक दर्जन प्रोजेक्ट्स में डूबी गाढ़ी कमाई
आगरा में एक दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट्स में घर खरीदारों की गाढ़ी कमाई डूब चुकी है। इनमें अंसल सुशांत ताज सिटी, गायत्री डेवलपर्स, द्वारिका रेजीडेंसी, निखिल होम्स से लेकर प्रेरणा कंस्ट्रक्शन और नालंदा बिल्डर्स जैसे नाम शामिल हैं, जिनके विरुद्ध रेरा की ओर से रिकवरी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। बकाया न चुकाने पर कई प्रोजेक्ट्स की कुर्की तक हो चुकी है, फिर भी बड़ी संख्या में निवेशकों को उनकी रकम वापस नहीं मिल सकी है। इन नए नियमों के लागू होने से भविष्य में घर खरीदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) की रियल एस्टेट सेक्टर को पारदर्शी बनाने के लिए यह नई और सख्त व्यवस्था 30 सितंबर से लागू हो जाएगी। 30 सितंबर को खत्म हो रही तिमाही से बिल्डरों को हर तीन महीने में अपने प्रोजेक्ट की सटीक प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। अब केवल स्कैन कॉपी से काम नहीं चलेगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट, इंजीनियर और आर्किटेक्ट को खुद रेरा पोर्टल पर सीधे अपने प्रमाणपत्र अपलोड करने होंगे। इन प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद ही बिल्डर की रिपोर्ट मान्य होगी।
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डाटा से छेड़छाड़ रोकेगा नया पोर्टल
यूपी रेरा जल्द ही एक उन्नत पोर्टल 2.0 ला रहा है। इसमें पेशेवर विशेषज्ञ जैसे सीए, इंजीनियर सीधे अपना डाटा दर्ज करेंगे, जिससे प्रोजेक्ट रिपोर्ट खुद तैयार हो जाएगी। इससे आंकड़ों में हेरफेर की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। साथ ही नई तकनीक को अपनाने में बिल्डरों और पेशेवरों की सहायता के लिए लखनऊ और नोएडा में विशेष हेल्प डेस्क भी बनाई जा रही है।
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कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के पूर्व अध्यक्ष भगत सिंह के अनुसार, इस नए कदम से प्रॉपर्टी बाजार में फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। अब डेवलपर्स की मनमानी नहीं चलेगी और घर खरीदारों का भरोसा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगा।
एक दर्जन प्रोजेक्ट्स में डूबी गाढ़ी कमाई
आगरा में एक दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट्स में घर खरीदारों की गाढ़ी कमाई डूब चुकी है। इनमें अंसल सुशांत ताज सिटी, गायत्री डेवलपर्स, द्वारिका रेजीडेंसी, निखिल होम्स से लेकर प्रेरणा कंस्ट्रक्शन और नालंदा बिल्डर्स जैसे नाम शामिल हैं, जिनके विरुद्ध रेरा की ओर से रिकवरी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। बकाया न चुकाने पर कई प्रोजेक्ट्स की कुर्की तक हो चुकी है, फिर भी बड़ी संख्या में निवेशकों को उनकी रकम वापस नहीं मिल सकी है। इन नए नियमों के लागू होने से भविष्य में घर खरीदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।