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शस्त्र लाइसेंस फर्जीवाड़ा: हथियार जब्त नहीं...गिरफ्तारी करने में भी डर रही एसटीएफ और पुलिस; उठ रहे ये सवाल

Sat, 31 May 2025 11:36 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 31 May 2025 11:36 AM IST
सार

अवैध विदेशी हथियार और लाइसेंस के फर्जीवाड़े के मामले में पहले दिन ही विवेचना एसटीएफ को ट्रांसफर कर दी गई, इसके बाद भी न तो हथियार जब्त किए जा सके हैं और ना हीं गिरफ्तारी हो सकी है। 
 

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Arms license fraud: Weapons not confiscated STF and police failed to make arrests
फर्जी शस्त्र लाइसेंस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

अवैध विदेशी हथियार और लाइसेंस के फर्जीवाड़े की विवेचना कछुआ गति से चल रही है। पहले दिन ही विवेचना एसटीएफ को ट्रांसफर कर दी गई थी। एक सप्ताह बाद भी न हथियार जब्त किए गए हैं, न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है। इससे आरोपियों को बचने का माैका मिल रहा है। कई पुलिसवालों की आरोपियों से मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। विवेचना में लेटलतीफी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोपियों पर 3 अलग-अलग थानों में केस दर्ज हुए हैं।
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डीजीपी के आदेश पर थाना नाई की मंडी के केस की विवेचना पहले दिन ही एसटीएफ को ट्रांसफर कर दी गई थी। जगदीशपुरा और सिकंदरा की विवेचना पुलिस कर रही है। आरोपी शोभित चतुर्वेदी के सफेदपोशों से लेकर पुलिसकर्मियों से संबंध हैं। इन्हीं संबंधों का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता विवेचना में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस और एसटीएफ 7 दिन बाद एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।
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वहीं जिन हथियारों को अवैध बताया गया है, वह भी जब्त नहीं हुए हैं। यह आरोपियों के पास ही है। इनके लाइसेंस भी निरस्त नहीं कराए गए हैं। पुलिस और एसटीएफ की कछुआ गति से कार्रवाई से आरोपियों को बचने का माैका भी मिल रहा है।

 

पहला केस
24 मई को थाना नाई की मंडी में लिखा गया था। यह एसटीएफ के निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने लिखाया था। इसमें मोहम्मद जैद खान, मोहम्मद अरशद खान, राजेश कुमार बघेल, भूपेंद्र सारस्वत, शिवकुमार सारस्वत, शोभित चतुर्वेदी और सेवानिवृत्त एएलसी प्रथम संजय कपूर को नामजद किया गया था।

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दूसरा केस
थाना सिकंदरा में 28 मई को लिखा गया। इसमें भूपेंद्र सारस्वत, अमित, सोनू गाैतम और शोभित चतुर्वेदी को नामजद किया गया। आरोप लगाया था कि शिकायतकर्ता विशाल भारद्वाज की 20 लाख रुपये में कुख्यात अपराधी सोनू गाैतम को हत्या की सुपारी दी गई।

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तीसरा केस
थाना जगदीशपुरा में 30 मई को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम भदाैरिया की तहरीर पर लिखा गया। उन्होंने आरोप लगाया था कि भूपेंद्र के पिता शिवकुमार सारस्वत ने उन्हें एक पिस्टल बेची थी। इसके मूल दस्तावेज नहीं दिए। इसके अवैध होने की आशंका जताई।

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