फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Basic Service for Urban Poor housing scheme scam in agra

एक्सक्लूसिव: 127 करोड़ रुपये में बने गरीबों के मकान जर्जर, अब जांच के लिए दिए 67.50 लाख

Mon, 18 Jan 2021 11:19 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 18 Jan 2021 11:19 AM IST
सार

  • आगरा के नरायच में आवंटन से पहले ही टूटे 3640 मकान... बीम, कॉलम, स्लैब में आईं दरारें, आईआईटी रुड़की की टीम करेगी जांच

विज्ञापन
Basic Service for Urban Poor housing scheme scam in agra
बीएसयूपी योजना के तहत बने आवास - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में शहरी गरीबों के लिए नरायच में बनाए गए 3640 मकान गृह प्रवेश से पहले ही खंडहर हो गए। 127 करोड़ रुपये की लागत से आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा नरायच में 3640 मकान और शास्त्रीपुरम में 1360 मकानों का निर्माण कराया गया, लेकिन नरायच में 3640 मकान अधूरे हैं और अब इनके तीसरी मंजिल के बीम, कॉलम और स्लैब में दरारें आ गई हैं, जिससे यह गिरासू हैं। आगरा विकास प्राधिकरण ने मकानों के टूटने पर आईआईटी रुड़की से स्ट्रक्चरल (ढांचे की) जांच कराने के लिए 67.50 लाख रुपये भी जारी कर दिए हैं।

विज्ञापन


डूडा की 127 करोड़ रुपये की योजना में आवास बनाने की जिम्मेदारी आगरा विकास प्राधिकरण को सौंपी गई, लेकिन एडीए के इंजीनियरों ने नरायच और शास्त्रीपुरम में जो आवास बनाए, वह आवंटन और गृह प्रवेश से पहले ही खंडहर हो गए। नरायच में 4 मंजिला भवनों की तीसरी मंजिल के कॉलम और बीम में दरारें आ गई हैं। बीम में दरारों के कारण ये आवास कभी भी गिर सकते हैं।
विज्ञापन


शास्त्रीपुरम में छतों से टपका रहा पानी 
गरीबों के लिए बनाए बेसिक सर्विसेज फॉर अर्बन पुअर (बीएसयूपी) के शास्त्रीपुरम में बने 1360 मकानों में छत टपक रही है। हाथ लगाते ही प्लास्टर झड़ रहा है। पीली ईंटों से बने आवासों में प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। कमिश्नर अनिल कुमार के निर्देश पर दो अधिकारियों की टीम ने जब शास्त्रीपुरम के आवास का दिसंबर में निरीक्षण किया तो पाया कि पानी की टंकी रखी नहीं गई। जलापूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं है और टॉयलेट चोक है। सीवर लाइन बिछाई नहीं गई। बिजली के स्विच तक आवासों में नहीं लगाए गए। बिजली का कनेक्शन न होने से ब्लॉक में अंधेरा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

भुगतान न होने पर ठेकेदारों ने रोका काम
साल 2009 में शहरी गरीबों के लिए बीएसयूपी योजना लांच की गई। 5 हजार आवास बनाने की जिम्मेदारी एडीए को दी गई। डूडा की इस योजना में 4 अनुबंध के तहत नरायच में निर्माण कार्य कराए गए। 2014 में प्रदेश सरकार ने बजट रोक दिया तो ठेकेदारों ने काम बंद कर दिया। 

भुगतान न होने पर काम करने वाली एजेंसियां और ठेकेदार इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाद दाखिल करने के साथ आर्बिट्रेशन में चले गए। तब से अब तक मामला लंबित है। शास्त्रीपुरम में 1360 मकानों के लिए डूडा ने 56 करोड़ रुपये जारी किए, जिनमें ब्लॉक 3 के चारों पॉकेट का निर्माण शुरू किया गया है, लेकिन पुराने बने मकान पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो गए हैं और छतें गिरासू तथा पूरे मानसून नल की तरह से पानी बरसाती रहीं।

निर्माण संबंधी शिकायतें मिलीं
एडीए के सचिव राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि शास्त्रीपुरम में जो शिकायतें आई थीं, उन्हें दूर कराया गया था, लेकिन यहां निर्माण संबंधी शिकायतें हैं। सीवर और पानी की भी शिकायतें मिली हैं। ठेकेदार से कमियों को दूर कराएंगे। नरायच में आईआईटी रुड़की से स्ट्रक्चरल जांच के लिए कहा गया है। उन्होंने अभी जांच शुरू नहीं की है।

इससे अच्छा तो हम खुद बनवा लेते
शास्त्रीपुरम में बीएसयूपी के तहत बने मकान में रहने वाले जीत सिंह ने बताया कि जो आवास आवंटित किया, उसकी अगस्त में छत गिर गई। सरिया निकल रही हैं। छज्जा भी टूट गया। प्लास्टर जब-तब गिरता रहता है। इससे अच्छा तो हम खुद बनवा लेते। 

पानी की व्यवस्था नहीं
किशन सिंह ने कहा कि आावास में पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। छतों पर पानी की टंकी ही नहीं है। टॉयलेट चोक हैं और बिजली के स्विच नहीं हैं। ऐसी अंधेरगर्दी मचाई है कि सभी अधिकारियों ने आंखों पर पट्टी बांध ली है। 

सोते समय प्लास्टर गिरा
बीएसयूपी के तहत बने मकान में रहने वाली पुष्पा देवी ने कहा कि जब आवंटन हुआ तो लगा कि अपना मकान होगा, लेकिन इससे भली तो अपनी झोंपड़ी थीं। कम से कम टीन डालकर रह तो लेते। छत कभी भी गिर रही हैं। प्लास्टर सोते समय मुंह पर गिरा। यहां तो जान के लाले हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed