{"_id":"6aca612aed0ecd8961035aa3","slug":"class-12-pass-out-used-to-commit-fraud-in-name-of-providing-jobs-by-claiming-to-be-friend-of-dgp-pro-2026-10-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"12वीं पास का हैरान करने वाला कारनामा: डीजीपी के पीआरओ का दोस्त बन जमाया राैब, नाैकरी के नाम पर ठगे सवा करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12वीं पास का हैरान करने वाला कारनामा: डीजीपी के पीआरओ का दोस्त बन जमाया राैब, नाैकरी के नाम पर ठगे सवा करोड़
Sat, 10 Oct 2026 09:30 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 10 Oct 2026 09:30 PM IST
सार
आरोपी को पकड़ कर पूछताछ हुई तो पुलिस के होश उड़ गए। मात्र 12वीं पास वीरू अपने रहन सहन दिखाकर लोगों को जाल में फंसा लेता था। नाैकरी के नाम पर रकम ठग लेता था। पुलिस अब उसके साथी की तलाश में जुटी है।
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें
खुद को डीजीपी के पीआरओ का दोस्त बताकर यूपी और राजस्थान के बेरोजगारों से करोड़ों की ठगी करने वाले 12वीं पास आरोपी वीरू शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके मोबाइल में कई विभागों के फर्जी नियुक्तिपत्र मिले हैं। आरोपी ने आगरा की शिक्षिका के बेटे की पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर 13.25 लाख ठगे थे। न्यायालय ने उसे जेल भेजा है। उसके अन्य साथी की पुलिस तलाश कर रही है।
सदर के मुस्तफा क्वाटर निवासी अरविंद सक्सेना ने शमशाबाद रोड के रौनक एंक्लेव निवासी वीरू शर्मा पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि उनकी पत्नी सरकारी शिक्षक सुनीता की कुछ समय पहले बीएलओ के काम के दौरान रोहता में वीरू से मुलाकात हुई थी। वीरू ने खुद को समाजसेवी बताया और लखनऊ के अधिकारियों से संबंध होने की बात कही। खुद को डीजीपी यूपी के पीआरओ का करीबी दोस्त बताया और उनके बेटे द्वारा दी गई पुलिस विभाग में लिपिक की परीक्षा में सेटिंग कर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उनसे 13.25 लाख लिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सदर के मुस्तफा क्वाटर निवासी अरविंद सक्सेना ने शमशाबाद रोड के रौनक एंक्लेव निवासी वीरू शर्मा पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि उनकी पत्नी सरकारी शिक्षक सुनीता की कुछ समय पहले बीएलओ के काम के दौरान रोहता में वीरू से मुलाकात हुई थी। वीरू ने खुद को समाजसेवी बताया और लखनऊ के अधिकारियों से संबंध होने की बात कही। खुद को डीजीपी यूपी के पीआरओ का करीबी दोस्त बताया और उनके बेटे द्वारा दी गई पुलिस विभाग में लिपिक की परीक्षा में सेटिंग कर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उनसे 13.25 लाख लिए।
विज्ञापन
Trending Videos
बाद में वाट्सएप पर परीक्षा के परिणाम की फर्जी पीडीएफ भेज दिया। आरोपी ने भरोसे में लेने के लिए डीजीपी का पीआरओ बताते हुए अपने साथी राज शर्मा से भी बात कराई थी। मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को पकड़ कर पूछताछ हुई तो पुलिस के होश उड़ गए। मात्र 12वीं पास वीरू अपने रहन सहन दिखाकर लोगों को जाल में फंसा लेता था। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि आरोपी ने यूपी और राजस्थान में आठ बेरोजगारों से सवा करोड़ से अधिक ठगी की वारदात कबूल की हैं। उसके साथियों का पुलिस पता लगा रही है।
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश सचिवालय, मेट्रो, धौलपुर में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय समेत कई विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करता था। उसके साथियों का पता लगाया जा रहा है। जो भी अन्य पीड़ित सामने आएंगे,उनकी शिकायत को भी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश सचिवालय, मेट्रो, धौलपुर में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय समेत कई विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करता था। उसके साथियों का पता लगाया जा रहा है। जो भी अन्य पीड़ित सामने आएंगे,उनकी शिकायत को भी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।