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UP: सपा सरकार में था गजब का दबदबा, योगी सरकार में दोनों भाई जेल में, अखिलेश यादव के हैं बेहद करीबी
Thu, 09 Mar 2023 05:15 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 09 Mar 2023 05:15 PM IST
सार
समाजवादी पार्टी की सरकार में दोनों सपा नेता भाईयों का दबदबा जिले से लेकर सैफई परिवार से होते हुए लखनऊ तक रहता था। जिसके चलते उनके खिलाफ बोलने की कोई हिम्मत भी नहीं जुटा पाता था।
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सपा नेता रामेश्वर सिंह यादव और जुगेंद्र सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के करीबी परिवार पर पुलिस का शिकंजा कसता ही जा रहा है। जिस परिवार का समाजवादी पार्टी में गजब का दबदबा था, अब उसकी नींव हिलती जा रही है।
सपा नेता पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव को बृहस्पतिवार को मथुरा के जैत थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं ठीक नौ महीने पहले उनके बड़े भाई व सपा के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव को 9 अप्रैल 2022 को आगरा से गिरफ्तार किया गया था।
दोनों ही राजनेता भाई एटा की राजनीति में कद्दावर नेता माने जाते थे। सपा सरकार में इनका दबदबा जिले से लेकर सैफई परिवार से होते हुए लखनऊ तक रहता था। जिसके चलते उनके खिलाफ बोलने की कोई हिम्मत भी नहीं जुटा पाता था। 2017 में सत्ता परिवर्तन के बावजूद इनके रसूख में कमी नहीं आई थी और दोनों ही जिले की राजनीति में पूरी दबंगई के साथ भाजपा से संघर्ष करते रहे, लेकिन कार्यकाल के आखिरी वर्ष 2021 में ये सत्ता के निशाने पर आ गए।
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दोनों नेताओं के विरुद्ध अवैध कब्जों को लेकर संपत्ति ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। साथ ही विभिन्न आपराधिक मुकदमों का लिखना शुरू हो गया। जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद शिकंजा पूरी तरह कस दिया गया। इसमें 18 अप्रैल 2022 को कोतवाली नगर में दोनों पर लिखा गया गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा उन पर सबसे बड़ा प्रहार था।इसी मुकदमे के दम पर डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने 17 जून 2022 को दोनों की तमाम चल-अचल संपत्तियां कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया। जिसके पालन में पुलिस और प्रशासन ने एटा से लेकर फर्रुखाबाद, आगरा, कानपुर, गाजियाबाद तक की संपत्तियां कुर्क कर डालीं।
ये भी पढ़ें - UP Big News: समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका, अखिलेश यादव के करीबी सपा नेता जुगेंद्र सिंह यादव गिरफ्तार
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सपा नेता पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव को बृहस्पतिवार को मथुरा के जैत थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं ठीक नौ महीने पहले उनके बड़े भाई व सपा के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव को 9 अप्रैल 2022 को आगरा से गिरफ्तार किया गया था।
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दोनों ही राजनेता भाई एटा की राजनीति में कद्दावर नेता माने जाते थे। सपा सरकार में इनका दबदबा जिले से लेकर सैफई परिवार से होते हुए लखनऊ तक रहता था। जिसके चलते उनके खिलाफ बोलने की कोई हिम्मत भी नहीं जुटा पाता था। 2017 में सत्ता परिवर्तन के बावजूद इनके रसूख में कमी नहीं आई थी और दोनों ही जिले की राजनीति में पूरी दबंगई के साथ भाजपा से संघर्ष करते रहे, लेकिन कार्यकाल के आखिरी वर्ष 2021 में ये सत्ता के निशाने पर आ गए।
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दोनों नेताओं के विरुद्ध अवैध कब्जों को लेकर संपत्ति ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। साथ ही विभिन्न आपराधिक मुकदमों का लिखना शुरू हो गया। जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद शिकंजा पूरी तरह कस दिया गया। इसमें 18 अप्रैल 2022 को कोतवाली नगर में दोनों पर लिखा गया गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा उन पर सबसे बड़ा प्रहार था।इसी मुकदमे के दम पर डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने 17 जून 2022 को दोनों की तमाम चल-अचल संपत्तियां कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया। जिसके पालन में पुलिस और प्रशासन ने एटा से लेकर फर्रुखाबाद, आगरा, कानपुर, गाजियाबाद तक की संपत्तियां कुर्क कर डालीं।
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