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मैनपुरीः 14 साल बाद हुई शिकायत, प्रशिक्षण के बाद भी शिक्षामित्र को नौकरी को मोहताज
Mon, 29 Jun 2020 11:42 PM IST
आगरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
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Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2020 11:42 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद एक के बाद एक शिक्षा विभाग में फर्जी तैनाती की शिकायतें आ रही हैं। घिरोर विकास खंड में एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर प्रशिक्षण के बाद भी नौकरी दूसरे व्यक्ति को देने की शिकायत की है।
मामला घिरोर विकास खंड के नगला पुनू से जुड़ा है। यहां के निवासी स्वामीशरन ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि वर्ष 2005-06 में ग्राम पंचायत ने गांव के प्राथमिक स्कूल में शिक्षामित्र नियुक्त करने का प्रस्ताव किया था।
प्रथम वरीयता के आधार पर गांव के ही स्वामीशरन पुत्र भजन लाल का चयन हुआ तो उसे तीस दिन का शिक्षामित्र प्रशिक्षण भी दिया गया। आरोप है कि प्रस्ताव से उसके नाम को हटाकर अपात्र रामजीलाल पुत्र बदन सिंह को शामिल कर शिक्षामित्र बना दिया। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन बीएसए और पूर्व लिपिक पर मिलीभगत कर फर्जी नियुक्ति कराने का आरोप लगाया है।
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शिकायत मिलने के बाद जांच कराई जा रही है। हालांकि मामला 14 साल पहले का है। पूर्व में उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली। विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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मामला घिरोर विकास खंड के नगला पुनू से जुड़ा है। यहां के निवासी स्वामीशरन ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि वर्ष 2005-06 में ग्राम पंचायत ने गांव के प्राथमिक स्कूल में शिक्षामित्र नियुक्त करने का प्रस्ताव किया था।
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प्रथम वरीयता के आधार पर गांव के ही स्वामीशरन पुत्र भजन लाल का चयन हुआ तो उसे तीस दिन का शिक्षामित्र प्रशिक्षण भी दिया गया। आरोप है कि प्रस्ताव से उसके नाम को हटाकर अपात्र रामजीलाल पुत्र बदन सिंह को शामिल कर शिक्षामित्र बना दिया। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन बीएसए और पूर्व लिपिक पर मिलीभगत कर फर्जी नियुक्ति कराने का आरोप लगाया है।
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शिकायत मिलने के बाद जांच कराई जा रही है। हालांकि मामला 14 साल पहले का है। पूर्व में उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली। विजय प्रताप सिंह, बीएसए
फर्जी अभिलेखों की शिकायत पर दो शिक्षामित्रों से हुई पूछताछ
अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद फर्जी शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की शिकायतों का मामला जोर पकड़ गया है। जिले के अलग-अलग विद्यालयों पर तैनात दो महिला शिक्षामित्रों के अभिलेख फर्जी बताए गए हैं। एक शिक्षामित्र के होमगार्ड की नौकरी भी करने की शिकायत की गई है। सोमवार को बीएसए ने तीनों शिक्षामित्रों को अपने कार्यालय में तलब किया और तीनों के अभिलेख जमा कराए। जांच टीम ने तीनों से पूछताछ भी की।
शिक्षामित्र के साथ होमगार्ड की नौकरी करने वाले शिक्षामित्र से भी जवाब हुआ तलब
किशनी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मदनापुर गपचरियापुर पर तैनात शिक्षामित्र श्याम कुमार की शिकायत की गई थी कि वह शिक्षामित्र के साथ ही होमगार्ड की भी नौकरी करते हैं। करहल विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर पर तैनात महिला शिक्षामित्र कंचन लता की शिकायत की गई कि वह अपनी भाभी के अभिलेखों से नौकरी कर रही हैं। जबकि मैनपुरी विकास के अस्योली पर तैनात शिक्षामित्र सुधा कुमारी की शिकायत की गई कि वह पढ़ी लिखी नहीं हैं और दूसरे के अभिलेखों से नौकरी कर रही है।
सोमवार को बीएसए विजय प्रताप सिंह ने टीम गठित करके तीनों की जांच कराई। टीम के सामने सभी शिक्षामित्र उपस्थिति हुए और अपने अभिलेखों की जांच कराई। बीएसए ने बताया कि जांच जारी है। श्याम कुमार ने ये स्वीकार किया है कि वह होमगार्ड है लेकिन उसने शिक्षामित्र की ड्यूटी के दौरान होमगार्ड की ड्यूटी दिन में नहीं की है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से राय मांगी गई है।
तीनों शिक्षामित्रों को तलब कर जांच कराई गई है। फिलहाल जांच में कुछ खास नहीं मिला है। जांच अभी जारी है। शिकायत में दिए गए सभी स्तरों पर जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट जिला चयन समिति को भेजी जाएगी। अंतिम फैसला जिला चयन समिति ही करेगी। विजय प्रताप सिंह, बीएसए
अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद फर्जी शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की शिकायतों का मामला जोर पकड़ गया है। जिले के अलग-अलग विद्यालयों पर तैनात दो महिला शिक्षामित्रों के अभिलेख फर्जी बताए गए हैं। एक शिक्षामित्र के होमगार्ड की नौकरी भी करने की शिकायत की गई है। सोमवार को बीएसए ने तीनों शिक्षामित्रों को अपने कार्यालय में तलब किया और तीनों के अभिलेख जमा कराए। जांच टीम ने तीनों से पूछताछ भी की।
शिक्षामित्र के साथ होमगार्ड की नौकरी करने वाले शिक्षामित्र से भी जवाब हुआ तलब
किशनी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मदनापुर गपचरियापुर पर तैनात शिक्षामित्र श्याम कुमार की शिकायत की गई थी कि वह शिक्षामित्र के साथ ही होमगार्ड की भी नौकरी करते हैं। करहल विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर पर तैनात महिला शिक्षामित्र कंचन लता की शिकायत की गई कि वह अपनी भाभी के अभिलेखों से नौकरी कर रही हैं। जबकि मैनपुरी विकास के अस्योली पर तैनात शिक्षामित्र सुधा कुमारी की शिकायत की गई कि वह पढ़ी लिखी नहीं हैं और दूसरे के अभिलेखों से नौकरी कर रही है।
सोमवार को बीएसए विजय प्रताप सिंह ने टीम गठित करके तीनों की जांच कराई। टीम के सामने सभी शिक्षामित्र उपस्थिति हुए और अपने अभिलेखों की जांच कराई। बीएसए ने बताया कि जांच जारी है। श्याम कुमार ने ये स्वीकार किया है कि वह होमगार्ड है लेकिन उसने शिक्षामित्र की ड्यूटी के दौरान होमगार्ड की ड्यूटी दिन में नहीं की है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से राय मांगी गई है।
तीनों शिक्षामित्रों को तलब कर जांच कराई गई है। फिलहाल जांच में कुछ खास नहीं मिला है। जांच अभी जारी है। शिकायत में दिए गए सभी स्तरों पर जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट जिला चयन समिति को भेजी जाएगी। अंतिम फैसला जिला चयन समिति ही करेगी। विजय प्रताप सिंह, बीएसए