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Agra: एमजी रोड-2 के जख्मों पर लीपापोती का ‘मरहम’, अमर उजाला ने दिखाया था इस सड़क का हाल

Thu, 04 Aug 2022 06:17 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 04 Aug 2022 06:17 AM IST
सार

 अमर उजाला में खबर छपने के बाद पीडब्ल्यूडी इंजीनियर और ठेकेदार जेसीबी व मरम्मत सामग्री लेकर एमजी रोड-2 पर पहुंचे। मारुति एस्टेट पर हुए गड्ढों को खोदकर पैचवर्क किया।

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Amar Ujala Impact MG Road 2 repairs started in Agra
गड्ढों को खोदकर पैचवर्क किया गया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में एमजी रोड-2 के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए बुधवार को लीपापोती शुरू हो गई। सुबह पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर और ठेकेदार जेसीबी व अन्य सामग्री लेकर गड्ढों की मरम्मत करने पहुंच गए। मारुति एस्टेट पर हुए गड्ढों को खोदकर पैचवर्क किया। कुछ जगह गिट्टियां डालकर मरम्मत की रस्म अदायगी की।

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अमर उजाला ने बुधवार के अंक में एमजी रोड-2 की दुर्दशा का खुलासा किया था। ‘कॉमनवेल्थ का तोहफा गड्ढों में तब्दील’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद लोक निर्माण विभाग में हड़कंप मचा। मारुति एस्टेट, गोकुल नगर, विनय नगर, बोदला चौराहा के पास गड्ढों की मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की गई। 

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इन जगहों पर गड्ढे जस के तस 

जेसीबी से पहले गड्ढों को खोदा गया, फिर उनमें डामर मिली गिट्टियां डाली गईं। लेकिन, अमरपुरा, बीडी गार्डन मोड़, जीडी गोयनका और मघटई मोड़ पर हुए गड्ढे जस के तस छोड़ दिए। 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान आगरा में 14 किमी. लंबी एमजी रोड-2 का निर्माण हुआ था। 

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12 साल में 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बाद भी एमजी रोड-2 ध्वस्त पड़ी है। गड्ढों में गिरने से हादसे हो रहे हैं। उधर, जिम्मेदार आंख-कान बंद कर सो रहे हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता गजेंद्र वार्ष्णेय का कहना है कि सड़क की मरम्मत कराई जा रही है। सभी गड्ढों को भरा जाएगा।

संजय प्लेस में धंसी सड़क

संजय प्लेस में कॉसमॉस माल के सामने बुधवार सुबह सड़क धंसने से गहरा गड्ढा हो गया। इस गड्ढे में गिरने से जान जा सकती है। गड्ढे के चारों तरफ बैरिकेडिंग नहीं की गई। ऐसे में यहां सरकारी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इसके अलावा पुरानी मंडी चौराहा पर सड़क धंसने से बने गड्ढे में गिट्टियां डाली गईं, जिनसे फिसल कर दुपहिया वाहन सवार गिर गया। गनीमत थी उसे गंभीर चोट नहीं लगी।

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