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Taj Mahal: रबर डैम का निर्माण होना चाहिए या नहीं...ताज पर क्या पडे़गा असर, एएसआई करेगा अध्ययन
Wed, 10 Sep 2025 10:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 10 Sep 2025 10:01 AM IST
सार
ताजमहल के नजदीक नगला पैमा में रबर डैम के निर्माण से ताजमहल की नींव और उसके ढांचे पर क्या प्रभाव पड़ेगा, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) इसका अध्ययन करेगा।
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ताजमहल
- फोटो : संवाद
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विस्तार
आगरा के नगला पैमा में प्रस्तावित रबर डैम के निर्माण से ताजमहल की नींव और उसके ढांचे पर क्या प्रभाव पड़ेगा, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) इसका अध्ययन करेगा। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने से पहले सिंचाई विभाग और एएसआई से ताज पर पड़ने वाले प्रभाव की अध्ययन रिपोर्ट मांगी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की कमान संभालने के बाद 2017 में पहली बार आगरा आगमन पर ताजमहल की डाउन स्ट्रीम में स्थित नगला पैमा में रबर डैम का शिलान्यास किया था। बजट में बैराज के लिए 200 करोड़ रुपये भी आवंटित हुए, लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही से आठ साल से रबर डैम कागजों से बाहर नहीं निकल सका।
मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने सिंचाई बंधु बैठक में रबर डैम प्रोजेक्ट की समीक्षा की। ताज बैराज खंड से रबर डैम की प्रगति पूछी। उन्हें बताया गया कि अनापत्ति देने के लिए एनएमसीजी ने एएसआई और सिंचाई विभाग से इम्पैक्ट ऑन फाउडेंशन एंड स्ट्रैक्चरल इंटिग्रेटी ऑफ ताजमहल पर अध्ययन रिपोर्ट मांगी है।
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इस संबंध में सिंचाई विभाग ने एएसआई को पत्र भेजा है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद एनएमसीजी को भेजी जाएगी जिसके बाद रबर डैम निर्माण के लिए एनओसी मिलेगी। रबर डैम निर्माण के लिए सिंचाई विभाग को वन एवं पर्यावरण विभाग से भी एनओसी नहीं मिल सकी है। जिस स्थल पर रबर डैम प्रस्तावित हैं, वहां 50 से अधिक पेड़ खड़े हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की कमान संभालने के बाद 2017 में पहली बार आगरा आगमन पर ताजमहल की डाउन स्ट्रीम में स्थित नगला पैमा में रबर डैम का शिलान्यास किया था। बजट में बैराज के लिए 200 करोड़ रुपये भी आवंटित हुए, लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही से आठ साल से रबर डैम कागजों से बाहर नहीं निकल सका।
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मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने सिंचाई बंधु बैठक में रबर डैम प्रोजेक्ट की समीक्षा की। ताज बैराज खंड से रबर डैम की प्रगति पूछी। उन्हें बताया गया कि अनापत्ति देने के लिए एनएमसीजी ने एएसआई और सिंचाई विभाग से इम्पैक्ट ऑन फाउडेंशन एंड स्ट्रैक्चरल इंटिग्रेटी ऑफ ताजमहल पर अध्ययन रिपोर्ट मांगी है।
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इस संबंध में सिंचाई विभाग ने एएसआई को पत्र भेजा है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद एनएमसीजी को भेजी जाएगी जिसके बाद रबर डैम निर्माण के लिए एनओसी मिलेगी। रबर डैम निर्माण के लिए सिंचाई विभाग को वन एवं पर्यावरण विभाग से भी एनओसी नहीं मिल सकी है। जिस स्थल पर रबर डैम प्रस्तावित हैं, वहां 50 से अधिक पेड़ खड़े हैं।