{"_id":"693a3e216d822b0dcb0e6a52","slug":"bedai-gajak-and-dalmoth-set-to-become-agra-s-new-culinary-brand-ambassadors-2025-12-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: आगरा का पेठा ही नहीं...गजक और दालमोठ भी मशहूर, बेड़ई का स्वाद भी जरूर लें; व्यजनों के नए ब्रांड एंबेसडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: आगरा का पेठा ही नहीं...गजक और दालमोठ भी मशहूर, बेड़ई का स्वाद भी जरूर लें; व्यजनों के नए ब्रांड एंबेसडर
Thu, 11 Dec 2025 09:14 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 11 Dec 2025 09:14 AM IST
सार
गजक, दालमोठ और बेड़ई एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी) में शामिल करने के लिए उद्योग विभाग ने शासन को नाम भेजे हैं।
विज्ञापन
बेड़ई-जलेबी, गजक और नमकीन दालमोठ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
ताजमहल और पेठा के लिए प्रसिद्ध शहर में बेड़ई-जलेबी, गजक और नमकीन दालमोठ व्यंजनों के अब नए ब्रांड एंबेसडर बनेंगे। एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी) में इन्हें शामिल करने के लिए उद्योग विभाग ने शासन को सुझाव भेजे हैं। पेठा एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में पहले से शामिल है।
खान-पान की समृद्ध विरासत में रचे-बसे शहर में चाट और गोलगप्पे भी चटपटे हैं। शहर की सुबह नाश्ते में बेड़ई, आलू सब्जी, दही-जलेबी से होती है। हर बाजार में हलवाई की दुकान पर सुबह बड़ी सी कड़ाही में आटे की दालभरी बेड़ई गरम तेल में सिकती नजर आ जाएंगी। जिन्हें शहरी खड़े होकर पत्ते के दोनों में बड़े चाव से खाते हैं। दही-जलेबी का खट्टा-मीठा स्वाद भी एक अलग ही जायका है।
पेठा और दालमोठ का पुराना साथ है। लेकिन पेठा को एक जनपद-एक उत्पाद योजना में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है। अब नमकीन दालमोठ भी प्रसिद्ध होगी। कुरकुरी मसूर की दाल (मोठ), बेसन सेव, काजू-बादाम से बनने वाली यह मसालेदार नमकीन है। जिसे चाय के साथ काफी पसंद किया जाता है।
विज्ञापन
दुबई तक आगरा की चाट के दीवाने
शीतला गली और राजा मंडी के गोलगप्पे स्वाद के लिए मशहूर हैं। आगरा की चाट के दीवाने दुबई तक हैं। भल्ला, टिक्की, दाल की गुजिया और पापड़ी की चाट का जायका हजारों लोगों का रोजगार है। मोती कटरा स्थित टीला जोशियान में 500 से अधिक घरों में चाट और गोलगप्पे बनाने का काम होता है। यहां रहने वाले संस्कार शर्मा ने बताया कि उनके बाबा सुरेश ने यह काम शुरू किया था। इसके बाद पिता मनोज ने किया। अब मैं उनकी तीसरी पीढ़ी हूं। शहर में हमारी कोई दुकान नहीं। कोई ब्रांड नहीं। सिर्फ स्वाद की वजह से हमें दुबई तक लोग चाट की स्टॉल लगाने के लिए बुलाते हैं।
रिश्तेदार को देते हैं नाश्ते में बेड़ई
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता का कहना है कि बेड़ई-सब्जी और दही जलेबी के नाश्ते से आगरा के लोगों की सुबह शुरू होती है। हमारे यहां जब भी बाहर से कोई रिश्तेदार आते हैं। सुबह के नाश्ता में बेड़ई पसंद करते हैं। एक व्यंजन एक जनपद योजना में बेड़ई को शामिल करने के लिए हमने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था।
स्वरोजगार को मिलेगा प्रोत्साहन
उद्योग संयुक्त आयुक्त अनुज कुमार ने बताया कि बेड़ई, गजक और दालमोठ को एक जनपद-एक व्यंजन योजना में शामिल करने के लिए शासन को सुझाव भेजे हैं। व्यंजनों से स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा। आगरा का पेठा पहले ही ओडीओपी में शामिल हो चुका है।
विज्ञापन
खान-पान की समृद्ध विरासत में रचे-बसे शहर में चाट और गोलगप्पे भी चटपटे हैं। शहर की सुबह नाश्ते में बेड़ई, आलू सब्जी, दही-जलेबी से होती है। हर बाजार में हलवाई की दुकान पर सुबह बड़ी सी कड़ाही में आटे की दालभरी बेड़ई गरम तेल में सिकती नजर आ जाएंगी। जिन्हें शहरी खड़े होकर पत्ते के दोनों में बड़े चाव से खाते हैं। दही-जलेबी का खट्टा-मीठा स्वाद भी एक अलग ही जायका है।
विज्ञापन
पेठा और दालमोठ का पुराना साथ है। लेकिन पेठा को एक जनपद-एक उत्पाद योजना में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है। अब नमकीन दालमोठ भी प्रसिद्ध होगी। कुरकुरी मसूर की दाल (मोठ), बेसन सेव, काजू-बादाम से बनने वाली यह मसालेदार नमकीन है। जिसे चाय के साथ काफी पसंद किया जाता है।
विज्ञापन
दुबई तक आगरा की चाट के दीवाने
शीतला गली और राजा मंडी के गोलगप्पे स्वाद के लिए मशहूर हैं। आगरा की चाट के दीवाने दुबई तक हैं। भल्ला, टिक्की, दाल की गुजिया और पापड़ी की चाट का जायका हजारों लोगों का रोजगार है। मोती कटरा स्थित टीला जोशियान में 500 से अधिक घरों में चाट और गोलगप्पे बनाने का काम होता है। यहां रहने वाले संस्कार शर्मा ने बताया कि उनके बाबा सुरेश ने यह काम शुरू किया था। इसके बाद पिता मनोज ने किया। अब मैं उनकी तीसरी पीढ़ी हूं। शहर में हमारी कोई दुकान नहीं। कोई ब्रांड नहीं। सिर्फ स्वाद की वजह से हमें दुबई तक लोग चाट की स्टॉल लगाने के लिए बुलाते हैं।
रिश्तेदार को देते हैं नाश्ते में बेड़ई
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता का कहना है कि बेड़ई-सब्जी और दही जलेबी के नाश्ते से आगरा के लोगों की सुबह शुरू होती है। हमारे यहां जब भी बाहर से कोई रिश्तेदार आते हैं। सुबह के नाश्ता में बेड़ई पसंद करते हैं। एक व्यंजन एक जनपद योजना में बेड़ई को शामिल करने के लिए हमने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था।
स्वरोजगार को मिलेगा प्रोत्साहन
उद्योग संयुक्त आयुक्त अनुज कुमार ने बताया कि बेड़ई, गजक और दालमोठ को एक जनपद-एक व्यंजन योजना में शामिल करने के लिए शासन को सुझाव भेजे हैं। व्यंजनों से स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा। आगरा का पेठा पहले ही ओडीओपी में शामिल हो चुका है।