अमर उजाला स्थापना दिवस विशेष: समय के साथ नई तकनीक के साथ ही पुलिस की बदली कार्यप्रणाली, साइबर व महिला अपराध पर अंकुश की रही कवायद
आगरा में पिछले कुछ वर्षों में जहां साइबर अपराध के मामलों में वृद्धि हुई है, वहीं मानव तस्करी के मामले भी सामने आ चुके हैं। पॉश इलाकों को चोर-लुटेरे निशाना बनाते हैं। इसको देखते हुए तीन नए थाने खोले गए। पुलिस ने नई तकनीक के साथ ही अपनी कार्यप्रणाली भी बदली है। इसका असर भी नजर आने लगा है।
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आगरा रेंज में चार जिले आते हैं। आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा और मैनपुरी। इन जिलों में साइबर अपराध के मामले में पीड़ितों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए भटकना पड़ता था। आगरा में रेंज साइबर सेल बनी थी। जिला साइबर सेल में जिले के ही मामले सुने जाते थे। रेंज साइबर सेल में उपकरण से लेकर कर्मचारियों की कमी होने के कारण साइबर अपराध पर अंकुश नहीं लग पा रहा था। मार्च 2020 में पुलिस लाइन में रेंज साइबर क्राइम थाना स्थापित किया गया। इसका उद्घाटन ततकालीन एडीजी अजय आनंद और आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने किया।
इस थाने में प्रभारी निरीक्षक से लेकर दरोगा और सिपाही तैनात किए गए। इनमें कंप्यूटर के जानकार से लेकर अपराधियों की धरपकड़ में माहिर कर्मचारी शामिल थे। अब पीड़ित लोगों को एक लाख से अधिक के आर्थिक अपराध के मामले में भटकना नहीं पड़ता है। उनकी शिकायत पर सीधे मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाती है।
थाना नंबर दो कमला नगर थाना
कमला नगर शहर के पॉश इलाके में से एक है। कालोनी में सामान्य वर्ग से लेकर व्यापारी, उद्यमी, शिक्षक, कालेज संचालक आदि रहते हैं। इलाके में बड़ी लूट और हत्या की वारदात से लेकर चोरी की वारदात आम बात है। व्यापारी वर्ग सालों से सुरक्षा की दृष्टि से थाना की मांग करता आ रहा था। यहां पर पूर्व में थाना न्यू आगरा की बल्केश्वर पुलिस चौकी ही हुआ करती थी। थाना का क्षेत्र बड़ा होने की वजह से ठीक से पेट्रोलिंग नहीं हो पा रही थी। दो दशक से लोगों की मांग पर शासन को प्रस्ताव भेजा गया। अगस्त 2020 में कमला नगर थाना बना था। इसके पहले निरीक्षक नरेंद्र शर्मा बने। 40 दिन में बल्केश्वर चौकी को थाना का रूप दिया गया था। हालाकि थाने के उद्घाटन के चंद दिन बाद ही इलाके में व्यापारी की हत्या और लूट की घटना हुई। इसके बाद पेट्रोलिंग बढ़ाई गई। थाना खुलने पर क्षेत्रीय लोगों ने खुशी जाहिर की। उन्हें अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए दूर भी नहीं भागन पड़ता है।
थाना नंबर तीन : मानव तस्करी निरोधक थाना
ताजनगरी में मानव तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। बाल भिक्षावृत्ति भी होती है। इसके अलावा लड़कियों के अपहरण के मामले सामने आते हैं। पुलिस लाइन में पहले मानव तस्करी निरोधक शाखा हुआ करती थी। नवंबर 2020 में तत्कालीन एसएसपी बबलू कुमार ने शाखा की जगह थाना स्थापित कराया। इसके लिए पुलिस लाइन में रेंज साइबर थाना के बराबर में एंटी हृयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाना (मानव तस्करी निरोधक थाना) खोला गया। इसमें निरीक्षक के तौर पर कमर सुल्तान को प्रभारी बनाया गया। दस पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया। इस थाने की प्रभारी को ही परिवार परामर्श केंद्र और एंटी रोमियो स्क्वैड की जिम्मेदारी दी गई। अब देह व्यापार के मामले में थाने के सहयोग से पुलिस टीम कार्रवाई करती है। पति-पत्नी के बीच के झगड़ों को निपटाने के लिए काउंसिलिंग भी हो रही है।
अब हो गए 45 थाने
आगरा में पूर्व में 42 थाने थे, जिनमें से शहर में 15 और एक महिला थाना हुआ करता था। इसी तरह देहात में 25 थाने हुआ करते थे। एक थाना पर्यटन था। अब तीन नए कमला नगर, रेंज साइबर क्राइम और एंटी हृयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाना बनने से थानों की संख्या 45 हो गई है।