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CBSE 12th Result: ऑटो चालक की बेटी ने किया कमाल, किचन में पढ़ाई कर हासिल किए इतने अंक; न रहा खुशी का ठिकाना

Tue, 14 May 2024 08:04 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 14 May 2024 08:04 AM IST
सार

ऑटो चालक पिता की मेहनत देख पढ़ाई के लिए गंभीर हुई वंशिका ने कभी भी ये नहीं देखा कि उसके पास क्या संसाधन है। उसने लक्ष्य की ओर निशाना साधा और 12वीं की परीक्षा में 95.3 फीसदी अंक हासिल किए।

 

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auto driver's happiness knew no bounds after seeing his daughter CBSE 12th Result 2024 studied in kitchen
वंशिका मल्होत्रा अपने पिता के साथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा की मेधा संसाधनों की मोहताज नहीं। सीबीएसई के 10वीं-12वीं की परीक्षा में ऐसे कई मेधावियों ने आसमां छुआ, जिनके घर आर्थिक तंगी डेरा डाले है। मां-पिता के संघर्ष ने उन्हें पढ़ाई के प्रति गंभीर किया, जिससे बेहतर अंक हासिल हुए।
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सेंट एंड्रूज पब्लिक स्कूल की छात्रा वंशिका मल्होत्रा शहीद नगर में रहती हैं। इन्हें किराए पर ऑटो चलाकर पिता ने पढ़ाया। बेटी उनकी उम्मीदों पर खरी उतरी और 95.3 फीसदी अंक हासिल किए। वंशिका ने बताया कि पिता 10-12 घंटे ऑटो चलाते हैं। उनकी मेहनत देख वह पढ़ाई के प्रति गंभीर हुई। बिजली का बिल बचाने के लिए मैं मां (नीलम मल्होत्रा) के किचन में भोजन पकाते वक्त वहीं पढ़ाई करती थी। रिवीजन और प्रैक्टिस पर जोर रहा। अब यूपीएससी की तैयारी करनी है।
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मुख्य विषय को दिए एक-एक घंटा अतिरिक्त

 

सेंट एंड्रूज स्कूल के 12वीं में 95.8 फीसदी अंक पाने वाले शुभ शिवहरे ने बताया कि पिता कैटरिंग का कार्य करते हैं। सहालग के अलावा काम नहीं मिलता है, ऐसे में घर खर्च के लिए लाले पड़ते। कई बार पढ़ाई के लिए रिश्तेदारों से उधार भी लिया। इससे पढ़ाई के लिए और प्रेरणा मिली। घर में 6-8 घंटे पढ़ाई का नियम बनाया है। मुख्य विषय भौतिक, रसायन विज्ञान और गणित को 1-1 घंटा अतिरिक्त देकर तैयारी की। पिता अरुण शिवहरे ने बताया कि बेटे ने घर की स्थिति समझकर और गंभीरता से पढ़ाई की।


 
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प्रशांत बनना चाहता है सैन्य अफसर
सरस्वती विद्या मंदिर के 12वीं में 92.8 फीसदी अंक हासिल करने वाले आदित्य सारस्वत ने बताया कि पिता मनोज सारस्वत टैक्सी चलाते हैं। 10-12 हजार कमाते हैं। कई बार फीस भरने के लिए भी दिक्कत होती है। पिता यही कहते कि तू पढ़कर बड़ा आदमी बन जाएगा तो सभी परेशानी दूर हो जाएंगी। ऐसे में मैंने सेल्फ स्टडी के तौर 6-8 घंटे रोज पढ़ता। खासकर रात में तैयारी करता। दिन में घर के कामकाज भी करता। सेना में अफसर बनना है, इसके लिए एनडीए की तैयारी कर रहा हूं।

 
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जो नहीं आता, उसे ज्यादा पढ़ता
सरस्वती विद्या मंदिर के प्रशांत शर्मा ने बताया कि कोविड काल में पिता की जॉब चली गई। अभी कोई स्थायी नौकरी नहीं है। छोटे भाई को गंभीर बीमारी है, इलाज में प्लाॅट बिक गया। पढ़ाई कर सहारा बनने का सपना देखा है। सेल्फ स्टडी के साथ ही नोट्स बनाए। शिक्षकों से भी पूछता, जो नहीं आता, उसको ज्यादा पढ़ता हूं। यूपीएससी की तैयारी कर रहा हूं।

 

पिता की मेहनत देख बढ़ा रुझान
हाईस्कूल में 87.6 फीसदी अंक पाने वाले आर्यन कुमार ने बताया कि पिता जयवीर सिंह सेल्समैन हैं। 8-10 हजार कमाते हैं। 5 सदस्यों का घर चलाने में परेशानी आती है। कई बार फीस भरने में भी दिक्कत होती। ऐसे में पिता की मेहनत को देख पढ़ाई के प्रति और रुझान बढ़ा। सरस्वती विद्या मंदिर में पढ़ता हूं। 5-6 घंटे पढ़ाई नियमित करता हूं, जो नहीं आता उनका नोट्स बनाकर स्कूल में पूछता हूं। घर आकर 2-3 बार रिवीजन करता हूं।
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