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बांग्लादेशी घुसपैठिए: बंगला नंबर 46 में बस गए 300 से ज्यादा परिवार, पूर्व मंत्री ने उठाए थे सवाल

Tue, 07 Feb 2023 02:28 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 07 Feb 2023 02:28 PM IST
सार

छावनी एक्ट के तहत बाहरी व्यक्ति यदि छह माह या इससे अधिक अस्थायी रूप से छावनी इलाके में निवास करता है तो वह मतदाता बनने को आवेदन कर सकता है।

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Bangladeshi infiltrators More than 300 families settled in bungalow number 46 former minister raised questions
बांग्लादेशियों की बस्ती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में छावनी के बंगला नंबर 46 में बसी बस्ती पर भी सवाल उठाए जा चुके हैं। पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने बंगला नंबर 46 में रहने वाले लोगों को छावनी का मतदाता बनाए जाने पर एतराज जताया था। उन्होंने महानिदेशक, रक्षा संपदा को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। उनका कहना था कि इस भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है।

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छावनी का बंगला नंबर 46 पूर्व में जोंस मिल के मालिक रहे आईए जोंस की संपत्ति थी। उनके यहां से जाने के बाद लोगों ने इस खाली जमीन में कच्चे-पक्के अतिक्रमण करके रहना शुरू कर दिया। यह छावनी के किराएदार भी नहीं है। यहां के निवासी छावनी परिषद के मतदाता भी बन गए। बस्ती में रहने वाले लोगों की जांच कराने के बारे में पूर्व मंत्री डॉ. जीएस धर्मेश ने जांच की मांग उठाई थी। उनका कहना था कि उक्त भूमि पर 46 से ज्यादा अवैध निर्माण किए गए हैं।
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बजरंग दल के प्रांत संयोजक दिग्विजयनाथ तिवारी का कहना है कि बाहर से आकर बसने वालों के आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड तक बन गए। यहां के आकर बसे लोग कहां से आए। इनके पास बिजली, पानी आदि के कनेक्शन तक हैं। उनका कहना है कि छावनी के कुछ जनप्रतिनिधियों के समर्थन के कारण अवैध रूप से रहने वाले लोगों की जांच तक नहीं हो सकी है। इस मुद्दे को लेकर वह मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री से मिलेंगे।
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इस संबंध में छावनी परिषद के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि बंगला नंबर 46 में रहने वाले छावनी के किराएदार नहीं है। छावनी एक्ट के तहत बाहरी व्यक्ति यदि छह माह या इससे अधिक अस्थायी रूप से छावनी इलाके में निवास करता है तो वह मतदाता बनने को आवेदन कर सकता है।

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