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UP: दुल्हन का था इंतजार..बराती लाए दूल्हे के चचेरे भाई की लाश, सगा भाई लड़ रहा जिंदगी से जंग; जानें पूरा मामला
Sat, 15 Nov 2025 05:42 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 15 Nov 2025 05:42 PM IST
सार
घर में ढोलक की थापों पर दुल्हन के स्वागत के लिए गीत गाए जा रहे थे। लेकिन बरात में हुए झगड़े ने एक पल में खुशियों का माहौल मातम में बदल दिया। दूल्हे के परिजन का रो रोकर बुरा हाल है।
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युवक का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के एत्माद्दौला के सीता नगर से अतरौली के जगतपुर गांव गई बरात में हुई मारपीट में चचेरे भाई की मौत के बाद दूल्हे का सगा भाई जिंदगी की जंग लड़ रहा है। परिजन उसे अलीगढ़ से आगरा ले आए हैं। वह आईसीयू में भर्ती है। घर में परिजन का रो-रो कर बुरा हाल है।
दूल्हे के चचेरे भाई मोनू सिंह ने बताया कि राहुल की बरात में करीब 150 लोग बस और गाड़ियों से गए थे। बरात चढ़ने के बाद खाना खाकर आधे से ज्यादा बराती लौट आए। जयमाला और सात फेरे रह गए थे। उसके लिए दूल्हे के साथ निकट परिजन और रिश्तेदार समेत 12-14 लोग बचे थे। लड़की पक्ष के लोगों ने मारपीट कर दी।
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दूल्हे के चचेरे भाई मोनू सिंह ने बताया कि राहुल की बरात में करीब 150 लोग बस और गाड़ियों से गए थे। बरात चढ़ने के बाद खाना खाकर आधे से ज्यादा बराती लौट आए। जयमाला और सात फेरे रह गए थे। उसके लिए दूल्हे के साथ निकट परिजन और रिश्तेदार समेत 12-14 लोग बचे थे। लड़की पक्ष के लोगों ने मारपीट कर दी।
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इसमें दूल्हे के चचेरे भाई विनय, योगेंद्र, मोनवीर, दिलीप, चाचा दुर्गसिंह, गिरवर सिंह व दोस्त अरुण व अन्य की लाठी डंडे से पिटाई लगा दी। इसमें विनय और योेगेंद्र के गहरी चोटें आईं। इसमें विनय की मौत हो गई, जबकि दूल्हा राहुल का सगा भाई योगेेंद्र गंभीर चोटों के कारण आईसीयू में भर्ती है। मोनू सिंह ने बताया कि बाकी सभी घायल घर आ गए हैं।
दुल्हन आने की खुशियां मातम में बदलीं
एत्माद्दौला क्षेत्र के सीता नगर में परिजन दुल्हन के आने की खुशियोें में डूबा था। उन्होंने स्वागत के लिए तैयारी कर रखी थी। आंगन में ढोलक की थापों पर दुल्हन के स्वागत के लिए गीत गाए जा रहे थे। लेकिन बरात में हुए झगड़े ने एक पल में खुशियों का माहौल मातम में बदल दिया। दूल्हे के परिजन का रो रोकर बुरा हाल है। दूल्हे की मां सदमे में चली गईं और मृतक के परिजन उस घड़ी को कोस रहे हैं, जब वह बरात के लिए निकले थे।
एत्माद्दौला क्षेत्र के सीता नगर में परिजन दुल्हन के आने की खुशियोें में डूबा था। उन्होंने स्वागत के लिए तैयारी कर रखी थी। आंगन में ढोलक की थापों पर दुल्हन के स्वागत के लिए गीत गाए जा रहे थे। लेकिन बरात में हुए झगड़े ने एक पल में खुशियों का माहौल मातम में बदल दिया। दूल्हे के परिजन का रो रोकर बुरा हाल है। दूल्हे की मां सदमे में चली गईं और मृतक के परिजन उस घड़ी को कोस रहे हैं, जब वह बरात के लिए निकले थे।
दूल्हा दुल्हन दोनों गए दिल्ली
दूल्हे के चचेरे भाई मोनू सिंह ने बताया कि शादी में हुई मारपीट की घटना के बाद दूल्हे राहुल को दुल्हन पक्ष ने कमरे में बंद कर लिया। राहुल के परिजन घायलों को लेकर अस्पताल चले गए। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लिए। दूल्हा राहुल और दुल्हन निशा आगरा की जगह दिल्ली चले गए।
बेटियों का पालन-पोषण कैसे होगा
संजय प्लेस स्थित एक फाइनेंस कंपनी में फाइनेंसर, मृतक विनय कुमार की शादी छह वर्ष पहले रेखा से हुई थी। उनकी बड़ी बेटी हिमांशी (4) और छोटी बेटी मुंशी (8 माह) की है। पति का शव देखकर रेखा बिलख-बिलखकर रोती रही। वह कह रही थी। बरात में पसंद के कपड़े पहनकर गए थे। अब बेटियों का पालन-पोषण कैसे होगा? विनय की मां उर्मिला देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार यही कह रही थीं हमारे बुढ़ापे का सहारा कौन बनेगा। वह सदमे में हैं।
दूल्हे के चचेरे भाई मोनू सिंह ने बताया कि शादी में हुई मारपीट की घटना के बाद दूल्हे राहुल को दुल्हन पक्ष ने कमरे में बंद कर लिया। राहुल के परिजन घायलों को लेकर अस्पताल चले गए। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लिए। दूल्हा राहुल और दुल्हन निशा आगरा की जगह दिल्ली चले गए।
बेटियों का पालन-पोषण कैसे होगा
संजय प्लेस स्थित एक फाइनेंस कंपनी में फाइनेंसर, मृतक विनय कुमार की शादी छह वर्ष पहले रेखा से हुई थी। उनकी बड़ी बेटी हिमांशी (4) और छोटी बेटी मुंशी (8 माह) की है। पति का शव देखकर रेखा बिलख-बिलखकर रोती रही। वह कह रही थी। बरात में पसंद के कपड़े पहनकर गए थे। अब बेटियों का पालन-पोषण कैसे होगा? विनय की मां उर्मिला देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार यही कह रही थीं हमारे बुढ़ापे का सहारा कौन बनेगा। वह सदमे में हैं।