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अयोध्या पर फैसला आने से पहले क्यों सतर्क हुआ प्रशासन
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कासगंज में आयोध्या मामले को लेकर आयोजित बैठक में बोलते एसडीएम व मौजूद सीओ, व इंस्पेक्टर
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। अयोध्या मसले पर अपने वाले फैसले की घड़ी नजदीक आते ही जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रशासन ने जिले में अमनचैन का माहौल बनाए रखने के लिए अपनी कवायद शुरू कर दी है। एसपी ने भी शहर में भ्रमण किया।
राम मंदिर आंदोलन के दौरान जिले का माहौल काफी गरम रहा था। विवादित ढांचा ढह जाने के बाद तो दोनों समुदायों के बीच काफी तनाव की स्थिति पैदा हो गई। 21 माह पहले जिले में तिरंगा यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा हो गई थी, जिसमें एक युवक की हत्या की घटना हो गई। जबकि बड़ी संख्या में आगजनी हुई। ऐसे में प्रशासन अयोध्या मसले को लेकर आने वाले फैसले पर कोई रिस्क लेना नहीं चाहता। इस मसले पर कोर्ट का निर्णय आने में अधिक समय नहीं हैं, जिससे प्रशासन काफी सतर्क है। पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने स्वयं शहर का भ्रमण कर पुलिस की सतर्कता को परखा। विभिन्न प्वाइंटों पर तैनात पुलिस की ड्यूटी को चेक किया।
शहर में एसडीएम ललित कुमार सीओ आइपी सिंह ने जामा मस्जिद, चकैया मस्जिद, हिदायत नगर, गप्पू चौराहा क्षेत्रों में मुस्लिम समुदायों के साथ अलग-अलग बैठक की। इन बैठकों में मौलाना, मुफ्ती के अलावा समाज के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इसी तरह माता चामुंडा मंदिर पर भी पुजारी के साथ बैठक की गई। इस बैठक में भी मंदिर पुजारी के अलावा मंदिर पहुंचने वाले भक्त भी उपस्थित रहे।
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कस्बा बिलराम मेें दोनों समुदायों की सामूहिक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व चेयर मैन तोताराम कुशवाह, अशरफ अली कुरैशी, सरफुद्दीन, अकील अहमद कुरैशी, मुस्लिम खां, प्रेमसिंह चौहान, प्रमोद कुमार ठेकेदार, कमालुद्दीन, बंटी कुरेशी, राजू वर्मा, नसीम पहलवान, टीटू गौतम, हाफिज इमरान, डा. लालाराम वर्मा, पन्नालाल प्रधान, अकरम कुरैशी, पप्पू वर्मा सभासद, शीलेंद्र, सोमेंद्र पाल,राम सिंह, मान पाल सिंह प्रधान, सुखदेवी सभासद, नवाब अली आदि मौजूद रहे। गंजडुंडवारा में एसडीएम पटियाली शिवकुमार सिंह, सीओ गवेंद्र पाल सिंह गौतम ने दोनों समुदायों के बीच बैठक की। बैठकों में अधिकारियों ने जहां लोगों से फैसले का सम्मान करने की अपील की वहीं खुराफात करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
खुफिया विभाग अलर्ट
कासगंज। अयोध्या मसले पर आने वाले फैसले को लेकर खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है। एलआईयू एवं एलआईओ से जुड़े कर्मी जिले भर में पूरी नजर बनाए हुए हैं। इन विभागों के कर्मी लोगों के बीच पहुंचकर टोह ले रहे हैं।
राम मंदिर को लेकर जिले में अलर्ट जारी
एटा। राम मंदिर को लेकर नवंबर माह में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आ सकता है। इसको लेकर जिले में अलर्ट जारी किया गया है। दो समुदायों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसला को लेकर प्रदेश सरकार कोई भी चूक नहीं होने देना चाहती है। इसलिए पुलिस अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जो क्षेत्र विवादित या संवेदनशील रहे हैं वहां अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर पुलिस टीम गठित की जाएगी, अगर जरूरत पड़ी तो बाहरी फोर्स भी मंगाया जा सकता है।
एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया राम मंदिर को लेकर फैसला आने की नवंबर में संभावनाएं जताई जा रही हैं।
देश के करोड़ों हिंदुओं के आराध्य श्रीराम की जन्म भूमि अधिकार के इस निर्णय का दशकों से इंतजार है। देश की सर्वोच्च अदालत से सच्चाई, आस्था एवं पौराणिक प्रमाणों की विजय होगी। वहां भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा।
अरविंद चौहान, विभाग संयोजक, विहिप
हर भारतीय को भारतीय संविधान एवं कानून पर भरोसा है। अयोध्या मामले में भी हम अदालत का फैसला मानेंगे। अमन चैन से रहने वालों को कानून मानना चाहिए।
मुख्तयार अहमद नजमी, नायब शहर काजी
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राम मंदिर आंदोलन के दौरान जिले का माहौल काफी गरम रहा था। विवादित ढांचा ढह जाने के बाद तो दोनों समुदायों के बीच काफी तनाव की स्थिति पैदा हो गई। 21 माह पहले जिले में तिरंगा यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा हो गई थी, जिसमें एक युवक की हत्या की घटना हो गई। जबकि बड़ी संख्या में आगजनी हुई। ऐसे में प्रशासन अयोध्या मसले को लेकर आने वाले फैसले पर कोई रिस्क लेना नहीं चाहता। इस मसले पर कोर्ट का निर्णय आने में अधिक समय नहीं हैं, जिससे प्रशासन काफी सतर्क है। पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने स्वयं शहर का भ्रमण कर पुलिस की सतर्कता को परखा। विभिन्न प्वाइंटों पर तैनात पुलिस की ड्यूटी को चेक किया।
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शहर में एसडीएम ललित कुमार सीओ आइपी सिंह ने जामा मस्जिद, चकैया मस्जिद, हिदायत नगर, गप्पू चौराहा क्षेत्रों में मुस्लिम समुदायों के साथ अलग-अलग बैठक की। इन बैठकों में मौलाना, मुफ्ती के अलावा समाज के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इसी तरह माता चामुंडा मंदिर पर भी पुजारी के साथ बैठक की गई। इस बैठक में भी मंदिर पुजारी के अलावा मंदिर पहुंचने वाले भक्त भी उपस्थित रहे।
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कस्बा बिलराम मेें दोनों समुदायों की सामूहिक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व चेयर मैन तोताराम कुशवाह, अशरफ अली कुरैशी, सरफुद्दीन, अकील अहमद कुरैशी, मुस्लिम खां, प्रेमसिंह चौहान, प्रमोद कुमार ठेकेदार, कमालुद्दीन, बंटी कुरेशी, राजू वर्मा, नसीम पहलवान, टीटू गौतम, हाफिज इमरान, डा. लालाराम वर्मा, पन्नालाल प्रधान, अकरम कुरैशी, पप्पू वर्मा सभासद, शीलेंद्र, सोमेंद्र पाल,राम सिंह, मान पाल सिंह प्रधान, सुखदेवी सभासद, नवाब अली आदि मौजूद रहे। गंजडुंडवारा में एसडीएम पटियाली शिवकुमार सिंह, सीओ गवेंद्र पाल सिंह गौतम ने दोनों समुदायों के बीच बैठक की। बैठकों में अधिकारियों ने जहां लोगों से फैसले का सम्मान करने की अपील की वहीं खुराफात करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
खुफिया विभाग अलर्ट
कासगंज। अयोध्या मसले पर आने वाले फैसले को लेकर खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है। एलआईयू एवं एलआईओ से जुड़े कर्मी जिले भर में पूरी नजर बनाए हुए हैं। इन विभागों के कर्मी लोगों के बीच पहुंचकर टोह ले रहे हैं।
राम मंदिर को लेकर जिले में अलर्ट जारी
एटा। राम मंदिर को लेकर नवंबर माह में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आ सकता है। इसको लेकर जिले में अलर्ट जारी किया गया है। दो समुदायों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसला को लेकर प्रदेश सरकार कोई भी चूक नहीं होने देना चाहती है। इसलिए पुलिस अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जो क्षेत्र विवादित या संवेदनशील रहे हैं वहां अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर पुलिस टीम गठित की जाएगी, अगर जरूरत पड़ी तो बाहरी फोर्स भी मंगाया जा सकता है।
एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया राम मंदिर को लेकर फैसला आने की नवंबर में संभावनाएं जताई जा रही हैं।
देश के करोड़ों हिंदुओं के आराध्य श्रीराम की जन्म भूमि अधिकार के इस निर्णय का दशकों से इंतजार है। देश की सर्वोच्च अदालत से सच्चाई, आस्था एवं पौराणिक प्रमाणों की विजय होगी। वहां भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा।
अरविंद चौहान, विभाग संयोजक, विहिप
हर भारतीय को भारतीय संविधान एवं कानून पर भरोसा है। अयोध्या मामले में भी हम अदालत का फैसला मानेंगे। अमन चैन से रहने वालों को कानून मानना चाहिए।
मुख्तयार अहमद नजमी, नायब शहर काजी