फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Beware of cyber fraudsters: fraud of Rs 5 crore in 10 months police also returned Rs 2.25 crore

साइब ठगों से रहें सावधान: आगरा में 10 महीने में पांच करोड़ की ठगी, पुलिस ने सवा दो करोड़ रुपये वापस भी कराए

Sat, 09 Nov 2024 02:41 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 09 Nov 2024 02:41 PM IST
सार

डिजिटल अरेस्ट और निवेश का झांसा देकर लोगों को साइबर ठग अपने जाल में फंसा रहे हैं। आगरा कमिश्नरेट में 10 माह में सैकड़ों लोगों को साइबर अपराधियों ने शिकार बनाया है। हालांकि पुलिस ने खाते ब्लॉक कर सवा दो करोड़ रुपये वापस करवाए हैं। 
 

विज्ञापन
Beware of cyber fraudsters: fraud of Rs 5 crore in 10 months police also returned Rs 2.25 crore
आगरा पुलिस, पुलिस आयुक्त, agra police, police commissioner - फोटो : संवाद

विस्तार

साइबर अपराधी कभी सीबीआई, कस्टम और पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं तो कभी बैंक और निजी कंपनी के प्रतिनिधि बनकर कॉल करके फंड दिलाने और निवेश का झांसा दे रहे हैं। आगरा कमिश्नरेट में 10 माह में सैकड़ों लोगों से 5 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुके हैं। पुलिस ने 142 मुकदमे भी दर्ज किए। इनमें से सवा दो करोड़ रुपये खाते ब्लॉक करके वापस भी करा दिए गए।
विज्ञापन


5 अक्तूबर को जगदीशपुरा क्षेत्र की रहने वाली शिक्षिका मालती वर्मा को डिजिटल अरेस्ट किया गया था। उनके पास कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया था। कहा था कि आपकी बेटी को सेक्स स्कैंडल में पकड़ा गया है। उसे जेल भेजा जा रहा है। अगर, उसे बचाना है तो 1 लाख रुपये का इंतजाम कर लो। कॉल करके उन्हें इतना डराया गया, वह घबरा गई थीं। उनकी हृदयाघात से मृत्यु हो गई थी। इस घटना में आरोपी अब तक नहीं पकड़े जा सके हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  UP: लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर खड़े ट्रक में घुसी टूरिस्ट बस, पांच की मौत; मथुरा से मुंडन कराकर लौट रहा था परिवार
विज्ञापन
विज्ञापन







 

जागरुकता से ही बचाव संभव
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। पहले बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते थे। खाता और डेबिट कार्ड ब्लॉक होने का झांसा देते थे। अब टेलेग्राम-व्हाटस एप ग्रुप से जोड़कर निवेश के नाम पर ठग रहे हैं। सीबीआई अधिकारी बनकर भी कॉल करते हैं। ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है। जागरुकता से ही बचाव संभव है।

इन बातों का रखें ध्यान
- रात में अनजान नंबर से वीडियो कॉल और व्हाटस एप कॉल आने पर रिसीव नहीं करें।
- सीबीआई और कस्टम अधिकारी बनकर कोई रुपयों की मांग करता है तो कॉल कट कर दें।
- पुलिस कभी भी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है।
- अपनी निजी और खाते की जानकारी अनजान व्यक्ति को शेयर नहीं करें।
- ड्रग्स तस्करी, सेक्स रैकेट में फंसने की कोई कहता है तो समझ जाएं, ठगी होने वाली है।
- निवेश करने पर दोगुने का लालच देने वालों के झांसे में नहीं आना चाहिए। सबसे पहले कॉल करने वाले की हकीकत जान लें।

 

12 से अधिक को जेल भेजा
डीसीपी सिटी ने कहा कि जितनी जल्दी लोग शिकायत दर्ज कराते हैं, उतनी ही उम्मीद रकम वापसी की होती है। इसके लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। दर्ज मुकदमों में सवा 2 करोड़ रुपये की रकम वापस कराई जा चुकी है। 12 से अधिक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

केस - 1
कमला नगर निवासी वैभव अग्रवाल की ईमेल आईडी को हैक कर लिया गया था। इसके बाद खाते से 50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खातों को ब्लॉक करा दिया। इसके बाद रकम को वापस करा दिया गया।

केस - 2
सिकंदरा के रहने वाले अंशुल शर्मा को व्हाटस एप ग्रुप में जोड़ा गया था। उनसे निवेश के नाम पर रकम ली गई। उनसे 20.90 लाख रुपये ठग लिए गए। उन्होंने साइबर थाने में शिकायत की। मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद 1 लाख रुपये वापस करा दिए गए। बाकी रकम भी वापस कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

यह है आंकड़ा
रकम - 5 करोड़
मुकदमे - 142
महीने - 10
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed