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एक सप्ताह से नहीं हैं एंटी रैबीज वैक्सीन
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मैनपुरी। जिले में एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म हो गई हैं। स्वास्थ्य विभाग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। जिला अस्पताल में एक सप्ताह पहले ही स्टॉक खत्म हो चुका है। जिसके चलते यहां आने वाले मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है।
शहर में बंदरों का उत्पात है। राजीव गांधी नगर, रामलीला मैदान, नगला दौलत, नवीन गल्ला मंडी इलाके में बंदर हर रोज लोगों का अपना शिकार बना रहे हैं। तो जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन तक नहीं हैं। कुत्तों और बंदरों के शिकार लोग जिला अस्पताल में टीके के लिए पहुंचते हैं तो यहां वैक्सीन नहीं मिलती है।
राजीव गांधी नगर निवासी ध्रुव कुमार ने बताया कि वह पांच दिन से एआरवी के लिए जिला अस्पताल के चक्कर काट रहा है लेकिन यहां बताया जा रहा है वैक्सीन नहीं है।
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खटिकपुर निवासी अवनेश कुमार ने बताया कि वो तीन दिन से जिला अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं लेकिन यहां वैक्सीन नहीं मिल रही है। मोहल्ला रामलीला निवासी अनुज कुमार का कहना था कि वह एक सप्ताह से यहां चक्कर काट रहा है लेकिन वैक्सीन नहीं मिल पा रही है।
वर्ष 2019 में पांच मरीजों की हुई थी मौत
एंटी रैबीज की कमी के कारण वर्ष 2019 में पांच मरीजों की मौत हुई थी। प्राइवेट में इस वैक्सीन के 400 से 800 रुपये मांगे जा रहे हैं। इसके चलते गरीब परिवार के लोग नहीं लगवा पाते हैं और उनका जीवन खतरे में पड़ जाता है।
जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन न मिलने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार एक सप्ताह पहले 60 से 70 मरीज हर रोज टीके लगवाने पहुंचते थे।
हाईलाइटर्स
एंटी रैबीज के लिए मांग भेजी गई है। उम्मीद है कि दो दिन के अंदर आपूर्ति हो जाएगी। इसके बाद सभी मरीजों को आसानी से एआरवी लगाया जा सकेगा।
डॉ. आरके सागर सीएमएस
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शहर में बंदरों का उत्पात है। राजीव गांधी नगर, रामलीला मैदान, नगला दौलत, नवीन गल्ला मंडी इलाके में बंदर हर रोज लोगों का अपना शिकार बना रहे हैं। तो जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन तक नहीं हैं। कुत्तों और बंदरों के शिकार लोग जिला अस्पताल में टीके के लिए पहुंचते हैं तो यहां वैक्सीन नहीं मिलती है।
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राजीव गांधी नगर निवासी ध्रुव कुमार ने बताया कि वह पांच दिन से एआरवी के लिए जिला अस्पताल के चक्कर काट रहा है लेकिन यहां बताया जा रहा है वैक्सीन नहीं है।
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खटिकपुर निवासी अवनेश कुमार ने बताया कि वो तीन दिन से जिला अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं लेकिन यहां वैक्सीन नहीं मिल रही है। मोहल्ला रामलीला निवासी अनुज कुमार का कहना था कि वह एक सप्ताह से यहां चक्कर काट रहा है लेकिन वैक्सीन नहीं मिल पा रही है।
वर्ष 2019 में पांच मरीजों की हुई थी मौत
एंटी रैबीज की कमी के कारण वर्ष 2019 में पांच मरीजों की मौत हुई थी। प्राइवेट में इस वैक्सीन के 400 से 800 रुपये मांगे जा रहे हैं। इसके चलते गरीब परिवार के लोग नहीं लगवा पाते हैं और उनका जीवन खतरे में पड़ जाता है।
जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन न मिलने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार एक सप्ताह पहले 60 से 70 मरीज हर रोज टीके लगवाने पहुंचते थे।
हाईलाइटर्स
एंटी रैबीज के लिए मांग भेजी गई है। उम्मीद है कि दो दिन के अंदर आपूर्ति हो जाएगी। इसके बाद सभी मरीजों को आसानी से एआरवी लगाया जा सकेगा।
डॉ. आरके सागर सीएमएस