यूपी में तीन भाइयों की मौत: दादी के श्राद्ध में शामिल होने गांव जा रहे थे पोते, 'काल' ने रोका तीनों का रास्ता
बाइक सवार तीनों युवक फिरोजाबाद से एटा की ओर आ रहे थे। अज्ञात वाहन की टक्कर से दो की मौके पर मौत हो गई। आशू ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। आशू की मां नीतू की तहरीर के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
विस्तार
यूपी के एटा में टूंडला रोड पर शुक्रवार की देर रात दर्दनाक हादसा हुआ। यहां बाइक सवार तीन युवकों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। दो की मौके पर मौत हो गई जबकि तीसरे ने मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। तीनों रिश्ते में भाई थे। उनकी मौत की खबर से परिवार में चीखपुकार मच गई। तीनों बिना हेलमेट के थे। हेलमेट होता तो जान बच सकती थी।
दादी का था श्राद्ध
एटा के निधौली कलां क्षेत्र के गांव मुमिया खेड़ा निवासी आशू (19) पुत्र सर्जन सिंह की दो बुआ फिरोजाबाद के ककरऊ कोठी, सत्यनगर, थाना उत्तर क्षेत्र में रहती हैं। पांच दिन पहले आशू बुआ के घर गया था। शनिवार को आशू की दादी का श्राद्ध था। इसके लिए वह शुक्रवार की रात को गांव मुमियाखेड़ा के लिए चला। उसके साथ बुआ के बेटे करन (18) पुत्र शीलेंद्र, सुमित (20) पुत्र सौदान सिंह भी थे। तीनों बाइक से टूंडला की तरफ से आ रहे थे। अवागढ़ क्षेत्र में चुरथरा मोड़ के पास सामने से आ रहे अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मारी।
वाहन के पहिए से कुचले जाने के कारण हुई मौत
हादसे के बाद वाहन सवार वहां से भाग निकला। तीनों गंभीर रूप से हाईवे पर पड़े रहे। अन्य राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। अवागढ़ पुलिस मौके पर पहुंचे। वाहन के पहिये से कुचलने के कारण सुमित और करन की मौके पर ही मौत हो गई थी। आशू को गंभीर हालत में एटा मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी भेजा गया। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। तीनों की मौत की खबर से परिवार में चीखपुकार मच गई। आशू 11वीं का छात्र था। जबकि करन और सुमित मजदूरी करते थे। देर शाम उनके शव पोस्टमॉर्टम के बाद रवाना किए गए।
पुलिस का बयान
बाइक सवार तीनों युवक फिरोजाबाद से एटा की ओर आ रहे थे। अज्ञात वाहन की टक्कर से दो की मौके पर मौत हो गई। आशू ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। आशू की मां नीतू की तहरीर के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। - ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, सीओ जलेसर
पुरखों के श्राद्ध कर्म में शामिल होने के लिए घर से निकले थे, उजड़ गए परिवार
पितृ अमावस्या के पावन अवसर पर अपने पुरखों के श्राद्ध कर्म में शामिल होने के लिए घर से निकले दो युवकों की जिंदगी का सफर एटा के अवागढ़ क्षेत्र में एक तेज रफ्तार वाहन ने हमेशा के लिए थाम दिया।
करन का परिवार झेल रहा आर्थिक तंगी
हादसे में जान गंवाने वाला 18 वर्षीय करन तीन भाइयों और एक बहन में तीसरे नंबर का था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसने महज कक्षा चार तक ही पढ़ाई की थी और चूड़ी का बेलन लगाने का काम करके घर चलाने में मदद करता था। करन पर दुखों का पहाड़ तब टूटा था जब करीब तीन साल पहले काम के दौरान उसके पिता शीलेंद्र की मौत हो गई थी।
मौत से परिवार में मची चीख-पुकार
वहीं 20 वर्षीय सुमित दो भाइयों और दो बहनों में तीसरे नंबर पर था। उसके सिर से भी पिता सौदान सिंह का साया करीब 12 साल पहले उठ चुका था। परिवार की बदहाली के कारण सुमित ने बचपन से ही मजदूरी करना शुरू कर दिया था। वह वर्तमान में नगला भाऊ में तहसील के पीछे लोडिंग का काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। करन और सुमित दोनों ही अपने परिवारों के साथ किराए के मकान में रहकर गुजर-बसर कर रहे थे। शनिवार को अमावस्या पर होने वाले श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ही करन और सुमित अपनी बाइक से आशू को उसके पैतृक गांव छोड़ने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में यह अनहोनी घट गई। सुमित और करन अविवाहित थे। शुक्रवार रात करीब नौ बजे तक जो युवा हंसते-खेलते घर से निकले थे। उनके शव जब घर पहुंचे तो परिजनों की चीख-पुकार से पूरा मोहल्ला गमगीन हो गया। जवान बेटों की अर्थियां उठते देख परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।