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UP: पैथोलॉजी में बड़ा खेल...अप्रशिक्षत कर रहे डेंगू-मलेरिया की जांच, लैब में नहीं मिले डॉक्टर

Tue, 22 Jul 2025 09:23 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 22 Jul 2025 09:23 AM IST
सार

 पैथोलॉजी लैबों के सत्यापन के दौरान पोल खुल रही है। शपथपत्र में दिए गए समय पर चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं। अप्रशिक्षत डेंगू-मलेरिया की जांच कर रहे हैं। 
 

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Big game in pathology untrained people are doing dengue-malaria tests no doctors found in lab
सीएमओ, आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे पैथोलॉजी लैबों के सत्यापन में चिकित्सकीय सेवाओं की पोल खुल रही है। लैब में निरीक्षण करने पर मौके पर चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं। अप्रशिक्षित ही डेंगू, मलेरिया समेत अन्य की बीमारियों की जांच कर रहे हैं। इन लैबों के डॉक्टरों को नोटिस भेजे गए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग में बीते साल 150 पैथोलॉजी लैब पंजीकृत थीं। इनके 2025-30 के लिए लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 28 लैबों के सत्यापन की रिपोर्ट और तैयार हो गई है। इनमें 16 में मौके पर चिकित्सक नहीं मिले। स्वास्थ्य विभाग की टीम शपथपत्र में चिकित्सक के दिए हुए समय पर लैब पहुंची लेकिन वहां अप्रशिक्षित ही खून की जांच कर रहे थे।
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चिकित्सक को फोन मिलाने पर कई के बंद आए, तो किसी ने खुद को डॉक्टर के बजाय लैब संचालक बताया। इस पर चिकित्सकों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एक चिकित्सक अधिकतम दो पैथोलॉजी लैब में सेवाएं दे सकते हैं। इसके लिए दोनों में सेवाओं का समय शपथपत्र में देना जरूरी है। तय समय पर टीम गई तो चिकित्सक नहीं मिले। फोन नंबर भी गलत मिले हैं। इस पर चिकित्सकों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
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गलत जांच से मरीज की जान को खतरा
डिप्टी सीएमओ डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि रक्त संबंधी बीमारियों की जांच विशेषज्ञ चिकित्सक की निगरानी में प्रशिक्षित टेक्नीशियन करते हैं। अप्रशिक्षित लोगाें द्वारा रक्त संबंधी जांच करने से बीमारी की सही जांच नहीं हो पाएगी। इससे मरीज की बीमारी का सही आकलन नहीं होने पर इलाज भी सही नहीं मिल पाएगा। इससे मरीज की जान को खतरा होगा।
 
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