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UP: 30 करोड़ की लागत से बनना था जो नाला, उसका बजट पहुंचा 49.84 करोड़...फिर भी न काम हो सका पूरा
Wed, 25 Jun 2025 09:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 25 Jun 2025 09:06 AM IST
सार
आगरा एयरपोर्ट के पास 49 करोड़ का नाला 10 साल में भी पूरा नहीं हो सका है। इसकी वजह से यहां जलभराव रहता है, जो राहगीरों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है।
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चोक पड़ा नाला।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के धनौली में निर्माणाधीन एयरपोर्ट वाली रोड पर 49 करोड़ रुपये नाला बनाने पर खर्च किए गए, लेकिन यह नाला अधूरा होने के साथ सिल्ट से चोक है। इस वजह से खेरिया मोड़, नरीपुरा, धनौली तक की मुख्य सड़क के साथ गलियां और मोहल्ले जलभराव के शिकार हैं। सिविल सोसायटी ने मुख्य विकास अधिकारी से निरीक्षण कर अधूरे नाले से हो रहे जलभराव के समाधान की मांग की है।
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एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव का निर्माण धनौली गांव में मुख्य सड़क के किनारे की जमीन पर चल रहा है। प्री-मानसून और मानसून की बारिश में एयरपोर्ट के गेट तक जलभराव हो रहा है। यहां बारिश का पानी निकालने के लिए जो नाला बनाया गया, वह अधूरा है। सिविल सोसायटी के सचिव अनिल शर्मा के मुताबिक धनौली, मलपुरा तक के पानी की निकासी कहां जाए, इसकी जानकारी ही नहीं की गई। खेरिया और दरगाह कमाल खां रोड से धनौली तक जल निगम ने जब से नाला बनवाया, तब से समस्या और बढ़ गई। जल निगम ने इन्हें भारी स्लैब से पाटने के साथ जगह-जगह अधूरा छोड़ दिया, जिससे पानी की निकासी ही नहीं है। यह स्टोरेज टैंक की तरह से बने हुए हैं।
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एसटीपी बनाकर समस्या करें दूर
सिविल सोसायटी अध्यक्ष शिरोमणि सिंह के मुताबिक सभी नाले नालियों का डिस्चार्ज एक तालाब बनाकर एकत्र किया जाए और इस पर एसटीपी बनाकर ट्रीटेड पानी पंप के जरिए निस्तारित किया जाए। एसटीपी से ट्रीटमेंट के बाद नाले का पानी मलपुरा पुल के पास नहर में डिस्चार्ज किया जा सकता है, जिससे खेती के लिए इसे उपयोग किया जा सके। सोसायटी के राजीव सक्सेना ने सीडीओ से मांग की है कि वह निरीक्षण कर समस्या समझें और निराकरण कराएं। शासन के साथ जनप्रतिनिधि इसी मानसून सत्र में धन की मांग रखवाएं।
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सिविल सोसायटी अध्यक्ष शिरोमणि सिंह के मुताबिक सभी नाले नालियों का डिस्चार्ज एक तालाब बनाकर एकत्र किया जाए और इस पर एसटीपी बनाकर ट्रीटेड पानी पंप के जरिए निस्तारित किया जाए। एसटीपी से ट्रीटमेंट के बाद नाले का पानी मलपुरा पुल के पास नहर में डिस्चार्ज किया जा सकता है, जिससे खेती के लिए इसे उपयोग किया जा सके। सोसायटी के राजीव सक्सेना ने सीडीओ से मांग की है कि वह निरीक्षण कर समस्या समझें और निराकरण कराएं। शासन के साथ जनप्रतिनिधि इसी मानसून सत्र में धन की मांग रखवाएं।
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बार-बार बदलती रही नाले की निर्माण लागत
साल 2014 से धनौली रोड नाले का निर्माण शुरू किया गया, तब इसकी लागत 30 करोड़ रुपये थी। साल 2017 में सीएंडडीएस ने 43.06 करोड़ रुपये का नया प्रस्ताव बनाया। 2018 में फिर प्रस्ताव बदला और जीएसटी व अन्य देय लगाकर तीसरी बार में लागत 49.58 करोड़ रुपये हो गई। अप्रैल 2018 में शासन से 20 करोड़ रुपये जारी हो गए। योजना में 6349 मीटर ट्रंक आरसीसी एवं 6563 मीटर ब्रांच आरसीसी प्रस्तावित थी। वर्ष 2020 में लागत बढ़कर 49.84 करोड़ रुपये कर दी गई। अब 110 करोड़ रुपये से फिर से नया प्रस्ताव बनाने की तैयारी की जा रही है।
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साल 2014 से धनौली रोड नाले का निर्माण शुरू किया गया, तब इसकी लागत 30 करोड़ रुपये थी। साल 2017 में सीएंडडीएस ने 43.06 करोड़ रुपये का नया प्रस्ताव बनाया। 2018 में फिर प्रस्ताव बदला और जीएसटी व अन्य देय लगाकर तीसरी बार में लागत 49.58 करोड़ रुपये हो गई। अप्रैल 2018 में शासन से 20 करोड़ रुपये जारी हो गए। योजना में 6349 मीटर ट्रंक आरसीसी एवं 6563 मीटर ब्रांच आरसीसी प्रस्तावित थी। वर्ष 2020 में लागत बढ़कर 49.84 करोड़ रुपये कर दी गई। अब 110 करोड़ रुपये से फिर से नया प्रस्ताव बनाने की तैयारी की जा रही है।
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